{"_id":"5c42b0acbdec22736c04b835","slug":"amar-ujala-aparajita-campaign-organized-an-programme-on-traffic-awareness","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्सः घर पर माता-पिता को रहता आपके आने का इंतजार, हमेशा हेलमेट पहनों","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्सः घर पर माता-पिता को रहता आपके आने का इंतजार, हमेशा हेलमेट पहनों
Sat, 19 Jan 2019 12:47 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 19 Jan 2019 12:47 PM IST
विज्ञापन
ट्रैफिक पुलिस इंस्पेक्टर शिव सिंह ने यातायात जागरुकता से जुड़ी अहम जानकारियां दीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जब भी बाइक पर निकलो हेलमेट जरूर पहनो। कार चलाते वक्त सीट बेल्ट जरूर बांधो। याद रखो घर पर माता-पिता आपके आने का इंतजार कर रहे हैं। आपको एक छोटी सी खरोंच लगने पर विचलित होने वाले माता-पिता एक्सीडेंट को कैसे बर्दाश्त कर पाएंगे। यह सीख शुक्रवार को कानपुर में अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत गोविंदनगर स्थित खालसा ब्वॉयज इंटर कॉलेज में ट्रैफिक पुलिस इंस्पेक्टर शिव सिंह छोंकर ने दी। उन्होंने यातायात जागरुकता से जुड़ी कई अहम जानकारियां दीं।
उन्होंने बच्चों को उन्हीं के अंदाज में ट्रैफिक नियम समझाए। कहा कि कई बच्चे स्कूटी चलाते वक्त हेलमेट गाड़ी में टांग लेते हैं। तीन सवारी वाहन चलाते हैं। मोबाइल में हेड फोन लगाकर सफर करते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। हाल ही में कई घटनाएं ऐसी हुई जिसमें कान में हेड फोन लगाए युवक-युवतियों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर अगर कोई हादसा होता है तो उसे गैर इरादतन हत्या माना जाता है और कठोर कारावास भी हो सकती है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रधानाचार्य हेमराज सिंह गौर, उप प्रधानाचार्य एके त्रिवेदी, शिक्षक आरएस लांबा, मधुकर दीक्षित, आतमजीत सिंह, अरुण सिंह, सतनाम भाटिया, सुनील अवस्थी, सौरभ जोशी का सहयोग रहा। इस दौरान राहुल राजपूत, दीपेंद्र सिंह, रोहित कुमार, आयुष तिवारी, विकास सिंह, हिमांशु पटेल और हरिओम यादव मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बच्चों को उन्हीं के अंदाज में ट्रैफिक नियम समझाए। कहा कि कई बच्चे स्कूटी चलाते वक्त हेलमेट गाड़ी में टांग लेते हैं। तीन सवारी वाहन चलाते हैं। मोबाइल में हेड फोन लगाकर सफर करते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। हाल ही में कई घटनाएं ऐसी हुई जिसमें कान में हेड फोन लगाए युवक-युवतियों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर अगर कोई हादसा होता है तो उसे गैर इरादतन हत्या माना जाता है और कठोर कारावास भी हो सकती है।
विज्ञापन
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रधानाचार्य हेमराज सिंह गौर, उप प्रधानाचार्य एके त्रिवेदी, शिक्षक आरएस लांबा, मधुकर दीक्षित, आतमजीत सिंह, अरुण सिंह, सतनाम भाटिया, सुनील अवस्थी, सौरभ जोशी का सहयोग रहा। इस दौरान राहुल राजपूत, दीपेंद्र सिंह, रोहित कुमार, आयुष तिवारी, विकास सिंह, हिमांशु पटेल और हरिओम यादव मौजूद थे।
विज्ञापन