प्रगति कांड: परिजन बोले- नालायक बेटी के मंसूबों की होती भनक, तो कभी दिलीप से नहीं करवाते शादी, कही ये बात
Auraiya News: दिलीप हत्याकांड में प्रगति के परिजनों का कहना है कि यदि नालायक बेटी के मंसूबों की भनक लग जाती, तो वह कभी उसकी शादी दिलीप से नहीं करवाते। उन्होंने बेटी व घटना के सभी हत्यारोपियों को फांसी दी जाने की मांग रखी है।
विस्तार
औरैया जिले में हाइड्रा मालिक दिलीप हत्याकांड के पीछे उसकी पत्नी प्रगति का हाथ निकलने पर लोग दंग रह गए हैं। घटना के बाद से प्रगति के मायके पक्ष के लोगों की आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं। परिजनों ने कहा कि नालायक बेटी के मंसूबों की भनक लग जाती, तो वह कभी उसकी शादी दिलीप से नहीं करवाते। दिलीप के हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए।
मैनपुरी के भोगांव के नगला दीपा निवासी दिलीप (24) की हत्या के बाद से उसकी ससुराल सियापुर थाना फफूंद में सन्नाटा पसर गया। घटना बेटी द्वारा करवाए जाने की जानकारी पर गंभीर प्रगति के बीमार पिता हरगोविंद यादव, मां कमला देवी, भाई आलोक कुमार, आशुतोष, संतोष, भाभी सावित्री देवी स्वयं को कोसते दिखे।
बिना मर्जी शादी करवाने का आरोप मनगढ़ंत
भाई आलोक ने कहा कि प्रगति का दिलीप से बिना मर्जी शादी करवाने का आरोप मनगढ़ंत है। उसकी इस घिनौनी हरकत से वह परिवार के लिए मर चुकी है। दिलीप बहन पारुल का देवर था। वह बहुत ही सरल स्वभाव का व्यक्ति था। हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर्य रहता था। दिबियापुर में किराए पर रहकर व्यापार देखने के दौरान उसका घर आना- जाना लगा रहता था।
हत्यारोपियों को फांसी की सजा दी जाए
प्रगति भी उससे काफी घुली मिली थी। शादी दोनों की रजामंदी से हुई थी। उसे या परिजन को जरा सी भी भनक लग जाती, तो वह उसकी शादी कभी भी दिलीप से नहीं करवाते। उनकी न्यायपालिका से मांग है कि दिलीप हत्याकांड में शामिल उनकी बहन प्रगति सहित सभी हत्यारोपियों को फांसी की सजा दी जाए। इसके लिए वह स्वयं अधिकारियों से लिखित शिकायत करेंगे।
ये था पूरा मामला
फफूंद थाना क्षेत्र के खेत में 19 मार्च को खून से लथपथ मिले हाइड्रा चालक की मौत की साजिश उसकी नई नवेली पत्नी ने ही रची थी। परिजनों की पसंद से करवाई गई शादी से खफा महिला ने शादी के 15वें दिन ही प्रेमी के साथ मिलकर भाड़े के शूटरों को सुपारी दी थी। सुपारी शादी के दौरान मुंह दिखाई में मिले रुपयों से दी गई थी।
प्रेम प्रसंग में बाधा बन रहा था पति
सुपारी के बचे हुए रुपयों का लेनदेन करने के दौरान पुलिस ने हत्यारोपी पत्नी, उसके प्रेमी व एक शूटर को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से तमंचे, बाइक सहित अन्य सामान भी बरामद किया है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। मैनपुरी के भोगांव थाना के नगला दीपा निवासी हाइड्रा चालक दिलीप कुमार (24) की हत्या के मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी।
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
इसी दौरान सुपारी के रुपयों के लेनदेन की सूचना मिलने पर शनिवार दोपहर पुलिस ने हरपुरा के पास छापा मारा। वहां से सहार थानाध्यक्ष पंकज मिश्रा व स्वाट टीम प्रभारी राजीव कुमार ने दिलीप की पत्नी प्रगति को गिरफ्तार किया। महिला के अलावा मौके से उसके गांव हजियापुर फफूंद निवासी प्रेमी अनुराग उर्फ बबलू उर्फ मनोज यादव, अछल्दा के प्रेम नगर निवासी शूटर रामजी नागर को भी गिरफ्तार कर लिया।
प्रेमी के साथ पति को रास्ते से हटाने के ठान ली थी
पुलिस की पूछताछ में प्रगति ने बताया कि प्रेम प्रसंग की जानकारी होने पर परिजन ने उसकी शादी बड़ी बहन के देवर दिलीप से करा दी थी। इस शादी से वह नाखुश थी। इसलिए उसने प्रेमी के साथ पति को रास्ते से हटाने के ठान ली थी। खुद को बचाते हुए उसने दो लाख रुपये में भाड़े के शूटर बुक किए थे। बताया कि शादी में मुंह दिखाई व अन्य रस्मों के दौरान उसे मिले एक लाख रुपये उसने शूटरों को एडवांस दिए थे।
गोली मारकर गेहूं के खेत में फेंक दिया
साजिश के तहत 19 मार्च को पति जब कन्नौज के उमर्दा के पास शाह नगर से हाइड्रा लेकर लौट रहे थे, तभी पलिया गांव के समीप शूटरों से उस पर हमला करवाया था। शूटरों ने पति के साथ मारपीट की। इसके बाद सिर के पिछले हिस्से में गोली मार दी। बाद में उसे गेहूं के खेत में फेंक दिया। मरणासन्न हालत में पड़ा मिलने पर पुलिस उसे अस्पताल ले गई थी, जिसके बाद 21 मार्च को इलाज के दौरान दिलीप की मौत हो गई थी।