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सफर में दुश्वारी: ट्रेनों के बाद थमे 90 ई-बसों के पहिए, कुंभ का भुगतान व परिचालकों की बहाली न करने पर हड़ताल

Sat, 22 Mar 2025 10:40 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sat, 22 Mar 2025 10:40 AM IST
सार

Kanpur News: शुक्रवार को ई-बसों का संचालन न होने से करीब छह लाख रुपये का नुकसान हुआ। कानपुर सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड (केसीटीएसएल) के अधिकारियों का दबाव बढ़ने पर तीर्थांकर कंपनी ने शनिवार दोपहर तक हर हाल में वेतन भुगतान कराने का आश्वासन दिया।

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After trains wheels of 90 e buses stopped strike over non payment of Kumbh and non restoration of conductors
थमे 90 ई-बसों के पहिए - फोटो : amar ujala

विस्तार

शुक्लागंज में गंगा पर पुराने रेलवे पुल की मरम्मत के कारण लिए गए मेगा ब्लॉक से शहरवासियों को लखनऊ आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों की परेशानी शुक्रवार को ई-बस चालकों की हड़ताल से और बढ़ गई। वेतन भुगतान में देरी व निलंबित परिचालकों की बहाली की मांग कर चालक-परिचालक हड़ताल पर चले गए।

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इससे शहर में दौड़ने वाली 90 ई-बसों के पहिए शुक्रवार सुबह से थम गए। इससे करीब 15 हजार यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। शनिवार तक भुगतान करने के आश्वासन पर देर शाम हड़ताल खत्म की गई। ई-बस चालकों ने बताया कि महाकुंभ में 45 दिन तक 24 घंटे ड्यूटी की। कंपनी ने वेतन में कटौती कर आंशिक राशि का भुगतान किया।

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चालकों को वेतन में आपत्ति थी
जब पूरा वेतन व प्रोत्साहन राशि, मांगी तो टरकाने लगे।  इससे आक्रोशित होकर हड़ताल की है। इस दौरान चालक लक्ष्मीकांत यादव, श्याम बहादुर, धर्मेंद्र सिंह सहित 225 से ज्यादा चालक व परिचालक हड़ताल पर रहे। तीर्थांकर कंपनी के सुपरवाइजर शिवम भदौरिया ने बताया कि चालकों को वेतन में आपत्ति थी। प्रबंधन ने वार्ता कर समाधान का आश्वासन दिया है।

After trains wheels of 90 e buses stopped strike over non payment of Kumbh and non restoration of conductors
थमे 90 ई-बसों के पहिए - फोटो : amar ujala

एक भी बस डिपो से नहीं निकली
पूरे दिन ई-बसों का संचालन ठप रहने से एक भी बस डिपो से नहीं निकली। यात्रियों को टेंपो, ऑटो, ई-रिक्शा व सीएनजी सिटी बसों का सहारा लेना पड़ा। रामादेवी से आईआईटी रूट पर 21, बिंदकी रूट पर 16, घाटमपुर रूट पर 40, बिल्हौर में 16 सहित अन्य रूटों पर दो से चार बसें चलाई जाती हैं।

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90 ई-बसें ही रूट पर दौड़ती हैं
शहर में 100 ई-बसों के लिए शासन ने तीर्थांकर कंपनी को अधिकृत किया है।  केसीटीएसएल बसों के संचालन की निगरानी करती है और कंपनी को 62.24 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया जाता है। कंपनी ई-बसों का संचालन, चालकों-परिचालकों की नियुक्ति व मरम्मत कार्य कराती है। एक दिन में शहर में 90 ई-बसें ही रूट पर दौड़ती हैं।

After trains wheels of 90 e buses stopped strike over non payment of Kumbh and non restoration of conductors
थमे 90 ई-बसों के पहिए - फोटो : amar ujala

छह लाख रुपये का नुकसान
शुक्रवार को ई-बसों का संचालन न होने से करीब छह लाख रुपये का नुकसान हुआ। कानपुर सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड (केसीटीएसएल) के अधिकारियों का दबाव बढ़ने पर तीर्थांकर कंपनी ने शनिवार दोपहर तक हर हाल में वेतन भुगतान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद चालकों ने शाम को हड़ताल खत्म की और आईआईटी रूट पर छह बसों का संचालन शुरू किया जा सका।

पिछले साल की थी सेवा समाप्त
मुख्य संचालन अधिकारी ने पिछले साल 5927 यात्रियों को बिना टिकट सफर कराने के आरोप में ई-बसों के 40 परिचालकों की सेवा समाप्त कर दी थी। नाराज परिचालकों ने पिछले साल 28 दिसंबर को भी पूरे दिन चक्का जाम रखा था। तब भी पांच लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ था।

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थमे 90 ई-बसों के पहिए - फोटो : amar ujala
  • आईआईटी जाने के लिए सुबह 10 बजे जरीब चौकी पहुंचे। आधे घंटे खड़े रहे, पर कोई ई-बस नहीं मिली। पता किया तो हड़ताल की जानकारी हुई। ऑटो से जाना पड़ा।  -अंकित, हीरागंज
  • काम से अक्सर चकेरी जाना पड़ता है। ई-बस से ही जाते हैं, क्योंकि किराया भी कम है और आराम से चले जाते हैं। धूप में परेशान होकर जाना पड़ा, जिससे दिक्कत हुई।  -श्रीओम बाजपेई

वेतन भुगतान के विवाद में चालकों ने चक्काजाम कर दिया। शाम को दोनों पक्षों में वार्ता के बाद सहमति बन गई व संचालन भी शुरू करा दिया गया।  -रजनीश राजपूत, मुख्य संचालन अधिकारी, केसीटीएसएल

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