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‘रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है’

Fri, 12 Sep 2014 05:31 AM IST
Kanpur
Kanpur Updated Fri, 12 Sep 2014 05:31 AM IST
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कानपुर। ‘मनुष्य का जीवन अनमोल है, इसे यूं ही नहीं अनमोल कहा जाता है। मनुष्य योनि 84 लाख योनियों में सर्वश्रेष्ठ हैं, ठीक उसी प्रकार से रक्तदान सबसे बड़ा दान यानी महादान है। आप रक्त देकर किसी मनुष्य की जान बचाते है तो निश्चित रूप से परमात्मा भी प्रसन्न होते है।’ ये सुविचार गुरुवार को भागवत कथावाचक देवकीनंदन महाराज ने मोतीझील में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कहे।
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विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट दिल्ली एवं विश्व शांति सेवा समिति की पहल पर आयोजित कथा में महाराज ने कहा कि मनुष्य की एक गलती की सजा उसकी तीन पीढ़ियां भुगतती है, ठीक उसी प्रकाश एक अच्छाई का लाभ तीन पीढ़ियों को मिलता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन बार-बार नहीं मिलता है, इसलिए इसका सदुपयोग करें। आज हमारे देश में गंगा, यमुना, गाय कुछ भी सुरक्षित नहीं है। इसका कारण है हम अपनी संस्कृति को भूलकर सांसारिक मोहमाया में लिप्त है। कोई भी रिश्ता पवित्र नहीं रहा है। पश्चिमी सभ्यता को व्हाट्स एप के जरिए भारत में भेजकर यहां के युवा वर्ग को बिगाड़ने की साजिश हो रही है। इसलिए हमें अपनी संतानों को भारतीय संस्कृति से रूबरू करने की आवश्यकता है। इसके लिए सभी भारतीयों को जागरूक होना होगा। उन्होंने सुदामा का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि वर्तमान में हमारा कोई भी मित्र सुदामा जैसा नहीं है। आज की इस दुनिया में हमारे सभी मित्र भोगी और लालची है। कथा का आयोजन ट्रस्ट के सचिव विजय शर्मा, मुख्य यजमान कृष्ण कनौडिया, राजेश कनौडिया, चुन्नीलाल, यूपी सिंह, विपिन, एके मिश्रा और सतीश गुप्ता ने किया। इससे पहले विधायक सत्यदेव पचौरी ने उनका स्वागत किया। इससे पहले उन्होंने अमर उजाला के रक्तदान महाअभियान की सराहना की और रक्तदान से संबंधित कोई भी जानकारी के लिए अमर उजाला से संपर्क करने के लिए कहा।
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आज मनाया जाएगा जन्मदिन
कानपुर। देवकी नंदन महाराज का जन्मदिन शुक्रवार को दोपहर 2:30 बजे से मनाया जाएगा। उनका जन्म 12 सितंबर 1978 में मथुरा जिले के ओहावा में हुआ था। पिता का नाम राजवीर शर्मा और माता अनुसुइया देवी है। छह साल की आयु में रासलीला में कृष्ण का किरदार निभाया था और 16 वर्ष की आयु में गुरु पुरुषोत्त्तम शरण शास्त्री से ज्ञान प्राप्त किया। 18 साल की आयु में दिल्ली के शाहदरा स्थित राम मंदिर में पहली भागवत कथा कही। ट्रस्ट के विजयकुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह 9:30 से 10:30 बजे गुरु दीक्षा कार्यक्रम होगा। इसके बाद 10:30 से 11:30 बजे तक भक्तों से मुलाकात करेंगे।
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