एपी फैनी कंपाउंड मामला: पूर्व मंत्री बेरिया से बोली पुलिस- रिपोर्ट दर्ज कराएं नहीं तो बनेंगे आरोपी, कही ये बात
Kanpur News: पांच सौ करोड़ की एपी फैनी कंपाउंड की जमीन पर पूर्व मंत्री बेरिया ने सौ-सौ गज के दो प्लॉट खरीदे हैं। एडिशनल पुलिस कमिश्नर हरीश चंदर ने साफ किया है कि मामले की जांच चल रही है। मंत्री को रिपोर्ट दर्ज करानी है, तो गुरुवार तक कराएं। अगर वह नहीं कराएंगे, तो नजूल की जमीन खरीदने में उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा।
विस्तार
कानपुर के एपी फैनी कंपाउंड मामले की जांच कर रही कमिश्नरी पुलिस ने पूर्व मंत्री शिव कुमार बेरिया को दो टूक शब्दों में चेतावनी दे दी है। कहा गया है कि अगर मामले में उनके साथ धोखाधड़ी हुई है और वह खुद भी पीड़ित हैं, तो आरोपियों के खिलाफ हर हाल में गुरुवार तक एफआईआर दर्ज कराएं। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को बेरिया बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नरेश चंद्र त्रिपाठी और कांग्रेसी नेता पवन गुप्ता के साथ पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचे थे। खुद को बेकसूर बताते हुए उन्होंने एपी फैनी मामले से किसी तरह का लेना-देना न होने की बात कही। हाईकोर्ट से मामले में स्टे होने की भी बात कही लेकिन उसकी कॉपी पुलिस को नहीं दे सके, जिसके बाद एडिशनल पुलिस कमिश्नर हरीश चंदर ने साफ किया है कि मामले की जांच चल रही है।
बेरिया ने सौ-सौ गज के दो प्लॉट खरीदे हैं
मंत्री को रिपोर्ट दर्ज करानी है, तो गुरुवार तक कराएं। अगर वह नहीं कराएंगे, तो नजूल की जमीन खरीदने में उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा। बता दें, पांच सौ करोड़ की एपी फैनी कंपाउंड की जमीन पर पूर्व मंत्री बेरिया ने सौ-सौ गज के दो प्लॉट खरीदे हैं। उन्होंने इनकी रजिस्ट्री भी कराई है। चूंकि उनकी ही तरह एपी फैनी कंपाउंड में जमीन खरीदने वाले श्रेयस सचान को पुलिस आरोपी बना चुकी है।
गुरुवार तक ले लिया जाएगा निर्णय
वहीं, सलीम बिरयानी समेत कई अन्य आरोपियों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जा चुकी है। ऐसे में पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच बेरिया भी अधर में लटक गए हैं। वहीं, बेरिया ने कहा है कि रिपोर्ट कराने या न कराने को लेकर अपने करीबियों से सलाह ली जा रही है। गुरुवार तक इस पर निर्णय ले लिया जाएगा।
पिछली बार भी आया था नाम, बयान दर्ज कराने के बुलाया था
नजूल संपत्ति रजिस्टर के अनुसार 14 / 137 ऐपी फैनी कंपाउंड चुन्नीगंज नजूल के प्लाट संख्या 34 ब्लाक संख्या 14 पर स्थित है। नजूल रजिस्टर में जमीन मिशन गर्ल्स आर्फनेज के नाम दर्ज है, जिसकी लीज अवधि समाप्त हो चुकी है। संपत्ति का प्रयोग मात्र बालिका अनाथालय के लिए ही किया जाना था। मगर ऐसा नहीं हुआ। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम सदर ने जांच को पता चला कि जमीन को अन्य उपयोग में लाया जा रहा है।
श्रेयस सचान के खिलाफ कर दी थी कार्रवाई
नजूल की जमीन कब्जाने के मामले में कर्नलगंज पुलिस ने केस दर्ज किया और कई लोगों को जेल भी भेजा था। उस समय भी पूर्व मंत्री बेरिया का नाम सामने आया था। पता चला था कि उन्होंने दो जमीनें खरीदी, जिसके बाद उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। उनके अलावा कई और खरीदारों को भी तलब किया गया था। उनमें से श्रेयस सचान के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई कर दी थी।
बेरिया के खिलाफ नकेल कसनी शुरू
वहीं, बेरिया ने हाईकोर्ट से स्टे हासिल करने का हवाला दिया था। अब सलीम बिरयानी और उसके गुर्गों के खिलाफ 500 करोड़ रुपये की जमीन खरीदकर बेचने के नए मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने बेरिया के खिलाफ नकेल कसनी शुरू कर दी है। जमीन खरीदने वालों के ट्रांजेक्शन के अलावा जमीन के दस्तावेजों को खंगालने संग पुलिस सभी के बयान दर्ज हुए हैं। मामले में 11 जनवरी को सलीम बिरयानी, मोहम्मद रईस और अर्पित मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।