{"_id":"38-113414","slug":"Kanpur-113414-38","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपरेशन रोड रोमियो या आपरेशन ‘रौब’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपरेशन रोड रोमियो या आपरेशन ‘रौब’
Kanpur
Updated Thu, 03 Jan 2013 05:30 AM IST
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कानपुर। लड़कियों के साथ छेड़खानी की घटनाओं को रोकने के लिए बुधवार से पुलिस-प्रशासन ने शहर में ‘आपरेशन रोड रोमियो’ शुरू किया। इस अभियान का मकसद था सड़कों पर शोहदों पर लगाम कसना। शुरू में तो यह अभियान ढर्रे पर रहा लेकिन थोड़े समय के बाद शहर की पुलिस सड़कों पर छेड़छाड़ रोकने की जगह शॉपिंग मॉल में खाकी वर्दी का रौब दिखाने लग पड़ी। शोहदों की जगह न्यू ईयर पर मॉल घूमने आए लड़के-लड़कियों को पुलिस के थप्पड़ खाने पड़े और जलालत सहनी पड़ी। पुलिस की ‘प्रताड़ना’ से घबराकर जेड स्क्वायर मॉल में एक लड़की बेहोश होकर गिर पड़ी जबकि दो अन्य की हालत बिगड़ गई। हद तो तब हो गई जब बेअंदाज पुलिस ने तो बुजुर्गों तक को नहीं छोड़ा।
सीन-1 : जेड स्क्वायर मॉल, बड़ा चौराहा
समय : दोपहर 1:30 बजे
सीओ अंकिता सिंह अपनी टीम के साथ बड़ा चौराहा स्थित जेड स्क्वायर मॉल में धड़धड़ाते हुए पहुंचीं। उनकी टीम में रिकार्डिंग और कैमरा मैन भी शामिल थे। मैडम ने मॉल में प्रवेश करते ही कॉरिडोर में बैठकर बातचीत कर रहे दो दोस्तों को धर दबोचा। क्या नाम है तुम्हारा..., कहां से आए हो..., पीछे से कैमरे के फ्लैश चमके और मैडम का रौब देखकर दोनों सहम गए। सॉरी मैडम प्लीज जाने दीजिए... हम दोनों दोस्त हैं...। लड़के-लड़की की दलील सुनकर मैडम के तेवर और तेज हो गए और उनको बुरी तरह हड़काते हुए आगे बढ़ गईं। मैडम तो आगे बढ़ गईं लेकिन लड़की के हाथ-पैर कांपने लगे और सिर पकड़कर बैठ गई। बोली सुसाइड कर लूंगी... मैडम, अगर कुछ हुआ तो मर जाऊंगी। फिर मॉल के भीतर जाते ही सीओ ने शॉपिंग कर रहे दो दोस्तों को गिरफ्त में ले लिया और शुरू किया हड़काना। पूछा, क्यों घूम रहे हो यहां... मैडम भूल गईं मॉल में घूमा ही जाता है। फिर उन्होंने फूड कोर्ट का रुख किया और खाना खा रहे युगल की टेबल पर जा पहुंचीं। उनके साथ चल रहे वीडियो रिकार्डिंग करने वालों और कैमरामैन के फ्लैश ऐसे चमक रहे थे जैसे किसी ‘ब्लैक लिस्टिेड रेस्त्रां’ और ‘अस्त-व्यस्त’ अवस्था में जोडे़ मिलने पर चमकते हैं। पुलिस के पूछने का अंदाज भी वही, यहां क्या कर रहे हा, क्या करते हो, कौन है तुम्हारी, ‘बाप’ को पता है यहां आएं हो...। मैडम तो इतना कहकर आगे बढ़ गईं लेकिन लड़की घबराकर बेहोश हो गई। साथ चल रहीं महिला पत्रकारों ने पानी की छीटें डालकर लड़की को होश में लाया और दिलासा दी। मैडम के इस ‘ड्रामे’ से पूरे फूड कोर्ट में दहशत फैल गई। कई तो उल्टे पांव वहां से चले गए और कुछ बीच में खाना छोड़कर कर उठ खड़े हुए। पुलिस की दहशत का यह आलम था कि युवा प्रेमी युगल तो दूर पुलिस ने बुजुर्गों को भी नहीं छोड़ा। पुलिस की बेअंदाज हरकतों को देखकर बुजुर्ग तक फूड कोर्ट से चले गए। एक बुजुर्ग तो पुलिस के डर के कारण अपना बैग तक भूल गए लेकिन पुलिस ने अपनी ‘हद’ फिर भी नहीं समझी और उनका मजाक उड़ाते हुए कहने लगी कि ‘अरे भइया इतनी जल्दी क्या है बैग तो लेते जाओ...’।
‘अब कभी कानपुर नहीं आऊंगा...’
लुधियाना से पहली बार कानपुर आए अभिनव ने कहा कि वह भाभी की बहन और उनकी सहेलियों के साथ मॉल घूमने आए थे। अभिनव ने कहा कि पता नहीं पुलिस ने क्यों पकड़ लिया, अब तो कान पकड़ता हूं कभी नहीं आऊंगा। वहीं, डीएवी से अभय गुप्ता और एमजी से रोहित को पुलिस ने पकड़ा। रोहित को पुलिस ने थप्पड़ मारे और उठक-बैठक कराई।
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सीओ बोलीं
शोहदों को पकड़ने के लिए ‘आपरेशन रोड रोमियो’ शुरू किया गया है। इसके लिए टीम बनाकर जगह चिह्नित की गई हैं। मॉल के भीतर चेकिंग करने के लिए मॉल के मैनेजर और स्टाफ ने कहा था। उन्हीं के कहने पर फूड कोर्ट में बैठक-लड़के लड़कियों से पूछताछ की। रिकार्डिंग और फोटोग्राफी अभियान का हिस्सा है।
-सीओ अंकिता सिंह
पुलिस अपने मन से भीतर गई और चेकिंग की। मुझे जानकारी भी नहीं थी कि पुलिस चेकिंग के लिए आ रही है। आप खुद ही सोचिए, मैं मॉल के भीतर जाकर चेकिंग करने के लिए क्यों कहूूंगा।
-आल्वी, मॉल मैनेजर
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सीन-2 : मोतीझील
दोपहर करीब 1:30 बजे जेब्रा की तीन बाइकों पर सवार पुलिसकर्मी कारगिल पार्क के सामने नुक्कड़ पर खड़े थे। कुछ देर में तीन लड़कियां उनके अगल-बगल नजर आईं। पुलिसकर्मियों के फोन घनघनाए और लड़कियां ने दबी जुबान में ‘हम आ गये हैं’ कहकर कारगिल पार्क में दाखिल हो गईं। तीनों लड़कियां असल में महिला सिपाही थीं, जो ‘शोहदा पकड़ो अभियान’ के तहत बुधवार को मोतीझील परिसर में बिना वर्दी के निकली थीं। काफी देर कारगिल पार्क में घूमने के बाद तीनों बाहर आ गईं। करीब पौन दो बजे तीनों अलग-अलग जापानी गार्डेन की ओर बढ़ गईं। तभी बाइक पर सवार अधेड़ एक सिपाही के आगे-पीछे होने लगा। कुछ देर में जेब्रा पुलिस वहां पहुंची तो वह भाग खड़ा हुआ। म्यूजिकल फाउंटेन के पास एक और अधेड़ आ धमका। सिपाही तुलसी उपवन के सामने खड़ी हो गई तो उसने बाइक रोककर सिगरेट के छल्ले उड़ाते हुए इशारेबाजी शुरू कर दी। उधर, फोन पर इशारा मिलते ही जेब्रा पुलिस ने अधेड़ को दबोच लिया। करीब पौने तीन बजे महिला सिपाही को एक लड़के ने रोका और जबरदस्ती अपना मोबाइल नंबर देकर ‘हैप्पी न्यू ईयर’ कह डाला। उसे भी जेब्रा पुलिस ने दबोचकर स्वरूप नगर थाने पहुंचा दिया।
करीब सवा तीन बजे सीओ अंकिता जापानी गार्डन के सामने पहुंचीं तो पार्क से बाहर निकल रहे और आसपास खड़े कुछ लोग फुसफुसाने लगे ‘पुलिस पार्क के बाहर शोहदों को पकड़ रही है... यहां तो फैमिली का बैठना दूभर है।’ इस पर सीओ ने महिला सिपाहियों को बिना इजाजत पार्क में घुसने ने मना कर दिया। इसी बीच कुछ मीडियाकर्मियों ने एसएसपी को फोन करके पार्कों में गलत हरकतें कर रहे जोड़ों के बारे में बताकर फोन सीओ को थमा दिया। सीओ अंकिता ने एसएसपी से फोन पर कुछ बात की और अपनी टीम के साथ गार्डन में चली गईं। पार्क में पुलिस को देखते ही आपत्तिजनक स्थिति में बैठे लड़के-लड़कियाें और अधेड़ों में भगदड़ मच गई। शालीनता से बातचीत कर रहे जोड़े चुपचाप बैठे रहे। ऐसे जोड़ों को परेशान न करते हुए पुलिस छह लड़कों को पकड़कर थाने ले गई और लड़कियों को डांटकर गेट के बाहर कर दिया। इस पर पिकनिक मनाई आईं कुछ महिलाआें ने सीओ और उनकी टीम को बधाई दी। उधर, जापानी गार्डन में पुलिस होने की सूचना पाकर तुलसी उपवन और कारगिल पार्क में बैठे जोड़े तुरंत भाग खड़े हुए। अभियान साढ़े चार बजे खतम हुआ।
इन्हें दबोचा
.सिपाही से इशारेबाजी करने वाला मोतीमोहाल निवासी नरेंद्र कुमार
.सिपाही को रोककर मोबाइल नंबर देने वाला मोतीमोहाल निवासी चेतन कुमार (पुलिस के अनुसार चेतन एटूजेड में सुपरवाइजर हैं)
.जापानी गार्डेन से ओम पुरवा के आलम खान, चूना भटिया के विशाल, जाजमऊ के आदित्य कुमार, आवास विकास के सुबोध कुमार, साहब नगर नई दिल्ली के राहुल कुमार और चुन्नीगंज के इमरान को थाने ले जाया गया।
‘बन सकता है निजता उल्लंघन का मामला’
अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित का कहना है कि किसी होटल, रेस्टोरेंट या सार्वजनिक स्थान पर बैठे बालिग युगलों के साथ इस तरह का व्यवहार निजता उल्लंघन के दायरे में आता है। सार्वजनिक रूप से अश्लीलता न करने तक पुलिस इस तरह बैठे लोगों से अभद्रता नहीं कर सकती है। निजता किसी भी व्यक्ति का कानूनी ही नहीं संवैधानिक अधिकार भी है। अधिवक्ता आनंद शंकर जायसवाल ने कहा कि बिना किसी कारण के कोई पुलिस किसी के साथ मारपीट या अभद्रता नहीं कर सकतीं। इस तरह के बर्ताव पर उनके खिलाफ आपराधिक धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है। अधिवक्ता अनंत शर्मा का कहना है कि पुलिस का इस तरह का बर्ताव सीधे-सीधे मानवाधिकारों का उल्लंघन है। मानवाधिकार आयोग से इसकी शिकायत की जा सकती है।
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सीन-1 : जेड स्क्वायर मॉल, बड़ा चौराहा
समय : दोपहर 1:30 बजे
सीओ अंकिता सिंह अपनी टीम के साथ बड़ा चौराहा स्थित जेड स्क्वायर मॉल में धड़धड़ाते हुए पहुंचीं। उनकी टीम में रिकार्डिंग और कैमरा मैन भी शामिल थे। मैडम ने मॉल में प्रवेश करते ही कॉरिडोर में बैठकर बातचीत कर रहे दो दोस्तों को धर दबोचा। क्या नाम है तुम्हारा..., कहां से आए हो..., पीछे से कैमरे के फ्लैश चमके और मैडम का रौब देखकर दोनों सहम गए। सॉरी मैडम प्लीज जाने दीजिए... हम दोनों दोस्त हैं...। लड़के-लड़की की दलील सुनकर मैडम के तेवर और तेज हो गए और उनको बुरी तरह हड़काते हुए आगे बढ़ गईं। मैडम तो आगे बढ़ गईं लेकिन लड़की के हाथ-पैर कांपने लगे और सिर पकड़कर बैठ गई। बोली सुसाइड कर लूंगी... मैडम, अगर कुछ हुआ तो मर जाऊंगी। फिर मॉल के भीतर जाते ही सीओ ने शॉपिंग कर रहे दो दोस्तों को गिरफ्त में ले लिया और शुरू किया हड़काना। पूछा, क्यों घूम रहे हो यहां... मैडम भूल गईं मॉल में घूमा ही जाता है। फिर उन्होंने फूड कोर्ट का रुख किया और खाना खा रहे युगल की टेबल पर जा पहुंचीं। उनके साथ चल रहे वीडियो रिकार्डिंग करने वालों और कैमरामैन के फ्लैश ऐसे चमक रहे थे जैसे किसी ‘ब्लैक लिस्टिेड रेस्त्रां’ और ‘अस्त-व्यस्त’ अवस्था में जोडे़ मिलने पर चमकते हैं। पुलिस के पूछने का अंदाज भी वही, यहां क्या कर रहे हा, क्या करते हो, कौन है तुम्हारी, ‘बाप’ को पता है यहां आएं हो...। मैडम तो इतना कहकर आगे बढ़ गईं लेकिन लड़की घबराकर बेहोश हो गई। साथ चल रहीं महिला पत्रकारों ने पानी की छीटें डालकर लड़की को होश में लाया और दिलासा दी। मैडम के इस ‘ड्रामे’ से पूरे फूड कोर्ट में दहशत फैल गई। कई तो उल्टे पांव वहां से चले गए और कुछ बीच में खाना छोड़कर कर उठ खड़े हुए। पुलिस की दहशत का यह आलम था कि युवा प्रेमी युगल तो दूर पुलिस ने बुजुर्गों को भी नहीं छोड़ा। पुलिस की बेअंदाज हरकतों को देखकर बुजुर्ग तक फूड कोर्ट से चले गए। एक बुजुर्ग तो पुलिस के डर के कारण अपना बैग तक भूल गए लेकिन पुलिस ने अपनी ‘हद’ फिर भी नहीं समझी और उनका मजाक उड़ाते हुए कहने लगी कि ‘अरे भइया इतनी जल्दी क्या है बैग तो लेते जाओ...’।
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लुधियाना से पहली बार कानपुर आए अभिनव ने कहा कि वह भाभी की बहन और उनकी सहेलियों के साथ मॉल घूमने आए थे। अभिनव ने कहा कि पता नहीं पुलिस ने क्यों पकड़ लिया, अब तो कान पकड़ता हूं कभी नहीं आऊंगा। वहीं, डीएवी से अभय गुप्ता और एमजी से रोहित को पुलिस ने पकड़ा। रोहित को पुलिस ने थप्पड़ मारे और उठक-बैठक कराई।
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शोहदों को पकड़ने के लिए ‘आपरेशन रोड रोमियो’ शुरू किया गया है। इसके लिए टीम बनाकर जगह चिह्नित की गई हैं। मॉल के भीतर चेकिंग करने के लिए मॉल के मैनेजर और स्टाफ ने कहा था। उन्हीं के कहने पर फूड कोर्ट में बैठक-लड़के लड़कियों से पूछताछ की। रिकार्डिंग और फोटोग्राफी अभियान का हिस्सा है।
-सीओ अंकिता सिंह
पुलिस अपने मन से भीतर गई और चेकिंग की। मुझे जानकारी भी नहीं थी कि पुलिस चेकिंग के लिए आ रही है। आप खुद ही सोचिए, मैं मॉल के भीतर जाकर चेकिंग करने के लिए क्यों कहूूंगा।
-आल्वी, मॉल मैनेजर
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सीन-2 : मोतीझील
दोपहर करीब 1:30 बजे जेब्रा की तीन बाइकों पर सवार पुलिसकर्मी कारगिल पार्क के सामने नुक्कड़ पर खड़े थे। कुछ देर में तीन लड़कियां उनके अगल-बगल नजर आईं। पुलिसकर्मियों के फोन घनघनाए और लड़कियां ने दबी जुबान में ‘हम आ गये हैं’ कहकर कारगिल पार्क में दाखिल हो गईं। तीनों लड़कियां असल में महिला सिपाही थीं, जो ‘शोहदा पकड़ो अभियान’ के तहत बुधवार को मोतीझील परिसर में बिना वर्दी के निकली थीं। काफी देर कारगिल पार्क में घूमने के बाद तीनों बाहर आ गईं। करीब पौन दो बजे तीनों अलग-अलग जापानी गार्डेन की ओर बढ़ गईं। तभी बाइक पर सवार अधेड़ एक सिपाही के आगे-पीछे होने लगा। कुछ देर में जेब्रा पुलिस वहां पहुंची तो वह भाग खड़ा हुआ। म्यूजिकल फाउंटेन के पास एक और अधेड़ आ धमका। सिपाही तुलसी उपवन के सामने खड़ी हो गई तो उसने बाइक रोककर सिगरेट के छल्ले उड़ाते हुए इशारेबाजी शुरू कर दी। उधर, फोन पर इशारा मिलते ही जेब्रा पुलिस ने अधेड़ को दबोच लिया। करीब पौने तीन बजे महिला सिपाही को एक लड़के ने रोका और जबरदस्ती अपना मोबाइल नंबर देकर ‘हैप्पी न्यू ईयर’ कह डाला। उसे भी जेब्रा पुलिस ने दबोचकर स्वरूप नगर थाने पहुंचा दिया।
करीब सवा तीन बजे सीओ अंकिता जापानी गार्डन के सामने पहुंचीं तो पार्क से बाहर निकल रहे और आसपास खड़े कुछ लोग फुसफुसाने लगे ‘पुलिस पार्क के बाहर शोहदों को पकड़ रही है... यहां तो फैमिली का बैठना दूभर है।’ इस पर सीओ ने महिला सिपाहियों को बिना इजाजत पार्क में घुसने ने मना कर दिया। इसी बीच कुछ मीडियाकर्मियों ने एसएसपी को फोन करके पार्कों में गलत हरकतें कर रहे जोड़ों के बारे में बताकर फोन सीओ को थमा दिया। सीओ अंकिता ने एसएसपी से फोन पर कुछ बात की और अपनी टीम के साथ गार्डन में चली गईं। पार्क में पुलिस को देखते ही आपत्तिजनक स्थिति में बैठे लड़के-लड़कियाें और अधेड़ों में भगदड़ मच गई। शालीनता से बातचीत कर रहे जोड़े चुपचाप बैठे रहे। ऐसे जोड़ों को परेशान न करते हुए पुलिस छह लड़कों को पकड़कर थाने ले गई और लड़कियों को डांटकर गेट के बाहर कर दिया। इस पर पिकनिक मनाई आईं कुछ महिलाआें ने सीओ और उनकी टीम को बधाई दी। उधर, जापानी गार्डन में पुलिस होने की सूचना पाकर तुलसी उपवन और कारगिल पार्क में बैठे जोड़े तुरंत भाग खड़े हुए। अभियान साढ़े चार बजे खतम हुआ।
इन्हें दबोचा
.सिपाही से इशारेबाजी करने वाला मोतीमोहाल निवासी नरेंद्र कुमार
.सिपाही को रोककर मोबाइल नंबर देने वाला मोतीमोहाल निवासी चेतन कुमार (पुलिस के अनुसार चेतन एटूजेड में सुपरवाइजर हैं)
.जापानी गार्डेन से ओम पुरवा के आलम खान, चूना भटिया के विशाल, जाजमऊ के आदित्य कुमार, आवास विकास के सुबोध कुमार, साहब नगर नई दिल्ली के राहुल कुमार और चुन्नीगंज के इमरान को थाने ले जाया गया।
‘बन सकता है निजता उल्लंघन का मामला’
अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित का कहना है कि किसी होटल, रेस्टोरेंट या सार्वजनिक स्थान पर बैठे बालिग युगलों के साथ इस तरह का व्यवहार निजता उल्लंघन के दायरे में आता है। सार्वजनिक रूप से अश्लीलता न करने तक पुलिस इस तरह बैठे लोगों से अभद्रता नहीं कर सकती है। निजता किसी भी व्यक्ति का कानूनी ही नहीं संवैधानिक अधिकार भी है। अधिवक्ता आनंद शंकर जायसवाल ने कहा कि बिना किसी कारण के कोई पुलिस किसी के साथ मारपीट या अभद्रता नहीं कर सकतीं। इस तरह के बर्ताव पर उनके खिलाफ आपराधिक धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है। अधिवक्ता अनंत शर्मा का कहना है कि पुलिस का इस तरह का बर्ताव सीधे-सीधे मानवाधिकारों का उल्लंघन है। मानवाधिकार आयोग से इसकी शिकायत की जा सकती है।