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Kanpur News: समय पर सही सहायता देकर बचाई जा सकती है किसी की भी जान
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इटावा। समय पर सही सहायता देकर किसी भी जान बचाई जा सकती है। यह बात गुरुवार को आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस) में बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) जन जागरूकता वाॅकाथाॅन कार्यक्रम में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में शुभारंभ करते हुए प्रति-कुलपति प्रो. (डॉ.) रमाकांत ने कहा कि हमारा संकल्प है – एक प्रशिक्षित नागरिक, सुरक्षित समाज। उन्होंने अपील की कि अधिक से अधिक लोगों तक बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण की जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में जान बचाई जा सके। एनेस्थीसिया विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस आउटरीच प्रोग्राम के तहत डॉ. विक्रम राठौड़, डॉ. शिप्रा की टीम ने ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज के छात्रों को बेसिक लाइफ सपोर्ट एवं सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रेससिटेशन) का प्रशिक्षण दिया गया। एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) ऊषा शुक्ला ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य युवाओं और आमजन में यह जागरूकता फैलाना है कि हृदय गति रुकने, दम घुटने, सड़क या जल दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों में समय पर सही सहायता देकर किसी की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद अस्पताल पहुंचने तक का समय गोल्डन ऑवर होता है, और इस दौरान दिया गया सीपीआर जीवन रक्षक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने आगे बताया कि विभाग की टीम छात्रों, डॉक्टरों, नर्सों और आम नागरिकों को निशुल्क (बीएलएस) प्रशिक्षण देने के लिए सदैव तैयार है। यदि कोई संस्था या विद्यालय यह प्रशिक्षण करवाना चाहता है तो वह विश्वविद्यालय से संपर्क कर इस नंबर 7398831999, 9456442810 पर व्हाट्सएप द्वारा समन्वय स्थापित करते हुए जानकारी ले सकते हैं। कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. मनोज, डॉ. उर्वशी, डॉ. जय, डॉ. अतीत, डॉ. अमित व मेडिकल छात्र-छात्राएं एवं समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम में शुभारंभ करते हुए प्रति-कुलपति प्रो. (डॉ.) रमाकांत ने कहा कि हमारा संकल्प है – एक प्रशिक्षित नागरिक, सुरक्षित समाज। उन्होंने अपील की कि अधिक से अधिक लोगों तक बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण की जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में जान बचाई जा सके। एनेस्थीसिया विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस आउटरीच प्रोग्राम के तहत डॉ. विक्रम राठौड़, डॉ. शिप्रा की टीम ने ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज के छात्रों को बेसिक लाइफ सपोर्ट एवं सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रेससिटेशन) का प्रशिक्षण दिया गया। एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) ऊषा शुक्ला ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य युवाओं और आमजन में यह जागरूकता फैलाना है कि हृदय गति रुकने, दम घुटने, सड़क या जल दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों में समय पर सही सहायता देकर किसी की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद अस्पताल पहुंचने तक का समय गोल्डन ऑवर होता है, और इस दौरान दिया गया सीपीआर जीवन रक्षक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने आगे बताया कि विभाग की टीम छात्रों, डॉक्टरों, नर्सों और आम नागरिकों को निशुल्क (बीएलएस) प्रशिक्षण देने के लिए सदैव तैयार है। यदि कोई संस्था या विद्यालय यह प्रशिक्षण करवाना चाहता है तो वह विश्वविद्यालय से संपर्क कर इस नंबर 7398831999, 9456442810 पर व्हाट्सएप द्वारा समन्वय स्थापित करते हुए जानकारी ले सकते हैं। कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. मनोज, डॉ. उर्वशी, डॉ. जय, डॉ. अतीत, डॉ. अमित व मेडिकल छात्र-छात्राएं एवं समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
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