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फर्रुखाबाद जेल में उपद्रव की सूचना से अलर्ट
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Sun, 26 Mar 2017 11:56 PM IST
सार
-उन्नाव जेल में बंदियों और बैरिकों की ली गई तलाशी
-जेल अधीक्षक के अनुसार रूटीन चेकिंग, नहीं मिली प्रतिबंधित सामग्री
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उन्नाव जिला कारागार।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
फर्रूखाबाद जेल में बंदियों के उपद्रव की सूचना के बाद उन्नाव जेल प्रशासन भी अलर्ट हो गया। अधिकारियों की मौजूदगी में बंदी रक्षकों ने बंदियों और बैरिकों की तलाशी ली। उन बंदियों पर खास नजर रही जो हाल के दिनों में पेशी पर गए थे।
फरुखाबाद जेल में रविवार सुबह बंदियों ने जमकर उपद्रव किया। बवाल इतना बढ़ा कि बंदियों ने पथराव कर दिया जिसमें कुछ जेल अधिकारियों को भी चोटे भी आईं। घटना की जानकारी होने के बाद उन्नाव जेल प्रशासन भी अलर्ट हो गया। सभी डिप्टी जेलरों की निगरानी में बंदी रक्षकों ने जेल में तलाशी अभियान चलाया। सभी बंदियों और बैरिकों की सघन तलाशी ली गई।
इस दौरान उन बंदियों पर खास नजर रही जो बीते सप्ताह पेशी के लिए जेल से बाहर भेजे गए थे। हालांकि कई घंटे तलाशी के बाद भी जेल में कोई प्रतिबंधित सामग्री नहीं मिली। जेल अधीक्षक आशीष कुमार तिवारी ने बताया कि जेल में तलाशी रूटी प्रक्रिया है। रूटीन के तहत रविवार को भी तलाशी ली गई थी। कोई खास बात नहीं रही और न ही किसी बंदी या बंदी बैरिक से कोई अपत्तिजनक सामग्री मिली।
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24 कैदी फतेहगढ़ सेंट्रल जेल शिफ्ट हुए
न्यालाय से सजा पा चुके 24 कैदियों को रविवार को जेल प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा के बीच फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया। हालांकि जेल अधीक्षक ने बताया कि उन्नाव जेल में करीब तीन सौ कैदी हैं जिन्हे सजा हो चुकी है। उन्हें फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया जाना था लेकिन चुनाव आचार संहिता के चलते शिफ्ट करने का काम पूरा नहीं हो पाया था। आचार संहिता खत्म होते ही शिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया गया है।
उन्नाव जेल में हुई प्रमुख बड़ी घटनाओं पर एक नजर
-01 अगस्त 2013 को जेल में तैनात बंदीरक्षक विजय सिंह पर बैरक नंबर सात में हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी ने घायल किया।
-22 जनवरी 2014 को खाना बनाने के काम में लगाए गए बंदियों ने सिपाही सुनील यादव के साथ मारपीट की।
-23 जनवरी 2014 को जेल की हाई सिक्योरिटी सेल में बंदियों के दो गुटों में जमकर मारपीट हुई।
-25 जनवरी 2014 को जेल की बैरक में दो बंदियों में विवाद हुआ। इसके बाद एक बंदी ने चम्मच को चाकू का रूप देकर हमला किया।
29 जनवरी 2014 को एक बंदी के पास मोबाइल मिलने पर उसकी पिटाई से नराज बंदियों ने हंगामा करते हुए जमकर पथराव किया था। जिसमें एक डिप्टी जेलर समेत कई बंदी रक्षकों को चोटे आईं थीं। घटना में जेल अधीक्षक का ट्रांसफर कर दिया गया था वही हमलावर बंदियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही उन्हें दूसरी जेलों में शिफ्ट कर दिया गया था।
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फरुखाबाद जेल में रविवार सुबह बंदियों ने जमकर उपद्रव किया। बवाल इतना बढ़ा कि बंदियों ने पथराव कर दिया जिसमें कुछ जेल अधिकारियों को भी चोटे भी आईं। घटना की जानकारी होने के बाद उन्नाव जेल प्रशासन भी अलर्ट हो गया। सभी डिप्टी जेलरों की निगरानी में बंदी रक्षकों ने जेल में तलाशी अभियान चलाया। सभी बंदियों और बैरिकों की सघन तलाशी ली गई।
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इस दौरान उन बंदियों पर खास नजर रही जो बीते सप्ताह पेशी के लिए जेल से बाहर भेजे गए थे। हालांकि कई घंटे तलाशी के बाद भी जेल में कोई प्रतिबंधित सामग्री नहीं मिली। जेल अधीक्षक आशीष कुमार तिवारी ने बताया कि जेल में तलाशी रूटी प्रक्रिया है। रूटीन के तहत रविवार को भी तलाशी ली गई थी। कोई खास बात नहीं रही और न ही किसी बंदी या बंदी बैरिक से कोई अपत्तिजनक सामग्री मिली।
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24 कैदी फतेहगढ़ सेंट्रल जेल शिफ्ट हुए
न्यालाय से सजा पा चुके 24 कैदियों को रविवार को जेल प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा के बीच फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया। हालांकि जेल अधीक्षक ने बताया कि उन्नाव जेल में करीब तीन सौ कैदी हैं जिन्हे सजा हो चुकी है। उन्हें फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया जाना था लेकिन चुनाव आचार संहिता के चलते शिफ्ट करने का काम पूरा नहीं हो पाया था। आचार संहिता खत्म होते ही शिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया गया है।
उन्नाव जेल में हुई प्रमुख बड़ी घटनाओं पर एक नजर
-01 अगस्त 2013 को जेल में तैनात बंदीरक्षक विजय सिंह पर बैरक नंबर सात में हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी ने घायल किया।
-22 जनवरी 2014 को खाना बनाने के काम में लगाए गए बंदियों ने सिपाही सुनील यादव के साथ मारपीट की।
-23 जनवरी 2014 को जेल की हाई सिक्योरिटी सेल में बंदियों के दो गुटों में जमकर मारपीट हुई।
-25 जनवरी 2014 को जेल की बैरक में दो बंदियों में विवाद हुआ। इसके बाद एक बंदी ने चम्मच को चाकू का रूप देकर हमला किया।
29 जनवरी 2014 को एक बंदी के पास मोबाइल मिलने पर उसकी पिटाई से नराज बंदियों ने हंगामा करते हुए जमकर पथराव किया था। जिसमें एक डिप्टी जेलर समेत कई बंदी रक्षकों को चोटे आईं थीं। घटना में जेल अधीक्षक का ट्रांसफर कर दिया गया था वही हमलावर बंदियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही उन्हें दूसरी जेलों में शिफ्ट कर दिया गया था।