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औरैया: इलाज के लिए जमीन बेचने आए किसान की मौत, एक साल से फेफड़े और किडनी की बीमारी से परेशान था
Fri, 08 Jan 2021 08:34 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 08 Jan 2021 08:34 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
औरैया के बिधूना कोतवाली क्षेत्र के मुनुवापुर बेला निवासी बीमार किसान इलाज के लिए पैसों की दरकार पर शुक्रवार को जमीन का बैनामा करने तहसील पहुंचा। वहां उसकी हालत गंभीर हो गई। अस्पताल ले जाने तक उसकी मौत हो गई।
मुनुवापुर बेला निवासी शिवप्रकाश (45) पुत्र राजाराम को एक साल से फेफड़े और किडनी की बीमारी थी। वह कानपुर में इलाज करा रहा था। तीन भाइयों से कोई मदद न मिलने पर वह उधार लेकर इलाज करा रहा था। उसके पास मात्र तीन बीघा खेत हैं।
उधारी भी मिलनी बंद हो गई तो शुक्रवार को पत्नी रेनू देवी के साथ खेत बेचने तहसील पहुंचा था। वहां शिवप्रकाश की हालत बिगड़ गई। उसे सीएचसी ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। किसान की मौत की सूचना मिलते ही कोहराम मच गया।
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पत्नी रेनू देवी ने बताया कि इलाज के लिए रुपये नहीं थे, इसलिए खेत बेचना चाहते थे। चार बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। सबसे बड़ा पुत्र 12 साल और एक बेटी 10 साल फिर दो बेटे आठ और छह साल के हैं।
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मुनुवापुर बेला निवासी शिवप्रकाश (45) पुत्र राजाराम को एक साल से फेफड़े और किडनी की बीमारी थी। वह कानपुर में इलाज करा रहा था। तीन भाइयों से कोई मदद न मिलने पर वह उधार लेकर इलाज करा रहा था। उसके पास मात्र तीन बीघा खेत हैं।
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उधारी भी मिलनी बंद हो गई तो शुक्रवार को पत्नी रेनू देवी के साथ खेत बेचने तहसील पहुंचा था। वहां शिवप्रकाश की हालत बिगड़ गई। उसे सीएचसी ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। किसान की मौत की सूचना मिलते ही कोहराम मच गया।
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पत्नी रेनू देवी ने बताया कि इलाज के लिए रुपये नहीं थे, इसलिए खेत बेचना चाहते थे। चार बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। सबसे बड़ा पुत्र 12 साल और एक बेटी 10 साल फिर दो बेटे आठ और छह साल के हैं।