एक अप्रैल से हाईवे पर शराब की दुकानें बंद
हाईवे से उजड़ेगी 118 शराब की दुकानें सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका की खारिज
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सड़क दुर्घटनाओं के पीछे शराब पीकर ड्राइविंग करने को बड़ी वजह सामने आने पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे मार्गों से दुकानें हटाने के आदेश दिए हैं। इससे अनुज्ञापियों ने होने वाली समस्या का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। उस याचिका को कोर्ट ने गुरुवार को निरस्त कर दिया। जिले में डीसीआरबी (डिस्ट्रिक क्राइम रिकार्ड ब्यूरो) के मुताबिक हाईवे मार्गों पर हर दिन औसतन एक मौत होती है। जिले में बियर की 56, अंग्रेजी शराब की 69, देशी की 272 और एक मॉडल शॉप है।
जिले की हाईवे सीमा पर कुल 118 अंग्रेजी, बियर व देशी शराब की दुकानें हैं। ये दुकानें राष्ट्रीय राज्यमार्ग के अलावा मुगल राज्य मार्ग, बांदा-टांडा राज्य मार्गों पर हैं। दुकानों से उपभोग राजस्व और व्यवस्थापन लाइसेंस फीस का राजस्व करीब 46 करोड़ के करीब है। हाईवे पर स्थित शराब दुकानों की बिक्री बाकी स्थानों की तुलना में कई गुना है। पिछले सत्र में विभाग को कुल राजस्व साढ़े 45 करोड़ मिला था। आबकारी अधिकारी पीसी पाल ने बताया कि एक अप्रैल से हाईवे मार्गों पर स्थित दुकानें नहीं खुलेगी। खुली मिलीं तो लाइसेंस रद्द होगा।
70 फीसदी दुकानों की बदल गई जगह
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश के साथ मार्च में होने वाले शराब की दुकानों के रिन्यूवल पर रोक लगाई थी। प्रदेश में चुनाव होने की दशा में तीन माह पहले ही दुकानों के रिन्यूवल हो चुका है। इस सालदो अंग्रेजी और तीन बियर की नई दुकानें भी बढ़ी हैं। रिन्युवल के दौरान लाइसेंस फीस अनुज्ञापी जमा कर चुके थे। फिलहाल जिले में 70 फीसदी दुकानों के नए स्थान परिवर्तन की रिपोर्ट विभाग को अनुज्ञापियों ने दी है।
कड़ी निगरानी में हाेंगी दुकानें
स्थान परिवर्तन वाली दुकानें हाईवे से पांच सौ मीटर की दूरी पर होगी - दुकानों हाईवे के अंदर होने का सत्यापन लेखपाल की संस्तुति पर होगा - पुलिस विभाग के डीआईजी तक दुकानों का करेंगे औचक निरीक्षण - दुकान के संबंध में रोड पर कोई साइन बोर्ड नहीं लगेगा - दुकान से 100 मीटर की दूरी पर धार्मिक स्थल, स्कूल भी नहीं होने चाहिए।