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आईआईटीयन ने आम को बनाया उद्योग, बन गए खास

Tue, 26 Jul 2016 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Tue, 26 Jul 2016 01:04 AM IST
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Aiaitiyn made the general industry, have become special
आईआईटी छात्र शिवांक और भाई शिवम। - फोटो : amarujala
कानपुर। उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईआईटी कानपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग फाइनल ईयर के स्टूडेंट शिवांक गर्ग ने बिजनेस का नया मॉडल बनाया है। जैविक खाद की मदद से केमिकल रहित आम का प्रोडक्शन कराया और पांच अलग-अलग दफ्तरों से बिक्री शुरू करा दी। फ्रूट चेन का यह मॉडल बेहद सफल हुआ। कुछ समय में ही शिवांक ने एक करोड़ रुपये टर्न ओवर की कंपनी खड़ी कर दी। अच्छे वेतन पैकेज पर 25 युवक जॉब कर रहे हैं। आईआईटीयन की मंशा अब कंपनी का टर्न ओवर बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये करना है। ऐसा हुआ तो रोजगार विकसित होगा। शिवांक मूल रूप से हरियाणा (सोनीपत) के रहने वाले हैं। पिता संजीव गर्ग दिल्ली में रहते हैं।
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कैल्शियम कार्बाइड की मदद से पकाए जाने वाले आम नुकसानदायक होते हैं। इससे वेल्डिंग की जाती है।

इसमें अर्सेनिक, फास्फोरस की मात्रा भी मिलती है। यह बीमारी फैलाती है। इसको देखते हुए ही शिवांक गर्ग ने एमएआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक कर रहे भाई शिवम एस गर्ग के साथ मिलकर फ्रूट चेन स्थापित की। एशिया की सबसे बड़ी दिल्ली के आजादपुर मंडी में 36 हजार स्क्वायर मीटर का गोदाम बनाया। आम के बाग हरियाणा में और हेड ऑफिस दिल्ली में। आम की सप्लाई अच्छे से हो, इसके लिए वातानुकूलित वैन भी है। इसी का नतीजा रहा कि कुछ समय में ही आम की जबरदस्त मांग हो गई। इसकी चर्चा राज्यसभा में हुई और उप सभापति पीजे कुरियन ने आईआईटीयन के सामाजिक उद्यमिता को सराहा भी। मैकेनिकल इंजीनियरिंग फाइनल ईयर के स्टूडेंट शिवांक ने बताया कि भारत में हर साल करीब 180 लाख टन आम की पैदावार होती है।
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98 फीसदी आम कैल्शियम कार्बाइड की मदद से पकाए और बेचे जाते हैं। अब इस ट्रेंड को बदलने की कोशिश की जा रही है। इस संबंध में केेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, यूपी, हरियाणा और दिल्ली के राज्यपाल, उप राज्यपाल, मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया है। सबसे कहा गया कि है प्राकृतिक संसाधनों से तैयार आम की बिक्री को बढ़ावा दिया जाए। यह आम आदमी की सेहत से जुड़ा मामला है। शिवांक के बिजनेस आइडिया को यूपी, दिल्ली और हरियाणा में सराहा गया है। पैक्ड आम की बिक्री भी अच्छी है।
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