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घटना के बाद बिलखते रामबाबू के परिजन।
Updated Tue, 30 Jan 2018 11:57 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। फर्जी तरीके से जमीन बेचने के मामले में अदालत ने दो दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। दोनों को 60-60 हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
मुख्य न्यायिक न्यायालय के अभियोजन अधिकारी मनमोहन वर्मा ने बताया कि इटरौर भीषमपुर निवासी कुशल सिंह ने नई बस्ती कर्वी निवासी बाबूलाल व अर्की निवासी कौशलेंद्र के खिलाफ फर्जी तरीके से बनकट के पास जमीन बेचने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बाद में पता चला कि यह जमीन दूसरे के नाम थी। इसी मामले में मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की न्यायधीश निहारिका सिंह ने दोनों को सात-सात साल कारावास व 60-60 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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चित्रकूट। फर्जी तरीके से जमीन बेचने के मामले में अदालत ने दो दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। दोनों को 60-60 हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
मुख्य न्यायिक न्यायालय के अभियोजन अधिकारी मनमोहन वर्मा ने बताया कि इटरौर भीषमपुर निवासी कुशल सिंह ने नई बस्ती कर्वी निवासी बाबूलाल व अर्की निवासी कौशलेंद्र के खिलाफ फर्जी तरीके से बनकट के पास जमीन बेचने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बाद में पता चला कि यह जमीन दूसरे के नाम थी। इसी मामले में मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की न्यायधीश निहारिका सिंह ने दोनों को सात-सात साल कारावास व 60-60 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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