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क्लैट में अनुभूति ने किया सिटी टॉप
AMARUJALA BEARO
Updated Tue, 24 May 2016 01:20 AM IST
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क्लैट की सिटी टॉपर अनुभूति मैथानी पिता अरुण और मां रचना के साथ।
- फोटो : amarujala
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कानपुर। कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) 2016 के रिजल्ट में शहर के मेधावियों का प्रदर्शन अच्छा है। 199 में से 160 मार्क्स हासिल करके शहर की अनुभूति मैथानी ने सिटी टॉप किया है। उनकी ऑल इंडिया रैंक 76 है। वह लॉ ग्रेजुएट बनकर कारपोरेट सेक्टर ज्वाइन करना और उस पर रिसर्च करना चाहती हैं। 126वीं रैंक हासिल करके उत्कर्ष मित्तल लड़कों के सिटी टॉपर बने हैं। उत्कर्ष के 199 में 157.5 अंक हैं। ईशांत जायसवाल की 138वीं रैंक है। सुविज्ञ श्रीवास्तव ने 199 में से 156 मार्क्स लाकर आल इंडिया में 165वीं रैंक हासिल की। अनुना तिवारी को क्लैट में 169वीं रैंक मिली है।
क्लैट का रिजल्ट रविवार देर रात घोषित हुआ। फीलखाना के अमर टंडन की 174वीं रैंक है और वह सिटी के तीसरे टॉपर हैं। चैतन्य अवस्थी ने 184वीं रैंक हासिल करके शहर का मान बढ़ाया है। अनमोल कनोडिया की 327वीं और सृजन श्रीवास्तव की 392वीं रैंक है। ओजस्व पाठक ने 419वीं रैंक हासिल करके श्रेष्ठता साबित की है। कार्तिकेय की आल इंडिया रैंक 1546 है। शहर के ही सिद्धांत श्रीवास्तव, अक्षत कृष्णनन और सक्षम का भी सेलेक्शन हुआ है।
सिटी टॉपर का कारपोरेट लॉ में रिसर्च का इरादा
कारपोरेट लॉ में रिसर्च करने की इच्छुक अनुभूति का इरादा शिक्षक बनने का है। फिर सिविल सर्विस की प्रतियोगी परीक्षा पास करके आईआरएस (इंडियन रेवन्यू सर्विसेज) ज्वाइन करना चाहती हैं। उनका कहना है कि कॉमर्स बैक ग्राउंड की पढ़ाई आईआरएस के कामकाज में सहायक साबित होगी।
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सफलता का सूत्र
बेहतर तैयारी हो, इस कारण सोशल मीडिया से दूरी बना ली। पिछले एक साल से सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं किया। मोबाइल से दूरी बनाए रखी। पूरा फोकस क्लैट पर था। अब अच्छी रैंक के साथ इसका इनाम मिला है।
सफलता का मंत्र
लगन और कड़ी मेहनत से लक्ष्य को भेदा जा सकता है। लॉ की पढ़ाई टफ होती है। इसलिए फोकस्ड रहना जरूरी है। भटकाव हुआ तो सफलता नहीं मिलेगी।
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क्लैट का रिजल्ट रविवार देर रात घोषित हुआ। फीलखाना के अमर टंडन की 174वीं रैंक है और वह सिटी के तीसरे टॉपर हैं। चैतन्य अवस्थी ने 184वीं रैंक हासिल करके शहर का मान बढ़ाया है। अनमोल कनोडिया की 327वीं और सृजन श्रीवास्तव की 392वीं रैंक है। ओजस्व पाठक ने 419वीं रैंक हासिल करके श्रेष्ठता साबित की है। कार्तिकेय की आल इंडिया रैंक 1546 है। शहर के ही सिद्धांत श्रीवास्तव, अक्षत कृष्णनन और सक्षम का भी सेलेक्शन हुआ है।
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सिटी टॉपर का कारपोरेट लॉ में रिसर्च का इरादा
कारपोरेट लॉ में रिसर्च करने की इच्छुक अनुभूति का इरादा शिक्षक बनने का है। फिर सिविल सर्विस की प्रतियोगी परीक्षा पास करके आईआरएस (इंडियन रेवन्यू सर्विसेज) ज्वाइन करना चाहती हैं। उनका कहना है कि कॉमर्स बैक ग्राउंड की पढ़ाई आईआरएस के कामकाज में सहायक साबित होगी।
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सफलता का सूत्र
बेहतर तैयारी हो, इस कारण सोशल मीडिया से दूरी बना ली। पिछले एक साल से सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं किया। मोबाइल से दूरी बनाए रखी। पूरा फोकस क्लैट पर था। अब अच्छी रैंक के साथ इसका इनाम मिला है।
सफलता का मंत्र
लगन और कड़ी मेहनत से लक्ष्य को भेदा जा सकता है। लॉ की पढ़ाई टफ होती है। इसलिए फोकस्ड रहना जरूरी है। भटकाव हुआ तो सफलता नहीं मिलेगी।