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Kanpur News: ट्रैक्टर की टक्कर से युवक की मौत, शव रखकर लगाया जाम
Wed, 19 Aug 2026 11:14 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 19 Aug 2026 11:14 PM IST
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डेरापुर। थाना क्षेत्र के बीबापुर से मुंगीसापुर जा रहे युवक की मंगलवार देर शाम ट्रैक्टर की टक्कर लगने से मौत हो गई। हादसे के बाद बुधवार सुबह तक परिजन शव लेकर घटना स्थल के पास बैठे रहे। सुबह परिजन ने पुलिस पर अनदेखी का आरोप लगा हंगामा कर जाम लगा दिया। इससे करीब दो घंटे तक मार्ग पर आवागमन बाधित रहा।
बीबापुर निवासी धीरज कुमार (26) पुत्र सरमन महाराष्ट्र में रहकर डेंटिंग-पेंटिंग का काम करते थे। वह चार दिन पूर्व ही गांव आए थे। मंगलवार रात करीब आठ बजे वह बाइक से मुंगीसापुर जा रहे थे। रास्ते में बाइक खड़ी कर लघुशंका के लिए जाने के दौरान उनको तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंचे परिजन उन्हें गंभीर हालत में अकबरपुर के एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां डॉक्टर ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए कानपुर नगर रेफर कर दिया। कानपुर ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट परिजन ने सुबह नौ बजे घटना स्थल पर जाम लगाकर हंगामा कर दिया।
खमहैला निवासी धीरज कुमार के फूफा राम सिंह ने बताया कि भतीजे की मौत हो जाने के बाद शव लेकर वापस लौटने पर चौकी प्रभारी को सूचना दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने को कहा। इसपर पुलिस की जीप आधी दूरी से वापस लौट गई तो परिजन शव को लेकर चौकी पर गए। वहां उन लोगों को शव घर ले जाने के लिए बोल दिया। इसपर वह लोग शव को घर ले जाने की बजाए घटना स्थल के पास रखे रहे। सुबह आठ बजे तक पुलिस मौके पर नहीं आई तभी रोड जाम करना पड़ा। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह ने नाराज परिजन को मामले में कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। करीब 10 बजे परिजन सड़क से हट गए। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया।
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ट्रैक्टर से हुए हादसे में गई थी धीरज के पिता की जान
सड़क हादसे में धीरज की मौत की जानकारी पर उसकी पत्नी शोभा देवी एक माह के पुत्र कार्तिक व दो साल की बेटी दामिनी को गोद में लेकर बिलखती रही। वहीं मां शिव देवी व परिजन बिलखते रहे। फूफा राम सिंह ने बताया कि धीरज घर का अकेला कमाने वाला था। धीरज के पिता सरमन ट्रैक्टर चालक थे। करीब 20 साल पहले ट्रैक्टर से हुए हादसे में उनकी जान चली गई थी। अब ट्रैक्टर से हुए हादसे में धीरज की मौत से उनके परिवार में कोई आजीविका चलाने वाला भी नहीं बचा। परिजन को आर्थिक सहायता दिलाई जाए।
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बयान
आरोप निराधार हैं, ट्रैक्टर चालक के पक्ष के लोग युवक का इलाज करवाने के लिए साथ गए थे। मौत होने के बाद रात में परिजन की ओर से सूचना नहीं दी थी। आपस में समझौता न हो पाने पर परिजन ने जाम लगाया था। परिजन को समझाकर जाम खुलवाने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। मामले में परिजन की तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। - धीरेंद्र सिंह, थानाध्यक्ष डेरापुर
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बीबापुर निवासी धीरज कुमार (26) पुत्र सरमन महाराष्ट्र में रहकर डेंटिंग-पेंटिंग का काम करते थे। वह चार दिन पूर्व ही गांव आए थे। मंगलवार रात करीब आठ बजे वह बाइक से मुंगीसापुर जा रहे थे। रास्ते में बाइक खड़ी कर लघुशंका के लिए जाने के दौरान उनको तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंचे परिजन उन्हें गंभीर हालत में अकबरपुर के एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां डॉक्टर ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए कानपुर नगर रेफर कर दिया। कानपुर ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट परिजन ने सुबह नौ बजे घटना स्थल पर जाम लगाकर हंगामा कर दिया।
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खमहैला निवासी धीरज कुमार के फूफा राम सिंह ने बताया कि भतीजे की मौत हो जाने के बाद शव लेकर वापस लौटने पर चौकी प्रभारी को सूचना दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने को कहा। इसपर पुलिस की जीप आधी दूरी से वापस लौट गई तो परिजन शव को लेकर चौकी पर गए। वहां उन लोगों को शव घर ले जाने के लिए बोल दिया। इसपर वह लोग शव को घर ले जाने की बजाए घटना स्थल के पास रखे रहे। सुबह आठ बजे तक पुलिस मौके पर नहीं आई तभी रोड जाम करना पड़ा। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह ने नाराज परिजन को मामले में कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। करीब 10 बजे परिजन सड़क से हट गए। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया।
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ट्रैक्टर से हुए हादसे में गई थी धीरज के पिता की जान
सड़क हादसे में धीरज की मौत की जानकारी पर उसकी पत्नी शोभा देवी एक माह के पुत्र कार्तिक व दो साल की बेटी दामिनी को गोद में लेकर बिलखती रही। वहीं मां शिव देवी व परिजन बिलखते रहे। फूफा राम सिंह ने बताया कि धीरज घर का अकेला कमाने वाला था। धीरज के पिता सरमन ट्रैक्टर चालक थे। करीब 20 साल पहले ट्रैक्टर से हुए हादसे में उनकी जान चली गई थी। अब ट्रैक्टर से हुए हादसे में धीरज की मौत से उनके परिवार में कोई आजीविका चलाने वाला भी नहीं बचा। परिजन को आर्थिक सहायता दिलाई जाए।
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आरोप निराधार हैं, ट्रैक्टर चालक के पक्ष के लोग युवक का इलाज करवाने के लिए साथ गए थे। मौत होने के बाद रात में परिजन की ओर से सूचना नहीं दी थी। आपस में समझौता न हो पाने पर परिजन ने जाम लगाया था। परिजन को समझाकर जाम खुलवाने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। मामले में परिजन की तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। - धीरेंद्र सिंह, थानाध्यक्ष डेरापुर