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23 बच्चों की जान बचाने वाली बहादुर अंजलि का नाम बाल शक्ति पुरस्कार के लिए प्रस्तावित होगा
Thu, 06 Feb 2020 04:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा
माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर
माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 06 Feb 2020 04:06 AM IST
सार
- अंजलि ने सिलिंडर बम का तार निकाल बचाई थी 23 बच्चों की जान
- हर साल 26 जनवरी को दिल्ली में आयोजित होता है सम्मान समारोह
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राष्ट्रपति कोविंद
- फोटो : President of India Website
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विस्तार
फर्रुखाबाद के करथिया गांव में सिलेंडर बम का तार काट 23 बच्चों की जान बचाने वाली बहादुर अंजलि (14) को अगले साल राष्ट्रपति के हाथों बाल शक्ति पुरस्कार मिल सकता है। पुरस्कार के लिए उसका नाम भेजा जाएगा। वहीं अंजलि समेत अन्य सभी 23 बच्चों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सम्मानित करेंगे। इस संबंध में लखनऊ में सम्मान समारोह का आयोजन होगा।
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करथिया गांव में बदमाश सुभाष बाथम व उसकी पत्नी ने अपनी बेटी की बर्थडे पार्टी के बहाने गांव के 23 बच्चों को घर पर बुलाया था। यहां तहखाने में दंपति ने मिलकर बच्चों को बंधक बना लिया था। तहखाने में 15 किलो बारूद से भरा सिलिंडर बम रखा था। यहीं पर सभी बच्चे बंधक बने थे।
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तभी 14 वर्षीय अंजलि ने सिलिंडर बम के तार को दांतों से काट दिया था। इससे बड़ी घटना टल गई थी। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि अंजलि का नाम राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए भेजा जाएगा। इसके पहले सभी बच्चों को मुख्यमंत्री के हाथों भी सम्मान मिलेगा।
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बच्चों का हौसला भी बढ़ाया
आईजी ने बताया कि बंधक बनाए गए बच्चों में कई कम उम्र के बच्चे शामिल थे। सुभाष की क्रूरता का डर उनके भीतर समा गया था। इस दौरान अंजलि ने इन बच्चों का हौसला बढ़ा हिम्मत बंधाई थी। तभी बच्चे दस घंटे तक धैर्य से बैठे रहे।