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Kanpur News: विवि में एआई बनाएगा पेपर, कॉपियां भी जांचेगा
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कानपुर। परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, तकनीक से मजबूत बनाने के उद्देश्य से छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) परीक्षा में बड़ी पहल करने जा रहा है। विवि से संबद्ध महाविद्यालयों में 14 नवंबर से शुरू हो रही विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग पायलट प्रोजेक्ट के रूप में होगा। प्रश्नपत्र बनाने से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में एआई का इस्तेमाल होगा। यह फैसला विवि की परीक्षा समिति की 28वीं बैठक में लिया गया। बीएससी-कृषि एवं बीएड पाठ्यक्रमों के छात्रों के आंतरिक अंक अपलोड न होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विवि के एकेडमिक सेंटर में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में शनिवार को परीक्षा समिति की बैठक में तय हुआ कि चयनित परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों के मुद्रण की व्यवस्था भी पायलट प्रोजेक्ट के तहत की जाएगी। विवि से संबद्ध विभिन्न विधि महाविद्यालयों के एलएलबी एवं बीए-एलएलबी पाठ्यक्रमों के छात्रों की समस्याओं पर भी समिति ने विचार किया। परीक्षा परिणाम में बीपीआरडी लिखे होने के कारण जिन छात्रों को अगले सेमेस्टर की परीक्षा में प्रोन्नति नहीं मिल पा रही थी, उनके प्रत्यावेदनों पर विचार किया गया।
समिति ने फैसला लिया कि पाठ्यक्रम की निर्धारित अधिकतम समय-सीमा के तहत आने वाले पात्र छात्रों को अगले सेमेस्टर में प्रोन्नत किया जाएगा। बीएससी-कृषि एवं बीएड पाठ्यक्रमों के छात्रों के आंतरिक अंक निर्धारित समय-सीमा में पोर्टल पर अपलोड नहीं किए जाने के मामले में समिति ने सख्त रुख अपनाया है। छात्रहित को ध्यान में रखते हुए समिति ने निर्णय लिया कि संबंधित लिखित परीक्षा के आधार पर अंक प्रदान कर छात्रों के परीक्षा परिणाम को तो पूर्ण किया जाएगा लेकिन समय पर अंक न उपलब्ध कराने वाले छात्रों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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बैठक में विवि के प्रतिकुलपति प्रो. सुधांशु पाण्डिया, सीडीसी निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी, रजिस्ट्रार राकेश कुमार मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार, बीएनडी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विवेक कुमार द्विवेदी, कूटा के अध्यक्ष प्रो. बीडी पांडेय व महामंत्री प्रो. पीएन त्रिवेदी, प्रो. अंशु यादव, प्रो. अनिल कुमार मिश्रा आदि मौजूद रहे।
डीसी लॉ : प्रथम सेमेस्टर के छात्रों का बदलेगा परीक्षा केंद्र
दयानंद कॉलेज ऑफ लॉ (डीसी लॉ) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश संबंधी अनियमितताओं की जांच चल रही है। जांच समिति ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए महाविद्यालय के प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया रोकने का आदेश दिया है। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए डीसी लॉ का परीक्षा केंद्र किसी अन्य महाविद्यालय में निर्धारित करने का फैसला लिया है।
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विवि के एकेडमिक सेंटर में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में शनिवार को परीक्षा समिति की बैठक में तय हुआ कि चयनित परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों के मुद्रण की व्यवस्था भी पायलट प्रोजेक्ट के तहत की जाएगी। विवि से संबद्ध विभिन्न विधि महाविद्यालयों के एलएलबी एवं बीए-एलएलबी पाठ्यक्रमों के छात्रों की समस्याओं पर भी समिति ने विचार किया। परीक्षा परिणाम में बीपीआरडी लिखे होने के कारण जिन छात्रों को अगले सेमेस्टर की परीक्षा में प्रोन्नति नहीं मिल पा रही थी, उनके प्रत्यावेदनों पर विचार किया गया।
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समिति ने फैसला लिया कि पाठ्यक्रम की निर्धारित अधिकतम समय-सीमा के तहत आने वाले पात्र छात्रों को अगले सेमेस्टर में प्रोन्नत किया जाएगा। बीएससी-कृषि एवं बीएड पाठ्यक्रमों के छात्रों के आंतरिक अंक निर्धारित समय-सीमा में पोर्टल पर अपलोड नहीं किए जाने के मामले में समिति ने सख्त रुख अपनाया है। छात्रहित को ध्यान में रखते हुए समिति ने निर्णय लिया कि संबंधित लिखित परीक्षा के आधार पर अंक प्रदान कर छात्रों के परीक्षा परिणाम को तो पूर्ण किया जाएगा लेकिन समय पर अंक न उपलब्ध कराने वाले छात्रों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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बैठक में विवि के प्रतिकुलपति प्रो. सुधांशु पाण्डिया, सीडीसी निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी, रजिस्ट्रार राकेश कुमार मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार, बीएनडी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विवेक कुमार द्विवेदी, कूटा के अध्यक्ष प्रो. बीडी पांडेय व महामंत्री प्रो. पीएन त्रिवेदी, प्रो. अंशु यादव, प्रो. अनिल कुमार मिश्रा आदि मौजूद रहे।
डीसी लॉ : प्रथम सेमेस्टर के छात्रों का बदलेगा परीक्षा केंद्र
दयानंद कॉलेज ऑफ लॉ (डीसी लॉ) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश संबंधी अनियमितताओं की जांच चल रही है। जांच समिति ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए महाविद्यालय के प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया रोकने का आदेश दिया है। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए डीसी लॉ का परीक्षा केंद्र किसी अन्य महाविद्यालय में निर्धारित करने का फैसला लिया है।