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सत्र शुरू, नहीं आई बच्चों की यूनिफार्म
Kanpur
Updated Fri, 12 Sep 2014 05:31 AM IST
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कानपुर। प्राथमिक स्कूलों का सत्र शुरू हुए दो महीने बीत गए लेकिन यूनिफार्म, विकास शुल्क और टीएलएम का पैसा नहीं आया है। वहीं किताबें तो आ गई है, लेकिन भुगतान के लिए बजट ही नहीं है। लैपटॉप, कन्या विद्या धन समेत अन्य सरकारी योजनाएं बंद कर चुकी सरकार की कैंची अब सर्व शिक्षा अभियान की तरफ बढ़ गई है। सरकार के लचर रवैए से विभाग भी परेशान है। प्रस्तुत है रिपोर्ट-
यूनिफार्म
कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को यूनिफार्म के दो सेट दिए जाते हैं। विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में प्रति छात्र 200 रुपये एक यूनिफार्म के लिए दिए जाते है। गर्मियों केलिए यूनिफार्म का एक सेट जिसमें लड़कों के लिए हाफ पैंट और शर्ट और लड़कियों के लिए हाफ शर्ट और स्कर्ट दी जाती है। वहीं सर्दियों में लड़कों के लिए फुल पैंट-शर्ट और लड़कियों के लिए फुल शर्ट और स्कर्ट दी जानी है। जुलाई के अंत तक बच्चों को एक सेट यूनिफार्म दिए जाने का निर्देश है। वहीं, अक्तूबर के अंत तक दूसरा सेट दिया जाना है। लेकिन सितंबर शुरू हो चुका है, पहले सेट का ही पैसा नहीं आया है।
विकास शुल्क
विद्यालय विकास शुल्क के नाम पर 5000 रुपये आते हैं। विद्यालय प्रबंध समिति में पैसा जमा होता है जिससे शिक्षकों को पुताई, रंगाई, चॉक, डस्टर के अलावा अन्य विकास के कामों में पैसा खर्च करना होता है। अभी तक इस मद में एक रुपया भी नहीं आया है। शिक्षक अपनी जेब से पैसा खर्च कर काम चला रहे हैं।
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टीएलएम
स्कूल में बच्चों को क्रिएटिव वर्क सिखाने के लिए टीएलएम के मद में पैसा आवंटित होता है। इस पैसे से बच्चों के लिए क्राफ्ट कापियां, क्ले वर्क, स्केच पेन, कलर लाना होता है। अभी तक इस मद में भी पैसा आवंटित नहीं हुआ है। वहीं, किताबें तो आ गई है, लेकिन इसका अभी तक पैसा नहीं आया है। उधारी खाते से लेकर किताबें पहुंचाई गई है।
‘यूनिफार्म, विकास शुल्क का शासनादेश को अगस्त में ही आ गया था, लेकिन अभी तक पैसा नहीं आया, जो विद्यालय प्रबंध समिति को दिया जा सके। पैसा कब, आएगा इसकी जानकारी नहीं है।’-बृजेश शर्मा, सर्व शिक्षा अभियान समन्वयक
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यूनिफार्म
कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को यूनिफार्म के दो सेट दिए जाते हैं। विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में प्रति छात्र 200 रुपये एक यूनिफार्म के लिए दिए जाते है। गर्मियों केलिए यूनिफार्म का एक सेट जिसमें लड़कों के लिए हाफ पैंट और शर्ट और लड़कियों के लिए हाफ शर्ट और स्कर्ट दी जाती है। वहीं सर्दियों में लड़कों के लिए फुल पैंट-शर्ट और लड़कियों के लिए फुल शर्ट और स्कर्ट दी जानी है। जुलाई के अंत तक बच्चों को एक सेट यूनिफार्म दिए जाने का निर्देश है। वहीं, अक्तूबर के अंत तक दूसरा सेट दिया जाना है। लेकिन सितंबर शुरू हो चुका है, पहले सेट का ही पैसा नहीं आया है।
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विकास शुल्क
विद्यालय विकास शुल्क के नाम पर 5000 रुपये आते हैं। विद्यालय प्रबंध समिति में पैसा जमा होता है जिससे शिक्षकों को पुताई, रंगाई, चॉक, डस्टर के अलावा अन्य विकास के कामों में पैसा खर्च करना होता है। अभी तक इस मद में एक रुपया भी नहीं आया है। शिक्षक अपनी जेब से पैसा खर्च कर काम चला रहे हैं।
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टीएलएम
स्कूल में बच्चों को क्रिएटिव वर्क सिखाने के लिए टीएलएम के मद में पैसा आवंटित होता है। इस पैसे से बच्चों के लिए क्राफ्ट कापियां, क्ले वर्क, स्केच पेन, कलर लाना होता है। अभी तक इस मद में भी पैसा आवंटित नहीं हुआ है। वहीं, किताबें तो आ गई है, लेकिन इसका अभी तक पैसा नहीं आया है। उधारी खाते से लेकर किताबें पहुंचाई गई है।
‘यूनिफार्म, विकास शुल्क का शासनादेश को अगस्त में ही आ गया था, लेकिन अभी तक पैसा नहीं आया, जो विद्यालय प्रबंध समिति को दिया जा सके। पैसा कब, आएगा इसकी जानकारी नहीं है।’-बृजेश शर्मा, सर्व शिक्षा अभियान समन्वयक