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सोलर एनर्जी से दम भरेगा आईआईटी
Kanpur
Updated Thu, 04 Jul 2013 05:30 AM IST
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कानपुर। आईआईटी कानपुर में बुधवार को सोलर एनर्जी रिसर्च इनक्लेव (एसईआरई) का उद्घाटन हुआ। प्रयोग के तौर पर इनक्लेव में पांच सोलर पैनल लगाए गए हैं। इसी का अध्ययन करके सस्ते और टिकाऊ सोलर पैनल बनाने की कोशिश होगी। तेज धूप रही तो पांचों पैनल से 50 किलोवाट-पी सोलर एनर्जी मिलेगी। इसके मध्यम से आईआईटी के पावर ग्रिड को हर दिन 250 यूनिट एनर्जी दी जाएगी, जिसका इस्तेमाल दफ्तर, लाइब्रेरी में किया जा सकता है। सोलर एनर्जी रिसर्च इनक्लेव पर 2.50 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
सोलर एनर्जी रिसर्च इनक्लेव को भी हाईटेक बनाया गया है। इसकी ऑनलाइन मानीटरिंग की व्यवस्था की गई है। मंगलवार को इसका उद्घाटन बोर्ड आफ गवर्नर (बीओजी) के चेयरमैन प्रो. एम. आनंद कृष्णन और आईआईटी के डायरेक्टर प्रो. इंद्रनील मन्ना ने किया। चेयरमैन ने बताया कि सोलर एनर्जी की क्षमता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इसमें सफलता मिली तो आईआईटी के आसपास स्थित गांवों को सोलर एनर्जी दी जा सकती है। डायरेक्टर ने बताया कि अब ज्यादा क्षमता का सोलर पैनल बनाने का काम चल रहा है। कम कीमत का मैटेरियल भी बनाया जा रहा है, ताकि सस्ता पैनल बनाकर सोलर एनर्जी को बढ़ावा दिया जा सके। आईआईटी कानपुर में ही हाइड्रोजन, आर्गेनिक सेल पर काम चल रहा है। इस रिसर्च में सफलता मिली तो सोलर एनर्जी के क्षेत्र में क्रांति आएगी। इससे मोबाइल, इनवर्टर की बैटरी आदि भी चार्ज की जा सकता है। इस मौके पर प्रो. आरएस आनंद, प्रो. एमके दास, प्रो. पीएस सेन शर्मा, डॉ. एम सिंह, डॉ. आरजी पल्ला, डॉ. एसपी दास और डॉ. एमके कटियार मौजूद रहे।
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सोलर एनर्जी रिसर्च इनक्लेव को भी हाईटेक बनाया गया है। इसकी ऑनलाइन मानीटरिंग की व्यवस्था की गई है। मंगलवार को इसका उद्घाटन बोर्ड आफ गवर्नर (बीओजी) के चेयरमैन प्रो. एम. आनंद कृष्णन और आईआईटी के डायरेक्टर प्रो. इंद्रनील मन्ना ने किया। चेयरमैन ने बताया कि सोलर एनर्जी की क्षमता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इसमें सफलता मिली तो आईआईटी के आसपास स्थित गांवों को सोलर एनर्जी दी जा सकती है। डायरेक्टर ने बताया कि अब ज्यादा क्षमता का सोलर पैनल बनाने का काम चल रहा है। कम कीमत का मैटेरियल भी बनाया जा रहा है, ताकि सस्ता पैनल बनाकर सोलर एनर्जी को बढ़ावा दिया जा सके। आईआईटी कानपुर में ही हाइड्रोजन, आर्गेनिक सेल पर काम चल रहा है। इस रिसर्च में सफलता मिली तो सोलर एनर्जी के क्षेत्र में क्रांति आएगी। इससे मोबाइल, इनवर्टर की बैटरी आदि भी चार्ज की जा सकता है। इस मौके पर प्रो. आरएस आनंद, प्रो. एमके दास, प्रो. पीएस सेन शर्मा, डॉ. एम सिंह, डॉ. आरजी पल्ला, डॉ. एसपी दास और डॉ. एमके कटियार मौजूद रहे।
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