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गंगाघाट पालिका दफ्तर में हंगामा, लगाया जाम
Updated Fri, 25 Aug 2017 12:39 AM IST
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शुक्लागंज (उ्न्नाव)। कटरी के चार मोहल्लों के 756 मकानों को नगर पालिका द्वारा अवैध घोषित किए जाने के विरोध में सैकड़ों लोगों ने गंगाघाट पालिका दफ्तर पर हंगामा किया। इस दौरान आक्रोशित नागरिकों ने पालिका के अधिशाषी अधिकारी के दफ्तर पर पथराव किया और राजधानी मार्ग पर जाम लगा दिया। यही नहीं सड़क पर खड़े वाहनाें में भी प्रदर्शनकारियों द्वारा तोड़फोड़ की गई। अपने ही
दफ्तर में बंधक बने पालिका ईओ के फोन पर पुलिस पहुंची लेकिन हालत बेकाबू देख उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। सूचना पर एसडीएम और सीओ भी पहुंच गए। इस दौरान राजधानी मार्ग पर दोनों तरफ वाहनाें की लंबी कतार लग गई। करीब ढाई घंटे तक चले इस ड्रामे के बाद एसडीएम के आश्वासन पर आक्रोशित प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत हुआ और जाम खोला जा सका। इसबीच एसडीएम ने आश्वासन दिया कि अवैध घोषित मकानों की फिर से जांच होगी। इस काम में
गलत पाए जाने पर लेखपाल और दोषी राजस्व कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि नगर पालिका गंगाघाट ने कटरी किनारे बसे मोहल्ले मनोहर नगर, शक्ति नगर, इंद्रानगर , चंपापुरवा, सीताराम कलोनी, आदर्श नगर, सर्वोदय नगर के 756 मकानों को सरकारी भूमि पर अवैध ढंग से निर्माण बताते हुए नोटिस जारी की है।
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नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि जिस जमीन पर यह मकान बनाए गए है, वह सरकारी जमीन है। इसलिए नोटिस मिलने के 10 दिनों के अंदर गृहस्वामी जमीन खाली कर दे अन्यथा पालिका हटा देगी। नोटिस मिलने के बाद ही इन मकानों में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया। गुरुवार को नोटिस पाने वाले गृहस्वामी सुबह 11 बजे के करीब नगर पालिका दफ्तर पहुंच गए। इन लोगों ने पालिका की
कार्रवाई को गलत बताते हुए राजधानी मार्ग जाम कर दिया। इस दौरान कुछ लोगों ने सड़क पर खड़े वाहनों में तोड़फ ोड़ कर दी। वहीं कुछ लोग पालिका दफ्तर में घुस गए और अधिशाषी अधिकारी(ईओ) कक्ष की खिड़कियों में तोड़फ ोड़ कर दी। भीड़ बेकाबू होते देख ईओ ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे कोतवाल संजय पांडे ने प्रदर्शनकारियों को मनाने का प्रयास किया लेकिन इसमें वह असफल रहे। इसी बीच कुछ लोगों ने नगर पालिका दफ्तर के बाहर लगी प्रदेश सरकार की एक होर्डिंग फाड़ दी। हालात बेकाबू होने पर सीओ सिटी स्वतंत्र सिंह और
एसडीएम सदर मेघा रूपम भी पहुंच गई। दोनों अधिकारियों के प्रदर्शनकारियों से आधे घंटे के बाद भी जब हंगामा शांत न होने पर एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों के पांच प्रतिनिधियों से वार्ता करने की पेशकश की। ईओ कक्ष में एसडीएम व सीओ की मौजूदगी में इन पांच प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि सरकारी भूमि पर निर्मित 756 मकानों को पुन: जांच होगी। इसके बाद लोग शांत हुए और जाम हटाया।
ंगाघाट पालिका दफ्तर में तोड़फोड़, जाम लगाया
- कटरी के 756 मकानों को अवैध घोषित करने पर बवाल
- एसडीएम ने कमेटी बनाकर जांच का दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
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दफ्तर में बंधक बने पालिका ईओ के फोन पर पुलिस पहुंची लेकिन हालत बेकाबू देख उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। सूचना पर एसडीएम और सीओ भी पहुंच गए। इस दौरान राजधानी मार्ग पर दोनों तरफ वाहनाें की लंबी कतार लग गई। करीब ढाई घंटे तक चले इस ड्रामे के बाद एसडीएम के आश्वासन पर आक्रोशित प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत हुआ और जाम खोला जा सका। इसबीच एसडीएम ने आश्वासन दिया कि अवैध घोषित मकानों की फिर से जांच होगी। इस काम में
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गलत पाए जाने पर लेखपाल और दोषी राजस्व कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि नगर पालिका गंगाघाट ने कटरी किनारे बसे मोहल्ले मनोहर नगर, शक्ति नगर, इंद्रानगर , चंपापुरवा, सीताराम कलोनी, आदर्श नगर, सर्वोदय नगर के 756 मकानों को सरकारी भूमि पर अवैध ढंग से निर्माण बताते हुए नोटिस जारी की है।
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नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि जिस जमीन पर यह मकान बनाए गए है, वह सरकारी जमीन है। इसलिए नोटिस मिलने के 10 दिनों के अंदर गृहस्वामी जमीन खाली कर दे अन्यथा पालिका हटा देगी। नोटिस मिलने के बाद ही इन मकानों में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया। गुरुवार को नोटिस पाने वाले गृहस्वामी सुबह 11 बजे के करीब नगर पालिका दफ्तर पहुंच गए। इन लोगों ने पालिका की
कार्रवाई को गलत बताते हुए राजधानी मार्ग जाम कर दिया। इस दौरान कुछ लोगों ने सड़क पर खड़े वाहनों में तोड़फ ोड़ कर दी। वहीं कुछ लोग पालिका दफ्तर में घुस गए और अधिशाषी अधिकारी(ईओ) कक्ष की खिड़कियों में तोड़फ ोड़ कर दी। भीड़ बेकाबू होते देख ईओ ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे कोतवाल संजय पांडे ने प्रदर्शनकारियों को मनाने का प्रयास किया लेकिन इसमें वह असफल रहे। इसी बीच कुछ लोगों ने नगर पालिका दफ्तर के बाहर लगी प्रदेश सरकार की एक होर्डिंग फाड़ दी। हालात बेकाबू होने पर सीओ सिटी स्वतंत्र सिंह और
एसडीएम सदर मेघा रूपम भी पहुंच गई। दोनों अधिकारियों के प्रदर्शनकारियों से आधे घंटे के बाद भी जब हंगामा शांत न होने पर एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों के पांच प्रतिनिधियों से वार्ता करने की पेशकश की। ईओ कक्ष में एसडीएम व सीओ की मौजूदगी में इन पांच प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि सरकारी भूमि पर निर्मित 756 मकानों को पुन: जांच होगी। इसके बाद लोग शांत हुए और जाम हटाया।
ंगाघाट पालिका दफ्तर में तोड़फोड़, जाम लगाया
- कटरी के 756 मकानों को अवैध घोषित करने पर बवाल
- एसडीएम ने कमेटी बनाकर जांच का दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो