Kanpur: पांच दिन में चार चालान होने पर खड़ा कराया ऑटो, विवाद के बाद कर दी हत्या, चारों आरोपी गिरफ्तार
फीलखाना थाना क्षेत्र में ऑटो चालक की हत्या का मामला सामने आया है। उसका रुपयों के लेनदेन को लेकर आरोपियों से विवाद हुआ था। इस मामले में पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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कानपुर में चार हजार रुपये के मामूली विवाद में शुक्रवार रात गुप्तार घाट पर दोस्तों ने ही ऑटो चालक शिवा काफिले को पीटा और गंगा में डुबोकर हत्या कर दी। देर रात पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और शनिवार सुबह जेल भेज दिया। दरअसल, शिवा जो ऑटो चलाता था, उसका पांच दिन में एक-एक हजार का चार बार चालान हो गया। इस वजह से ऑटो जमा करा लिया गया और सिक्योरिटी मनी से चार हजार रुपये काट लिए गए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था।
मूलरूप से नेपाल निवासी शिवा काफिले (23) शुक्लागंज में दो भाई व पिता के साथ रहता था। डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने बताया कि पांच दिन पहले शिवा को नवाबगंज निवासी दोस्त लंकेश उर्फ शिवम सविता ने ऑटो किराये पर चलाने को दिया था। इसके एवज में 10 हजार रुपये सिक्योरिटी भी जमा कराई थी।
ऑटो संतोष नाम के शख्स का है। एक के बाद एक चार चालान हुए तो लंकेश भड़क गया। चालान के रुपये काटकर बाकी रकम लौटा दी और ऑटो खड़ा करा लिया। इसी बात को लेकर शुक्रवार रात गुप्तार घाट पर शिवा व लंकेश का विवाद हो गया। लंकेश ने अपने साथियों गुप्तार घाट निवासी गौरव कोरी, कल्लू कोरी व आकाश उर्फ करिया के साथ मिलकर शिवा को पीटा और गंगा में डुबो दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी डूबने से मौत की पुष्टि हुई है। शरीर पर एक दर्जन से ज्यादा चोटों के निशान भी मिले हैं।
दोस्त ने किया बचाने का प्रयास
घटना के वक्त शिवा का दोस्त रियाज भी वहां था। उसने बचाने का प्रयास किया लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। तब रियाज ने पहले शिवा के परिजनों को सूचना दी और फिर फोन पर पुलिस को जानकारी दी। फीलखाना पुलिस मौके पर पहुंची। रियाज की सूचना के आधार पर आरोपियों को पकड़ लिया।
शिवा ने ईंट मार फोड़ दिया था सिर
जांच में सामने आया कि ऑटो जमा कराए जाने पर शिवा भी भड़का हुआ था। जब वह गुप्तार घाट पहुंचा तो उसने लंकेश के सिर पर ईंट मार दी। इसके बाद लंकेश व उसके साथियों ने शिवा को दबोच लिया और हत्या कर दी। मुख्य आरोपी लंकेश चोरी के मामले में जेल भी जा चुका है। तीन महीने पहले ही रिहा हुआ था।