नीट की मेरिट हुई हाई, सफल छात्र भी बढ़े, कानपुर के 62 प्रतिशत छात्रों ने पाई सफलता
नेशनल एलिजबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) 2019 का पेपर काफी सरल आया था। यही कारण है कि इस बार सफलता के प्रतिशत में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। इसकी वजह से मेरिट भी हाई हो गई है। वैसे तो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरफ से शहर के लिए कोई आंकड़ा जारी नहीं किया जाता, लेकिन स्थानीय विशेषज्ञ अपने स्तर पर जरूर सफलता का आकलन करते हैं।
इसके मुताबिक इस बार कानपुर से करीब 12 हजार छात्रों ने नीट में शिरकत की थी। इसमें करीब 62 प्रतिशत छात्रों ने एमबीबीएस व बीडीएस के लिए सफलता हासिल की है। पिछली बार के मुकाबले इसमें चार प्रतिशत का इजाफा हुआ है। पिछली बार 58 फीसद छात्रों ने नीट में सफलता हासिल की थी।
रैंकिंग में हुआ पीछे, टॉप-100 से गायब
पिछली बार के मुकाबले इस बार रैकिंग में शहर पीछे हुआ है। पिछली बार शहर से प्रेरक त्रिपाठी ने ऑल इंडिया 33 रैंक हासिल की थी। जबकि इस बार टॉप-100 में कोई छात्र नहीं है। हालांकि टॉप-1000 में आठ छात्रों ने जगह बनाने में कामयाबी हासिल की है।
13 हजार रैंक तक मिल जाएंगे कॉलेज (फोटो)
नीट के विशेषज्ञ और न्यू लाइट कोचिंग संस्थान के निदेशक डॉ. एसपी सिंह बताते हैं कि इस बार एमबीबीएस की सीटों में ईडब्ल्यूएस कोटा लागू होने के चलते बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते 13 हजार रैंक तक हासिल करने वाले छात्रों को आसानी से कोई न कोई मेडिकल कॉलेज मिल जाएगा।
इस बार पेपर सरल था। पिछली बार 691 अंक पाने वाला छात्र टॉपर था, जबकि इस बार इतने अंक पाने वाले छात्र की रैंक 10 हो गई है। इस बार 701 अंक पाने वाला छात्र टॉपर है। इसके चलते मेरिट हाई हो गई है। - डॉ. एसपी सिंह, नीट विशेषज्ञ, निदेशक, न्यू लाइट कोचिंग
छात्रों के सफलता प्रतिशत में इजाफा हुआ है। ऐसे में 13000 रैंक तक के छात्रों को उनके मनपसंद कॉलेज में प्रवेश मिल सकता है। ईडब्ल्यूएस कोटा लागू होने से सीटों में भी बढ़ोतरी हो रही है। इसका भी फायदा छात्रों को मिलेगा। - केके गुप्ता, निदेशक ओमेगा क्लासेज