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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Auraiya 60 foot tall effigy of Ravana is being prepared at Ramlila ground it is crafted by Muslim artisans

औरैया: रामलीला मैदान में तैयार हो रहा है 60 फीट का रावण, मुस्लिम कारीगर बना रहे हैं पुतला, जानिए क्या है खास

Thu, 15 Oct 2026 09:43 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 15 Oct 2026 09:43 PM IST
सार

Auraiya News: तिलक नगर स्थित रामलीला मैदान में लगभग 60 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है। रावण के इस विशाल पुतले को जालौन से आए मुस्लिम कारीगरों द्वारा गढ़ा जा रहा है, जो कौमी एकता और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश कर रहे हैं। 

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Auraiya 60 foot tall effigy of Ravana is being prepared at Ramlila ground it is crafted by Muslim artisans
60 फीट रावण के पुतले की जानकारी देता कारीगर - फोटो : amar ujala

विस्तार

औरैया जिले में इस बार दशहरा पर्व को लेकर उत्साह व तैयारियां अपने चरम पर हैं। शहर के तिलक नगर स्थित रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली रामलीला के लिए इस बार लगभग 60 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है। इस आयोजन की सबसे खास और खूबसूरत बात यह है कि बुराई के प्रतीक इस रावण के पुतले को मुस्लिम कारीगरों द्वारा गढ़ा जा रहा है, जो क्षेत्र में हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की एक अनूठी मिसाल पेश कर रहा है।

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जालौन जिले से ताल्लुक रखने वाले मुस्लिम कारीगर कई दशकों से इस परंपरा को आगे बढ़ाते आ रहे हैं। कारीगर अफसर ने बताया कि उनके परिवार की चौथी पीढ़ी रावण के पुतले बनाने के इस हुनर से जुड़ी है। कहा कि औरैया में उन्हें हमेशा से भरपूर प्यार, सम्मान और अपनत्व मिला है, और कभी किसी प्रकार के भेदभाव का अहसास नहीं हुआ।
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अंतिम रूप देने में जुटे हैं कारीगर

कमेटी के सदस्यों व लोगों का सहयोग हमेशा सराहनीय रहा है। खास बात यह है कि ये कारीगर जहां एक ओर दशहरे के सीजन में रावण का पुतला तैयार करते हैं। वहीं, मुहर्रम के दिनों में ताजिए भी बनाते हैं। 60 फीट ऊंचे पुतले को अंतिम रूप देने में तीन से चार कारीगर लगन से जुटे हुए हैं। पुतले के निर्माण में मुख्य रूप से बांस की लकड़ी, कागज और बोरियों का उपयोग किया जा रहा है।

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80-90 हजार तक की लागत 

इसे तैयार करने में लगभग 80 से 90 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की लागत का अनुमान है। कमेटी के कोषाध्यक्ष अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि पुरानी नुमाइश मैदान में रावण दहन का यह आयोजन लंबे समय से होता आ रहा है। इस मौके पर सदस्य गोपालजी दुबे, बबलू दुबे, अमर मिश्रा, पिंटू अग्निहोत्री, राणा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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