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अब तेरी गलियों में रखेंगे कदम
Kanpur
Updated Sat, 14 Jun 2014 05:32 AM IST
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कानपुर। वाणिज्य कर विभाग के सचल दल का रैकेट खत्म करने के लिए कमिश्नर ने नया इंतजाम किया है। इसके तहत अब एक जोन के अधिकारी दूसरे जोन में छापामार कार्रवाई करेंगे। इसके लिए उन्हें एक दिन पूर्व सूचना दी जाएगी। इस इंटर जोनल चेकिंग व्यवस्था को लागू कर दिया गया है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को एक दिन पूर्व सूचना दी जाएगी।
वाणिज्य कर विभाग का मोबाइल दस्ता वाहनों की चेकिंग करके टैक्स चोरी के मामले पकड़ता है। लंबे समय तक तैनात रहने के चलते अधिकारियों का नेटवर्क बन जाता है। सूत्रों के मुताबिक दो नंबर का काम करने वाले ट्रांसपोर्टरों का एक विशिष्ट कोड होता है, जिसे बताने पर सचल दस्ते उन्हें हाथ नहीं लगाते। इसके चलते बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी हो रही है। इस रैकेट को तोड़ने के मकसद से वाणिज्य कर विभाग के कमिश्नर मृत्युंजय कुमार नारायण ने इंटर जोनल चेकिंग की व्यवस्था लागू कर दी है। शुक्रवार को मुख्यालय में सभी जोन के प्रमुख अफसरों संग आयोजित बैठक में उन्होंने इसकी घोषणा की। इसके तहत अब कानपुर के मोबाइल दस्ते को आगरा या फिर लखनऊ जैसे किसी भी जिले में भेजकर चेकिंग करनी होगी। इसी तरह मेरठ के अफसर को गाजियाबाद, नोएडा या फिर भी जिले में भेजा जाएगा। इसकी सूचना एक दिन पूर्व संबंधित जोन के अधिकारी को दी जाएगी। इस कार्रवाई में सेक्टर के अफसर भी शामिल किए जाएंगे। इसका शेड्यूल लखनऊ स्थित मुख्यालय से जारी होगा, जिसकी निगरानी खुद कमिश्नर करेंगे।
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प्रवर्तन अधिकारियों को उनके जोन से हटाकर अन्य जोन में चेकिंग के लिए लगाए जाने संबंधी आदेश जारी कर दिया गया है। एक-दो दिन के भीतर इस पर अमल शुरू हो जाएगा। इससे कर चोरों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी। कार्रवाई की मानीटरिंग भी समय-समय पर की जाएगी।
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- मृत्युंजय कुमार नारायण, कमिश्नर (वाणिज्य कर विभाग)
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नेट पेमेंट की रसीद के लिए नहीं काटने होंगे चक्कर
- व्यापारियों की मांग पर आनलाइन ही मिलेगी रसीद
कानपुर। व्यापारियों की मांग पर कमिश्नर ने इंटरनेट के जरिए किए जाने वाले कर के भुगतान की रसीद आनलाइन उपलब्ध कराने संबंधी आदेश जारी कर दिए हैं। कमिश्नर ने बताया कि विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने इस संबंध में ज्ञापन दिया था कि नेट पेमेंट की रसीद नेट पर ही उपलब्ध करा दी जाए। इससे विभाग में चक्कर लगाने के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
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वाणिज्य कर विभाग का मोबाइल दस्ता वाहनों की चेकिंग करके टैक्स चोरी के मामले पकड़ता है। लंबे समय तक तैनात रहने के चलते अधिकारियों का नेटवर्क बन जाता है। सूत्रों के मुताबिक दो नंबर का काम करने वाले ट्रांसपोर्टरों का एक विशिष्ट कोड होता है, जिसे बताने पर सचल दस्ते उन्हें हाथ नहीं लगाते। इसके चलते बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी हो रही है। इस रैकेट को तोड़ने के मकसद से वाणिज्य कर विभाग के कमिश्नर मृत्युंजय कुमार नारायण ने इंटर जोनल चेकिंग की व्यवस्था लागू कर दी है। शुक्रवार को मुख्यालय में सभी जोन के प्रमुख अफसरों संग आयोजित बैठक में उन्होंने इसकी घोषणा की। इसके तहत अब कानपुर के मोबाइल दस्ते को आगरा या फिर लखनऊ जैसे किसी भी जिले में भेजकर चेकिंग करनी होगी। इसी तरह मेरठ के अफसर को गाजियाबाद, नोएडा या फिर भी जिले में भेजा जाएगा। इसकी सूचना एक दिन पूर्व संबंधित जोन के अधिकारी को दी जाएगी। इस कार्रवाई में सेक्टर के अफसर भी शामिल किए जाएंगे। इसका शेड्यूल लखनऊ स्थित मुख्यालय से जारी होगा, जिसकी निगरानी खुद कमिश्नर करेंगे।
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प्रवर्तन अधिकारियों को उनके जोन से हटाकर अन्य जोन में चेकिंग के लिए लगाए जाने संबंधी आदेश जारी कर दिया गया है। एक-दो दिन के भीतर इस पर अमल शुरू हो जाएगा। इससे कर चोरों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी। कार्रवाई की मानीटरिंग भी समय-समय पर की जाएगी।
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- मृत्युंजय कुमार नारायण, कमिश्नर (वाणिज्य कर विभाग)
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नेट पेमेंट की रसीद के लिए नहीं काटने होंगे चक्कर
- व्यापारियों की मांग पर आनलाइन ही मिलेगी रसीद
कानपुर। व्यापारियों की मांग पर कमिश्नर ने इंटरनेट के जरिए किए जाने वाले कर के भुगतान की रसीद आनलाइन उपलब्ध कराने संबंधी आदेश जारी कर दिए हैं। कमिश्नर ने बताया कि विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने इस संबंध में ज्ञापन दिया था कि नेट पेमेंट की रसीद नेट पर ही उपलब्ध करा दी जाए। इससे विभाग में चक्कर लगाने के झंझट से मुक्ति मिलेगी।