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अखिलेश बोले- 'ट्वीट का मतलब नहीं जानते डिजिटल मुख्यमंत्री, इसलिए नहीं करता फॉलो'
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 19 Aug 2017 09:42 AM IST
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अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी पर चुटकी लेते हुए कहा डिजिटल मुख्यमंत्री ट्वीट का मतलब नहीं जानते है, इस लिए मैं उन्हें फॉलो नहीं करता हूं। वे यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जी हमे इतना बता दें कि जन्माष्टमी थानों में मनाने से हमने कब रोका। हमारी सरकार आने पर हम त्यौहार मनाने के लिए हर थाने को 5 लाख रुपए देंगे...
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औरैया बवाव पर अखिलेश के तीखे सवाल...
औरैया बवाल की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
1. अब थाने कौन चला रहा?
2.बोले एक आईपीएस अगर पूर्व सांसद-विधायक से हाथापाई करे तो क्या स्थिति होगी लोकतंत्र की आप समझ सकते हैं। हमें कहा गया कि थाने में सपा के लोग रहते हैं, सपा थाना चलती है। अब कौन चला रहा?
3.पुलिस ही गुंडई कर रही। पूर्व सांसद औरैया को रात भर एक थाने से दूसरे थाने घुमाते रहे। किसी को मिलने नहीं दिया गया। हमें भी पुलिस ने रोका।
4.यूं तो डिजिटल इंडिया बनाने की दुहाई देते हैं। नया भारत बनाने के सपने दिखाते हैं, लेकिन बाते करेंगे कि थाने में कौन से त्योहार मनाए जाएं।
5.सड़कों पर गरीब प्रोग्राम क्यों कर रहा है। गरीब लोगों की जब दावते सड़को पर ही होती हैं। टेंट सड़क पर लगते हैं। वहीं, पार्टी करते हैं। उसपर किसका बस है। हमारी सरकार आने पर हम हर थाने को 5 लाख देंगे, सारे त्योहार मनाओ।
6.डिजिटल दुनिया की बात कीजिए, ये नहीं कि सड़कों पर कौन से त्योहार मनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री जी हमे ये बता दें कि जन्माष्टमी थानों में मनाने से हमने कब रोका। जन्माष्टमी मैंने भी मनाई, मेरी पत्नी ने भी व्रत रखा। भाजपा बताए कि उनके यहां कितनो ने रखा। योगी जी को लग रहा है कि अभी भी चुनाव चल रहा है। इसलिए वो ऐसे बयान दे रहे हैं। कम से कम अब तो इन्हें सरकार वाला कोई काम करना चाहिए।
2.बोले एक आईपीएस अगर पूर्व सांसद-विधायक से हाथापाई करे तो क्या स्थिति होगी लोकतंत्र की आप समझ सकते हैं। हमें कहा गया कि थाने में सपा के लोग रहते हैं, सपा थाना चलती है। अब कौन चला रहा?
3.पुलिस ही गुंडई कर रही। पूर्व सांसद औरैया को रात भर एक थाने से दूसरे थाने घुमाते रहे। किसी को मिलने नहीं दिया गया। हमें भी पुलिस ने रोका।
4.यूं तो डिजिटल इंडिया बनाने की दुहाई देते हैं। नया भारत बनाने के सपने दिखाते हैं, लेकिन बाते करेंगे कि थाने में कौन से त्योहार मनाए जाएं।
5.सड़कों पर गरीब प्रोग्राम क्यों कर रहा है। गरीब लोगों की जब दावते सड़को पर ही होती हैं। टेंट सड़क पर लगते हैं। वहीं, पार्टी करते हैं। उसपर किसका बस है। हमारी सरकार आने पर हम हर थाने को 5 लाख देंगे, सारे त्योहार मनाओ।
6.डिजिटल दुनिया की बात कीजिए, ये नहीं कि सड़कों पर कौन से त्योहार मनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री जी हमे ये बता दें कि जन्माष्टमी थानों में मनाने से हमने कब रोका। जन्माष्टमी मैंने भी मनाई, मेरी पत्नी ने भी व्रत रखा। भाजपा बताए कि उनके यहां कितनो ने रखा। योगी जी को लग रहा है कि अभी भी चुनाव चल रहा है। इसलिए वो ऐसे बयान दे रहे हैं। कम से कम अब तो इन्हें सरकार वाला कोई काम करना चाहिए।
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पुलिस ने सुपारी ले रखी है...
पुलिस की हिरासत में अखिलेश यादव और प्रदीप यादव
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री जी भ्रष्टाचार मिटाने की बात कर रहे हैं। अच्छी बात है, लेकिन पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस ने सुपारी ले रखी है कि औरेया में बीजेपी का अध्यक्ष बनाना है। संयम के साथ हमारे कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। कानून के दायरे में रहकर हमारे कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। उत्तर प्रदेश में बीजेपी के लोगों ने डिजिटल मुख्यमंत्री बनाया।
डिजिटल लोग हवा में ही बाते कर रहे हैं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
गोरखपुर में बच्चों की जान चली गई मुआवजा भी हमने दिया। इस प्रकरण पर तो मुख्यमंत्री जी नहीं बोल रहे हैं। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। 325 का घमंड था। झांसी गए तो बोला मेट्रो बना देंगे और गोरखपुर गए तो बोले हम वहां मेट्रो बना देंगे। अब केंद्र सरकार ने भी धोखा दे दिया। नई पॉलिसी के तहत अब यहां मेट्रो नहीं बन सकती। पूरा विकास रुक पड़ा हुआ है।झांसी से दिल्ली की एक्सप्रेस वे बनाने की घोषणा से पहले ये जान लीजिए कि एक्सप्रेस वे कहते किसे हैं। अगर अमित शाह ने 360 का टारगेट सेट किया है। इसका मतलब हम लोगों को नेपाल भूटान जैसे देश में जाना चाहिए। फिलहाल डिजिटल लोग हवा में ही बाते कर रहे हैं