एंटी डोपिंग और एंटी करप्शन टीम ने क्रिकेटरों को दी हिदायत, ग्रीनपार्क में BCCI ने लगाई क्लास
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सीनियर खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया
खिलाड़ी अक्सर एंटी डोपिंग और मैच फिक्स होने जैसी शिकायतों पर प्रतिबंधित होने की कार्रवाई का शिकार होते हैं। इस कार्यशाला में टीम इंडिया के क्रिकेटर सुरेश रैना, प्रवीण कुमार समेत रणजी और प्रदेश स्तर के सीनियर खिलाड़ियों ने भी हिस्सा लिया। बीसीसीआई की एंटी डोपिंग टीम के डॉ. अभिषेक सालवी ने क्रिकेटरों को वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) की डोपिंग टेस्ट में पॉजिटिव होने वाली दवाएं, स्टीरॉयड, इंजेक्शन की इस साल जारी नई लिस्ट की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि अगर किसी को बुखार की शिकायत है और वह डॉक्टर की लिखी दवाएं ले रहा है तो उन्हें वाडा लिस्ट में शामिल दवाओं की जानकारी दे दें। वजह है कि किसी भी तरह की दवा का असर कम से कम 72 घंटे तक इंसान के खून में होता है। ऐसे में एंटी डोपिंग टीम ने ब्लड सैंपल लिये तो प्रतिबंधित दवाओं का सेवन करने पर खिलाड़ी डोप टेस्ट में आरोपी बन जाएंगे।
अनजान से कभी अकेले में न मिलें
बीसीसीआई एंटी करप्शन टीम के धीरज मल्होत्रा ने खिलाड़ियों को बताया कि अगर वह किसी व्यक्ति के बारे में अनभिज्ञ हैं तो उससे कभी अकेले में न मिलें, बल्कि टीम के विश्वस्त अधिकारी के साथ मिलें। किसी अपरिचित व्यक्ति से गिफ्ट न लें। अगर किसी महंगे गिफ्ट के बदले कोई जानकारी या सूचना मांगी गई तो टीम के प्रबंधन को जानकारी दें। बीसीसीआई की एंटी करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (एसीएसयू) टीम को जानकारी देने पर खिलाड़ी की पहचान गुप्त रखी जाएगी। इस मौके पर खिलाड़ी सुरेश रैना, प्रवीण कुमार, एकलव्य द्विवेदी, उमंश शर्मा, अक्षदीप नाथ, इम्तियाज अहमद, इसरार खान, कार्तिकेय जायसवाल, माधव कौशिक, समर्थ सिंह, अलमास शौकत जैसे खिलाड़ियों के अलावा रणजी गेंदबाजी कोच एडब्लू जैदी, अंडर-23 टीम के मैनेजर सतीश जायसवाल, शशिकांत खांडेकर, तालिब खान, यूपीसीए के सीईओ दीपक श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष रियासत अली, जीएम आशू मल्होत्रा आदि मौजूद रहे।