Amar Ujala Divyaang Mela:मेले में उमड़ी उम्मीदों की भीड़, 1686 दिव्यांगजनों का पंजीकरण, 495 का किया चिह्नांकन
Unnao News: जिले में आयोजित मेले के दौरान 1686 लोगों ने अपना पंजीकरण कराया। इनमें दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए 218 ने पंजीकरण कराया। इनमें से 110 के प्रमाण पत्र जारी किए गए। एलिम्को की टीम ने 495 लोगों को सहायक उपकरण देने के लिए चिहिन्त किया है।
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उन्नाव जिले में जिला प्रशासन, अमर उजाला फाउंडेशन और एलिम्को के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को सदर तहसील परिसर में दिव्यांग मेला का आयोजन किया गया। मेले में सभी 16 विकास खंडों से आए 1686 दिव्यांगजनों का पंजीकरण किया गया। इसके बाद अलग-अलग काउंटरों पर दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने, जीवन सहायक उपकरण के लिए परीक्षण किया गया।
एलिम्को की ओर से सहायक उपकरण के लिए 495 दिव्यांगों को चिह्नित कर लिया गया। कार्यक्रम के दौरान डीएम अपूर्वा दुबे जिले से बाहर थीं इसके बाद दिव्यांग सेवा के इस सराहनीय कार्य को सकुशल संपन्न होने तक फोन कर जानकारी लेती रहीं। वहीं सीडीओ ऋषिराज, डीडीओ राजेश पांडेय, एसडीएम नम्रता सिंह, युवा कल्याण अधिकारी शिवराम सिंह, जिला प्रोवेशन अधिकारी क्षमानाथ राय ने व्यवस्था संभाली।
495 लोगों को सहायक उपकरण देने के लिए चिहिन्त किया
मेले के दौरान 1686 लोगों ने अपना पंजीकरण कराया। इनमें दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए 218 ने पंजीकरण कराया। इनमें से 110 के प्रमाण पत्र जारी किए गए। एलिम्को की टीम ने 495 लोगों को सहायक उपकरण देने के लिए चिहिन्त किया है। 350 लोगों के आय प्रमाण पत्र न होनने पर सीडीओ ने तत्काल लेखपाल और जनप्रतिनिधियों को बुलाकर उनके इस मेले के लिए आय प्रमाण पत्र जारी कराए। शिविर में 110 लोगों दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए गए। 43 लोगों को एक्सरे आदि की परीक्षण प्रक्रिया पूरी करने लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।
नियमानुसार तय समय सीमा पूरी होने के बाद उपकरण उपलब्ध कराने का आश्वासन
एल्मिको की टीम ने 495 लोगों को उपकरणों के लिए चयनित किया। जिन लोगों को यूडीआईडी व अन्य कमियों की वजह से परीक्षण नहीं हो सका उन्हें प्रपत्र पूरे कराने को कहा गया। उनका ब्योरा दर्ज कर आने वाले दिनों में फोन पर सूचना देकर ब्लाक मुख्यालय परीक्षण की शेष प्रक्रिया पूरी करने की बात कही। जिन्हें पिछले तीन वर्ष के भीतर उपकरण मिल चुके हैं उन्हें नियमानुसार तय समय सीमा पूरी होने के बाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
सीडीओ ने संभाली व्यवस्थाएं, डीडीओ दिन भर रहे सक्रिय
सीडीओ ऋषिराज ने दिव्यांग मेले की व्यवस्थाएं खुद संभालीं। वह मेले में घूमकर दिव्यांगजनों से उनकी समस्या की जानकारी तत्काल समाधान भी कराते रहे। बड़ी संख्या में ऐसे दिव्यांगजनों ने भी पंजीकरण करा लिया था, जिन्हें राशन कार्ड, आवास या शौचालय की आवश्यकता थी। डीडीओ ने खंड विकास अधिकारियों उन्हें भी पात्रता के आधार पर लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। दिव्यांगों को बसों से रवाना करने और गंतव्य तक पहुंचने की सूचना मिलने के बाद ही सीडीओ, डीडीओ, एसडीएम और तहसीलदार मेला स्थल से रवाना हुए।
दिव्यांगों ने कही ये बात
- इटौली की प्रीति ने बताया कि वह दोनों पैरों से दिव्यांग से कई बार जन प्रतिनिधियों से ट्राई साइकिल के लिए गुहार लगाई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बताया कि शिविर में ट्राइसाइकिल के लिए पंजीकरण हो गया है।
- मियागंज की तनू गुप्ता ने बताया कि शिविर में पहुंचकर ट्राई साइकिल के लिए पंजीकरण कराया है। बताया कि इसके पूर्व कई बार अन्य शिविरों में आवेदन किया था। अब उम्मीद है कि उन्हें ट्राई साइकिल मिल जाएगी।
- पाल्हेपुर के राजेंद्र कुमार ने बताया कि अखबार में पढ़कर शिविर पहुंचा हूं। यहां पंजीकरण करवा दिया है। अब ट्राई साइकिल मिलने की उम्मीद है। बताया कि उन्हें चलने और अन्य काम धंधा करने में आसानी होगी।
- ऊंचगांव के उमेश ने बताया कि कई बार जनप्रतिनिधियों से ट्राई साइकिल के लिए कहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कैंप में पंजीकरण करवाया है। बताया कि अधिकारियों ने जल्द ट्राई साइकिल दिलाने का भरोसा दिया।
इनका भी रहा सहयोग
एनसीसी के एएमओ डॉ. विपिन सिंह, एनसीसी कैडेड्टस, एसीएमओ डॉ.हरिनंदन प्रसाद, लेखपाल अविनाश तिवारी, मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. विकास दीक्षित, काउंसलर सरस्वती रानी, डॉ. विकास सचान, डॉ. निरुपम अवस्थी, डॉ. पवन तिवारी, डॉ. शुभा वर्मा, डॉ.रोहित सिंह डॉ. ईना बुद्धि राजा, सत्यम शुक्ला। एल्मिको के पुर्नवास विशेषज्ञ अब्दुल रहमान, ऑडियोलॉजिस्ट अशोक कुमार, टेक्नीशियन विनय कुमार, दिव्यांग परीक्षक कुलदीप पांडेय। डाटा टीम में प्रिंस अवस्थी, अजीत वर्मा, वैभव शुक्ला।