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आरोप : दो माह में भूख-प्यास से मर गए 70 गोवंश, मिल रहीं धमकियां
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कानपुर। सरसौल ब्लॉक के नारायणपुर गांव स्थित कानपुर सोसायटी गोशाला की शाखा सफीपुर गोशाला की वायरल तस्वीरें सोसाइटी की व्यवस्था की पोल खोल रही है। गोशाला के केयरटेकर शिवबाबू का दावा है कि बीते दो माह में 70 से अधिक गोवंश सर्दी और भूख से तड़पकर मर गए। खामियों को उजागर करने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद केयरटेकर ने धमकियां मिलने का आरोप भी लगाया है। मामले में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने गोशाला सोसायटी के महामंत्री को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।
वायरल वीडियो में गोशाला की दयनीय स्थिति साफ नजर आ रही है। कई गोवंश नांद के ऊपर मृत पड़े हैं, जिनके शवों को कौवों ने नोच-नोचकर क्षत-विक्षत कर दिया है। जो गोवंश जीवित हैं वे चलने-फिरने में असमर्थ दिखाई दे रहे हैं। आरोप यह भी हैं कि कुछ कमजोर गोवंशों को तो कुत्तों ने जिंदा ही नोच डाला। केयरटेकर शिवबाबू ने बताया कि गोशाला में केवल दूध देने वाले गोवंशों को ही चारा उपलब्ध कराया जाता है। बाकियों को जंगल में छोड़ दिया जाता है। भरपेट चारा और पानी की कमी के कारण ही लगातार सर्दी के मौसम में गोवंशों की मौतें हो रही हैं।
केयरटेकर ने आरोप लगाया कि गोशाला की बदहाली के वीडियो वायरल करने पर पड़ोसी गांव के एक प्रधान ने उसे गालियां दीं, मोबाइल छीन लिया और जबरदस्ती फोटो-वीडियो व अन्य साक्ष्य डिलीट करा दिए। राजस्व और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने सफीपुर गोशाला का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि गोशाला की जालियां टूटी हुई हैं। चारों ओर गंदगी फैली है। सर्दी से बचाव के लिए काऊ कोट और तिरपाल और चारा-पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिली।
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निरीक्षण के दौरान सामने आईं खामियों को दुरूस्त करने के निर्देश सोसाइटी को दिए गए हैं। केयर टेकरों की लापरवाही भी सामने आई है।
- निशांत राय, बीडीओ सरसौल
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वायरल वीडियो में गोशाला की दयनीय स्थिति साफ नजर आ रही है। कई गोवंश नांद के ऊपर मृत पड़े हैं, जिनके शवों को कौवों ने नोच-नोचकर क्षत-विक्षत कर दिया है। जो गोवंश जीवित हैं वे चलने-फिरने में असमर्थ दिखाई दे रहे हैं। आरोप यह भी हैं कि कुछ कमजोर गोवंशों को तो कुत्तों ने जिंदा ही नोच डाला। केयरटेकर शिवबाबू ने बताया कि गोशाला में केवल दूध देने वाले गोवंशों को ही चारा उपलब्ध कराया जाता है। बाकियों को जंगल में छोड़ दिया जाता है। भरपेट चारा और पानी की कमी के कारण ही लगातार सर्दी के मौसम में गोवंशों की मौतें हो रही हैं।
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केयरटेकर ने आरोप लगाया कि गोशाला की बदहाली के वीडियो वायरल करने पर पड़ोसी गांव के एक प्रधान ने उसे गालियां दीं, मोबाइल छीन लिया और जबरदस्ती फोटो-वीडियो व अन्य साक्ष्य डिलीट करा दिए। राजस्व और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने सफीपुर गोशाला का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि गोशाला की जालियां टूटी हुई हैं। चारों ओर गंदगी फैली है। सर्दी से बचाव के लिए काऊ कोट और तिरपाल और चारा-पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिली।
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निरीक्षण के दौरान सामने आईं खामियों को दुरूस्त करने के निर्देश सोसाइटी को दिए गए हैं। केयर टेकरों की लापरवाही भी सामने आई है।
- निशांत राय, बीडीओ सरसौल