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मोक्षदायिनी का सच: कन्नौज में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद दिखीं रेत में दफन लाशें, कौवे और कुत्ते नोच रहे शव
Wed, 02 Jun 2021 01:23 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 02 Jun 2021 01:23 AM IST
सार
उन्नाव, कानपुर, फतेहपुर सहित अन्य कई जिलों में गंगा किनारे शव मिलने के बाद कन्नौज में भी मंगलवार को गंगा का जलस्तर बढ़ने से रेती में दफन शव उतराकर बहने लगे।
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कन्नौज में गंगा किनारे दिखे शव
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कन्नौज के मानीमऊ में गंगा का जलस्तर बढ़ने से रेती में दफन शव उतराकर बहने लगे। इन्हें कौवे और कुत्ते निवाला बना रहे हैं। वहीं, अभी भी गंगा की रेती में शवों को दफनाया जा रहा है, जिनको देखने, रोकने और टोकने वाला कोई नहीं है।
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इस दौरान प्रशासन के निगरानी के इंतजाम फेल होते नजर आ रहे हैं। मेहंदी घाट पर गंगा पुल पार रेती में एक किलोमीटर एरिया में डेढ़ माह में सैकड़ों शव तीन से चार फीट गहरे गड्ढे खोदकर दफनाए गए हैं। चार दिन से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है।
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इससे रेती में दफन शव पानी की तेज धार से बहने लगे। उनके धीरे-धीरे उतराने से कुत्ते और कौवों ने उनको अपना निवाला बनाना शुरू कर दिया। इस दौरान प्रशासन द्वारा निगरानी के इंतजाम भी फेल होते दिखे।
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कहीं पर कोई भी कर्मचारी अधिकारी इस ओर देखने वाला नहीं और गंगा में इन शवों को उतराते हुए लोग भी देखते रहे। उधर, एडीएम गजेंद्र कुमार का कहना है कि टीमों को निगरानी के काम में लगाया गया था। कोविड अभियान के चलते समीक्षा नहीं हो पाई। पता किया जाएगा कि मनाही के बाद भी शव दफन क्यों किए जा रहे हैं ?