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‘मुर्दों’ को रेमडेसिविर लगाने का मामला: एक और फार्मासिस्ट निलंबित, न्यूरो साइंसेस अस्पताल में थी तैनाती
Thu, 17 Jun 2021 08:54 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 17 Jun 2021 08:54 PM IST
सार
‘मुर्दों’ को रेमडेसिविर लगाने के मामले में जीसीवीएम मेडिकल कालेज प्रबंधन ने एक और फार्मासिस्ट को निलंबित कर दिया है।
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हैलट अस्पताल
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
उत्तर प्रदेश के कानपुर में मुर्दों को रेमडेसिविर लगाए जाने के प्रकरण में जीसीवीएम मेडिकल कालेज प्रबंधन ने एक और फार्मासिस्ट को निलंबित कर दिया है। इस संबंध में कालेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने आदेश जारी कर दिया है।
फार्मासिस्ट निर्मल पाठक न्यूरो साइंसेस लेवल थ्री कोविड अस्पताल में तैनात रहे थे। उनका निलंबन अभिलेखों के ढंग से रख-रखाव और अपडेट न रखने के आरोप में किया गया है। रेमडेसिविर प्रकरण में न्यूरो साइंसेस की सिस्टर इंचार्ज और एक फार्मासिस्ट को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
इसके साथ ही नौ लोगों से स्पष्टीकरण तलब किया है। न्यूरो साइंसेस के अधीक्षक और सह अधीक्षक से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इस मामले की जांच अभी जा रही है। इसी के क्रम में गुरुवार को एक और फार्मासिस्ट का निलंबन कर दिया गया।
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बताया जा रहा है कि कागजात को दुरुस्त न रखने की वजह से यह गड़बडी हुई है। फार्मासिस्ट के ऊपर दवा के वितरण की जिम्मेदारी रही है। अगर अभिलेखों को समय से ब्योरा अपडेट किया जा रहता है तो दिक्कत न होती।
जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने बताया कि जांच पारदर्शिता के साथ की जा रही ह ै। जिसकी भी लापरवाही और गड़बड़ी मिलेगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी गलत न फंसाया जाएगा और न बचाया जाएगा।
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फार्मासिस्ट निर्मल पाठक न्यूरो साइंसेस लेवल थ्री कोविड अस्पताल में तैनात रहे थे। उनका निलंबन अभिलेखों के ढंग से रख-रखाव और अपडेट न रखने के आरोप में किया गया है। रेमडेसिविर प्रकरण में न्यूरो साइंसेस की सिस्टर इंचार्ज और एक फार्मासिस्ट को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
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इसके साथ ही नौ लोगों से स्पष्टीकरण तलब किया है। न्यूरो साइंसेस के अधीक्षक और सह अधीक्षक से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इस मामले की जांच अभी जा रही है। इसी के क्रम में गुरुवार को एक और फार्मासिस्ट का निलंबन कर दिया गया।
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बताया जा रहा है कि कागजात को दुरुस्त न रखने की वजह से यह गड़बडी हुई है। फार्मासिस्ट के ऊपर दवा के वितरण की जिम्मेदारी रही है। अगर अभिलेखों को समय से ब्योरा अपडेट किया जा रहता है तो दिक्कत न होती।
जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने बताया कि जांच पारदर्शिता के साथ की जा रही ह ै। जिसकी भी लापरवाही और गड़बड़ी मिलेगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी गलत न फंसाया जाएगा और न बचाया जाएगा।