यूपी: पीड़िता की मौत के बाद पुलिस ने मानी सामूहिक दुष्कर्म की बात, थानेदार व दरोगा निलंबित, हुआ था ये
उधर, जांच के दौरान एएसपी ने पाया कि 31 जुलाई को घटना के संबंध में उमरैन चौकी पुलिस को पीड़ितों की ओर से सूचना दी गई थी लेकिन सूचना के बाद भी उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। प्रभारी निरीक्षक की ओर से उसकी कोई कार्रवाई भी नहीं की गई।
ऐसे में प्रथम दृष्टया दोनों दोषी है। एएसपी की जांच रिपोर्ट पर एसपी ने लापरवाह प्रभारी निरीक्षक एरवाकटरा व चौकी प्रभारी उमरैन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। घटना के संबंध में एसपी के आदेश पर चार टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश में दबिशें दी जा रहीं हैं।
एरवाकटरा थाना क्षेत्र के एक ग्राम निवासी नाबालिग सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की 11 दिन बाद इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। एसपी सुनीति के आदेश पर सोमवार को एएसपी कमलेश ने गांव पहुंचकर मृतका के परिजनों से बात की।
जिसमें परिजनों की ओर से बताया गया कि 31 जुलाई को उनकी पुत्री के साथ हुई घटना के संबंध में उनकी ओर से उमरैन चौकी पुलिस को सूचना दी गई थी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। जांच में एएसपी ने जानकारी के बाद भी उच्चाधिकारियों को सूचना न दिए जाने व तत्काल कानूनी कार्रवाई न करने पर प्रभारी निरीक्षक एरवाकटरा अवधेश कुमार व चौकी प्रभारी उमरैन एसआई काली चरन की लापरवाही पाई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी सुनीति ने दो पुलिस कर्मियों को प्रथम दृष्टया दोषी प्रतीत होने के चलते निलंबित कर दिया है।
इस संबंध में एसपी सुनीति ने बताया कि प्रकरण के मुख्य आरोपी रनवीर सिंह पुत्र धारा सिंह की गिरफ्तारी को लेकर चार टीमें गठित की गईं हैं। जल्द ही आरोपी पुलिस की हिरासत में होगा। इसके अलावा अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को दविशें दी जा रहीं हैं। मामले में हर तथ्य की बारीकी से जांच की जाएगी। पीड़ित को न्याय दिलाए जाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।