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‘दूसरे दलों में भी हैं आरएसएस कार्यकर्ता’

Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
Kanpur
Kanpur Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। आरएसएस के सर संघ चालक मोहन मधुकर राव भागवत ने बिना किसी दल का नाम लिए कहा कि क्षेत्रीय दलों में भी संघ के स्वयं सेवक काम कर रहे हैं। बसपा का तो उन्होंने जिक्र भी कर दिया और कहा कि इसके पदाधिकारियों को उन्होंने गणवेश में देखा है। संघ किसी दल का न विरोध करता है और न समर्थन करता है। स्वयं सेवकों पर कोई बंधन नहीं, वे किसी भी दल में काम कर सकते हैं, सिर्फ उन्हें छोड़कर जो हिंसा करने वाले हैं और विदेशी मदद लेते हैं। शुक्रवार को रागेेंद्र स्वरूप आडिटोरियम में उद्बोधन के पहले ‘जिज्ञासा समाधान सत्र’ में सर संघ चालक भागवत ने लोगों की जिज्ञासाएं शांत की।
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‘जिज्ञासा समाधान सत्र’ के लिए लोगों ने अपनी जिज्ञासाएं ई-मेल के माध्यम से कार्यक्रम संयोजक को भेजी थीं। गंगा प्रसाद यादव के सवाल कि ‘भाजपा और संघ के रिश्तों को लेकर भ्रम की स्थिति क्यों है’? इस पर उन्होंने साफ किया कि भाजपा स्वायत्त दल है। स्वयं सेवक अपने विवेक से काम करता है। भाजपा में उनकी स्वीकार्यता अधिक है। भाजपा का राजनीतिक दल के रूप में संघ से कोई संबंध नहीं है। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि वे चुनाव को तात्कालिक बात मानते हैं, बाद में सब अपने हैं। ‘सभी राजनीतिक दलों के मुट्ठी भर लोगों को छोड़कर बाकी सब सहयोग करते हैं। मुट्ठी भर भी बयानों में विरोध करते हैं। उनका स्नेह भी हमारी तरफ है।’ राजनीति स्वार्थ के लिए चलती है। संघ स्वार्थ के लिए नहीं। हमें तो संपूर्ण समाज को संगठित करना है।
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जिज्ञासा समाधान सत्र में यह भी कहा
-भारत सामरिक तैयारी करे ताकि कोई हमले की हिम्मत न कर पाए
-बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिन्हित करके बाहर किया जाए
-घुसपैठियों को रोजगार न दें
-कानपुर में अलग-अलग प्रांतों के लोग गुट बनाकर न रहें, आपस में मेलजोल रखें
-लोग न रिश्वत दें और न लें, समय लगेगा पर भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा
-बच्चों को महापुरुषों की कहानियां सुनाएं, उनमें सुसंस्कारित करें
-चीन से दो हजार साल पुराना सांस्कृतिक संबंध है, वह भारत को गुरु मानता है
-एशिया में आर्थिक महासंघ बने, नेतृत्व भारत करे
-पारिवारिक एकजुटता के लिए हफ्ते में कुटुंब प्रबोधन दिवस आयोजित करें
-जैविक कृषि खड़ी करना आवश्यक
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स्वयं सेवकों को सेहत की सीख दी
कानपुर। आरएसएस के सर संघ चालक मोहन मधुकर राव भागवत नगर आगमन पर सुबह सबसे पहले आरके पुरम शिवली रोड कल्याणपुर की शाखा में गए। उन्होंने स्वयं सेवकों को सेहत की सीख दी। कहा, सबसे पहले व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क होता है। इसके साथ ही नसीहत की व्यक्ति को सारे कार्य देश हित को ध्यान में रखकर करने चाहिए। भारत सदा से विश्व गुरु रहा है। स्वयं सेवकों ने उनका अभिनंदन किया। इस दौरान संघ के दूसरे पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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