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ड्यूटी से गायब मिले छह मंडीकर्मी, नोटिस

Sat, 09 Feb 2013 05:31 AM IST
Kanpur
Kanpur Updated Sat, 09 Feb 2013 05:31 AM IST
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कानपुर। सिटी मजिस्ट्रेट ने शुक्रवार को नौबस्ता गल्ला मंडी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान ड्यूटी से गायब मिले छह मंडी कर्मियों को उन्होंने कारण बताओ नोटिस भिजवा दिया। जांच के दौरान अभिलेखों में हेराफेरी मिलने के कारण राजस्व के नुकसान की संभावना भी जताई जा रही है। सिटी मजिस्ट्रेट के अनुसार जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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नौबस्ता गल्ला मंडी में अनियमितताओं की लगातार शिकायत को प्रशासन ने गंभीरता से लिया। दोपहर करीब 12 बजे सिटी मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह मंडी की कार्यप्रणाली का औचक निरीक्षण करने जा पहुंचे। सूत्रों के अनुसार लंबे समय से बड़े पैमाने पर मंडी समिति के अभिलेखों में हेरीफेरी का खेल जारी है। राजस्व के मद में न जाकर शुल्क बहुत चालाकी से कथित कर्मियों की जेबों में जा रहा है। रिकॉर्ड भी मानकों के अनुसार तैयार नहीं किया जा रहा। सिटी मजिस्ट्रेट पहले भी मंडी के जिम्मेदार अधिकारियों से रिकॉर्ड मांग चुके थे।
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इसके बावजूद उन्हें वांछित सूचना उपलब्ध नहीं कराई गईं। प्रशासनिक दस्ते के नौबस्ता मंडी पहुंचते ही हड़कंप मच गया। सिंह ने ड्यूटी रजिस्टर और वहां मौजूद कर्मियों की जांच की। ड्यूटी से छह कर्मचारी नदारद थे। इनमें मंडी सहायक, मंडी निरीक्षक स्तर के कर्मचारी भी शामिल हैं। सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। सिंह ने दस्तावेजों को भी पलटा। प्रथम दृष्टया इसमें भी हेराफेरी सामने आई है। उन्होंने कहा, मामले की पूरी पड़ताल की जाएगी। किसी भी दोषी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। उधर, गल्ला आढ़तिया संघ के प्रधानमंत्री ज्ञानेश मिश्रा ने कहा मंडी में असुविधा और अनियमितता चरम पर हैं। सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त है, चाराें हाईमास्क लाइट खराब हैं, दीवारें टूटी हैं, गंदगी और मंडी कर्मियों के रवैये से व्यापारी त्रस्त हैं।
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पॉलीटेक्निक में सेमिनार का समापन
कानपुर। पढ़ाई करने के बाद युवाओं के मन में सिर्फ जॉब ढूंढने की इच्छा होती है। युवा जॉब ढूंढने की बजाए खुद का बिजनेस सेट करने के बारे में नहीं सोचते। इसी सोच के कारण आज बेरोजगारी बढ़ रही है। इसमें बदलाव की जरूरत है। जॉब करने की नहीं बल्कि देने की सोच भी युवाओं को बेरोजगारी से बचा सकती है। इस सोच से न सिर्फ बेरोजगारी दूर होगी बल्कि आप मालिक बनेंगे नौकर नहीं। ये बातें एमएसएमई के उपनिदेशक एचपी जायसवाल ने राजकीय पॉलीटेक्निक में आयोजित सेमिनार में छात्र-छात्राओं को बताई। तीन दिवसीय इस सेमिनार का विषय ‘उद्यमिता’ था।
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