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कृषि वैज्ञानिक ने दी सलाह, डीएपी न मिले तो एनपीके व एसएसपी का करें इस्तेमाल

Mon, 08 Nov 2021 01:21 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 08 Nov 2021 01:21 AM IST
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Agricultural scientist advised, if DAP is not available then use NPK and SSP
कानपुर देहात। बाजार में डीएपी की किल्लत चल रही है। इससे किसान परेशान हैं। बेहतर पैदावार के लिए आलू, सरसों, गेहूं की बुआई में डीएपी का इस्तेमाल करना किसान आवश्यक समझते हैं।
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ऐसे में कृषि वैज्ञानिकों की सलाह है कि किसानों के पास एनपीके और एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) के इस्तेमाल का विकल्प है। ये उर्वरक बाजार में आसानी से उपलब्ध भी हैं। इनके इस्तेमाल से पैदावार भी ठीक होगी।
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इस समय गेहूं, आलू, सरसों की बुआई चल रही है। इन फसलों की बुआई के लिए किसानों को डीएपी (अमोनियम फॉस्फेट) की जरूरत है। सीएसए के वरिष्ठ मृदा वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने बताया कि किसान डीएपी के स्थान पर एनपीके और एसएसपी उर्वरकों का प्रयोग कर सकते हैं। डीएपी में 46 प्रतिशत फास्फोरस और 18 प्रतिशत नाइट्रोजन होता है।
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इससे किसान इसे ज्यादा पसंद करते हैं। उन्हें लगता है कि इसके इस्तेमाल से पैदावार ज्यादा अच्छी रहेगी। वहीं एनपीके में (नाइट्रोजन फॉस्फोरस एंड पोटेशियम) 26 प्रतिशत फॉस्फोरस के साथ 26 प्रतिशत पोटेशियम भी होता है।
एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) में 14.5 से 20 प्रतिशत तक फॉस्फोरस, 11 प्रतिशत सल्फर और 21 प्रतिशत कैल्शियम होता है। एसएसपी के साथ किसानों को 15 किलोग्राम प्रति बीघा के हिसाब से यूरिया का प्रयोग भी करना चाहिए।
इसके प्रयोग से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व मिट्टी को मिल जाते हैं। डॉक्टर खलील खान ने कहा कि एससपी डीएपी और एनपीके के सापेक्ष बहुत सस्ती है। किसानों को इसका इस्तेमाल करना चाहिए। गेहूं की बुआई में एसएसपी का इस्तेमाल करने पर पैदावार अच्छी होती है।

डीएपी की किल्लत नहीं है। अब पर्याप्त मात्रा में डीएपी का स्टॉक जिले में कर लिया गया है। जल्द ही कई और रैक आने वाली हैं। इसके अलावा 15 सौ मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। किसान इसका भी इस्तेमाल कर सकते हैं। एसएसपी भी किसानों के लिए बेहतर विकल्प है। ये डीएपी से भी अधिक कारगर है। इसमें मिट्टी को सभी पोषक तत्व मिलते हैं। - डॉ उमेश गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी
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