फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Ashwani Lohani is current Chairman of Indian Railway Board

Indian Railways के ‘संकटमोचक’ बन पाएंगे बोर्ड के नए चेयरमैन अश्वनी लोहानी?, जानें इनके बारे में

Sat, 26 Aug 2017 09:09 AM IST
सुहेल खान, अमर उजाला, कानपुर
सुहेल खान, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 26 Aug 2017 09:09 AM IST
विज्ञापन
Ashwani Lohani is current Chairman of Indian Railway Board
रेलवे बोर्ड के नये चेयरमैन अश्वनी लोहानी
ट्रेन दुर्घटनाओं के संकट से जूझ रहे रेलवे बोर्ड के चेयरमैन बनाए गए अश्वनी लोहानी पर अब बड़ी जिम्मेदारी आ गई। जब एयर इंडिया की हालत खस्ता हुई तो उन्हें एयर इंडिया का सीएमडी बनाया गया। अब जब रेलवे संकट से जूझ रहा है ऐसे में अश्वनी को बड़ी ही सूझबूझ से एक्शन लेने की जरूरत है। अश्वनी लोहानी का यूपी के कानपुर शहर से गहरा जुड़ाव है। उनका बचपन हर्ष नगर में बीता है। शुरुआती शिक्षा दीक्षा कैंट के सेंट एलॉयसिस हाईस्कूल से हुई। यहां से उन्होंने सीनियर कैंब्रिज (इंटरमीडिएट समकक्ष) तक की पढ़ाई की। उनके पिता बसंत कुमार लोहानी वीआईपी रोड स्थित गवर्नमेंट सेंट्रल टेक्सटाइल इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल थे। लोहानी को कानपुर से खासा लगाव है। जब भी यहां आते हैं, हर्ष नगर स्थित अपने किराए के मकान मेें जरूर जाते हैं। 
विज्ञापन

तब एयर इंडिया का सीएमडी बनाया गया था
जब एयर इंडिया की हालत खस्ता हुई तो उन्हें एयर इंडिया का सीएमडी बनाया गया। अब जब रेलवे संकट से जूझ रहा है, तो भी उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। अश्वनी में रेलवे में दिल्ली डीआरएम, उत्तर रेलवे के चीफ मेकैनिकल इंजीनियर और रेल म्यूजियम के प्रमुख भी रह चुके हैं। इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर मुकेश सिंह बताते हैं कि वह कानपुर से अपनी यादें जुड़ी रखना चाहते हैं। उन्होंने उनके सामने उनके पिता बसंत कुमार लोहानी के नाम से व्याख्यानमाला कराने की बात कही तो वह राजी हो गए और हर संभव मदद का भरोसा भी दिया। ताकि उनका कानपुर आना जाना लगा रहे।

विज्ञापन

सेंट एलॉयसिस हाईस्कूल से पढ़े

Ashwani Lohani is current Chairman of Indian Railway Board
रेलवे बोर्ड के नये चेयरमैन अश्वनी लोहानी
अश्वनी लोहानी का एडमीशन कैंट के सेंट एलॉयसिस हाईस्कूल में कक्षा पांच में 18 जुलाई 1967 को हुआ था। उन्होंने यहां पर सीनियर कैंब्रिज (इंटरमीडिएट समकक्ष) तक पढ़ाई की। इस स्कूल में 10 दिसंबर 1973 तक पढ़े। उनकी दिलचस्पी मैकेनिकल इंजीनियरिंग में थी, इसलिए उन्होंने कानपुर के टेक्टसाइल इंस्टीट्यूट में बीटेक में एडमीशन तो लिया लेकिन तीन महीने बाद ही छोड़ दिया क्योंकि उन्हें बिहार के जमालपुर में इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ मेकैनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इजीनियरिंग में दाखिला मिल गया। उन्होंने यहां से इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम इंजीनियरिंग की।
 

पिता इंग्लैंड की लीड्स यूनिवर्सिटी में पढ़कर बने प्रिंसिपल

Ashwani Lohani is current Chairman of Indian Railway Board
रेलवे बोर्ड के नये चेयरमैन अश्वनी लोहानी
अश्वनी लोहानी के पिता बसंत कुमार लोहानी उत्तराखंड के रहने वाले थे। नैनीताल और अल्मोड़ा में उनका घर है। उन्होंने इंग्लैंड की लीड्स यूनिवर्सिटी से टेक्सटाइल इंजीनियरिंग के बाद पीएचडी की। इसके बाद शहर के गवर्नमेंट सेेंट्रल टेक्सटाइल इंस्टीट्यूट (जीसीटीआई) में पढ़ाने लगे। वह यहां हर्ष नगर में किराये पर रहते थे। बसंत कुमार के परिवार में बेटा अश्वनी और बेटी कुमकुम थी। बसंत 1965 से 1974 तक जीसीटीआई में वाइस प्रिंसिपल रहे। 1974 से 1983 तक वह प्रिंसिपल रहे। इसके बाद इंस्टीट्यूट की कालोनी में बने बंगले में शिफ्ट हो गए। रिटायरमेंट के बाद इलाहाबाद, लखनऊ में रहे और बाद में अपने बेटे अश्वनी के साथ दिल्ली में रहने लगे। 2014 में उनकी मृत्यु हो गई।
 
विज्ञापन

पीएम की कोर टीम में हैं अश्वनी, कानपुर से बेहद लगाव

Ashwani Lohani is current Chairman of Indian Railway Board
रेलवे बोर्ड के नये चेयरमैन अश्वनी लोहानी
अश्वनी लोहानी भले ही दिल्ली में रहते हों लेकिन उनका कानपुर से बहुत लगाव है। वे यहां अक्सर आते रहते हैं। एक नवंबर 2014 को जीसीटीआई के शताब्दी समारोह में भी शहर आए थे। घर देखा और कालोनी के लोगों से मिले भी। जीसीटीआई के प्रोफेसर वीके मल्होत्रा ने बताया कि अश्वनी उनसे इंस्टीट्यूट में जूनियर थे। उनके पिता बसंत कुमार लोहानी ने ही उन्हें यहां नौकरी में ज्वाइन कराया था। वे बहुत ईमानदार थे। उनकी छाप बेटे अश्वनी पर है। अश्वनी प्रधानमंत्री की कोर टीम के सदस्य हैं।
 

हर्ष नगर के घर से जुड़ी हैं बहुत यादें

Ashwani Lohani is current Chairman of Indian Railway Board
रेलवे बोर्ड के नये चेयरमैन अश्वनी लोहानी
अश्वनी लोहानी कानपुर के हर्ष नगर में रामसनेही कटियार के मकान में किराये पर रहते थे। बचपन के इस घर और आरएस कटियार के बेटे सुबोध कटियार के बहुत करीबी थे। सुबोध कटियार अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन अश्वनी का उनके साथ बहुत समय बीता है। सुबोध कटियार के बेटे तरुण बताते हैं कि अश्वनी चाचा ने एक किताब लिखी है। इसमें उन्होंने उनके पिता सुबोध को भी जगह दी है। आज भी जब वह कानपुर आते हैं तो घर जरूर आते हैं। 
 

कानपुर के एक्सीडेंट जोन पर होगा फोकस 

Ashwani Lohani is current Chairman of Indian Railway Board
रेलवे बोर्ड के नये चेयरमैन अश्वनी लोहानी
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन बनने के बाद कानपुर और उसके आसपास हुए रेल हादसों पर उनका फोकस हो सकता है। पुखरायां, रूरा, उन्नाव, औरैया में हुई दुर्घटनाओं के बाद कानपुर रेल एक्सीडेंट जोन बन चुका है। अश्वनी रेलवे में मानव संसाधनों को बढ़ाने के पक्षधर हैं। मुजफ्फरनगर खतौली में उत्कल एक्सप्रेस के डिरेलमेंट के बाद उन्होंने कहा था कि कि रेलवे के ढांचे में सुधार के साथ-साथ वास्तविक मानव संसाधन पर जोर देना जरूरी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed