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‘चमन में रहे अमन, मिले खुशहाली’
Kanpur
Updated Sun, 11 Aug 2013 05:35 AM IST
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कानपुर। मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली की दुआ के साथ बड़ी ईदगाह सहित शहर की मस्जिदों, मदरसों में ईद-उल-फित्र की नमाज अदा की गई। फेथफुलगंज मस्जिद में महिलाओं ने नमाज पढ़ी। नमाज के बाद अकीदतमंदों ने गले मिलकर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।
बड़ी ईदगाह में इमाम ईदगाह कारी मोहम्मद इलाही ने नमाज अदा कराई। नमाज पढ़ने के लिए हजारों अकीदतमंद सुबह से ही ईदगाह पहुंचने लगे। नमाज के बाद तकरीर में कहा गया कि ईद का दिन अल्लाहताला के बंदों के लिए नेक नियामत और तोहफों का दिन है। यह दुआओं के कुबूल होने का दिन है। अल्लाहताला फरमाते हैं कि ईद के दिन जरूर दुआ करें। ऐसा करने से बरकते-रहमते बरसती हैं। तकरीर में कहा गया कि ईद हर आम-ओ-खास के लिए है। कहा गया कि अपने माल या आमदनी से 2.5 फीसदी जकात जरूर निकालें। जकात उन्हीं को दें जो जरूरतमंद हों। उधर, फेथफुलगंज मस्जिद, रेलबाजार में महिलाओं ने नमाज अदा कर मुल्क की खुशहाली की दुआएं मांगीं। सुजातगंज, जाजमऊ नई चुंगी के पास दादामियां की मजार, ग्वालटोली मकबरा, रावतपुर, मसवानपुर, मास्टर अब्दुल करीम की ईदगाह, साकेत नगर, सकेरा इस्टेट, कुरसवां, जूही ढ़ाल, जूही नहरिया में नमाज अदा की गई। नमाज के बाद ईद की मुबारकबाद देने का दौर शुरू हुआ। पुलिस प्रशासन ने बकरमंडी से लेकर बेनाझाबर तक सुरक्षा के इंतजाम किए थे। बड़ी ईदगाह की ओर आने वाले वाहनों को बैरीकेडिंग लगाकर रोक दिया गया था।
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बड़ी ईदगाह में इमाम ईदगाह कारी मोहम्मद इलाही ने नमाज अदा कराई। नमाज पढ़ने के लिए हजारों अकीदतमंद सुबह से ही ईदगाह पहुंचने लगे। नमाज के बाद तकरीर में कहा गया कि ईद का दिन अल्लाहताला के बंदों के लिए नेक नियामत और तोहफों का दिन है। यह दुआओं के कुबूल होने का दिन है। अल्लाहताला फरमाते हैं कि ईद के दिन जरूर दुआ करें। ऐसा करने से बरकते-रहमते बरसती हैं। तकरीर में कहा गया कि ईद हर आम-ओ-खास के लिए है। कहा गया कि अपने माल या आमदनी से 2.5 फीसदी जकात जरूर निकालें। जकात उन्हीं को दें जो जरूरतमंद हों। उधर, फेथफुलगंज मस्जिद, रेलबाजार में महिलाओं ने नमाज अदा कर मुल्क की खुशहाली की दुआएं मांगीं। सुजातगंज, जाजमऊ नई चुंगी के पास दादामियां की मजार, ग्वालटोली मकबरा, रावतपुर, मसवानपुर, मास्टर अब्दुल करीम की ईदगाह, साकेत नगर, सकेरा इस्टेट, कुरसवां, जूही ढ़ाल, जूही नहरिया में नमाज अदा की गई। नमाज के बाद ईद की मुबारकबाद देने का दौर शुरू हुआ। पुलिस प्रशासन ने बकरमंडी से लेकर बेनाझाबर तक सुरक्षा के इंतजाम किए थे। बड़ी ईदगाह की ओर आने वाले वाहनों को बैरीकेडिंग लगाकर रोक दिया गया था।
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