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कानपुर यूनिवर्सिटी में 43 लाख का घपला, खर्च धनराशि का रिकॉर्ड नहीं, शासन की कमेटी ने शुरु की जांच

Thu, 04 Feb 2021 08:47 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 04 Feb 2021 08:47 PM IST
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43 lakh scandal in Kanpur University, no record of amount spent, government committee starts investigation
सीएसजेएमयू - फोटो : गूगल
कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में आठ साल पहले हुई आर्थिक गड़बड़ी की जांच शुरू हो गई है। शासन की ओर से गठित कमेटी ने इसकी जांच शुरू कर दी है। स्टेडियम की चारदीवारी दोबारा बनवाने, ऑडिटोरियम के बगल में बने गड्ढे को पाटने और साल भर में ही पुताई का काम दोबारा करने में विवि नेे 43 लाख रुपये खर्च कर दिए।
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एक काम की दो फाइलें बनाकर बजट पास भी कराया गया। विवि के पास खर्च धनराशि का कोई रिकॉर्ड भी नहीं है। जांच कमेटी में विधायक इरफान सोलंकी, फाइनेंस ऑफिसर साधना श्रीवास्तव, कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव, उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. रिपुदमन सिंह और लेखा परीक्षा विभाग के उपनिदेशक को शामिल किया गया है।
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बुधवार को टीम जांच के लिए विवि भी गई थी। विवि में 2012-13 में विवि में निर्माण कार्य काफी तेजी से हुआ था। ऑडिटोरियम, बाउंड्रीवाल, जिम्नेजियम सहित विभिन्न निर्माण में करोड़ों रुपये खर्च हुए थे। ऑडिट में मामला फंस गया, लेखा विभाग ने 43 लाख रुपये के अधिक खर्च होने का विरोध किया।

तब पता चला कि विवि ने स्टेडियम की चारदीवारी को दोबारा बनाया गया है। जांच कमेटी का कहना है कि स्टेडियम की बाउंड्री को दोबारा बनाने का कोई सबूत नहीं है। न तो टूटी बाउंड्री की कोई तस्वीर है और न ही मरम्मत के दौरान के दस्तावेज। इसके अलावा ऑडिटोरियम के बगल में गड्ढा पाटने पर भी खर्च किया गया है।

लेकिन यह गड्ढा कितना गहरा था, इसका जिक्र नहीं किया गया है। जांच टीम में शामिल विधायक इरफान सोलंकी का कहना है कि विवि ने 10 दिन का समय मांगा है। टीम दोबारा जांच के लिए 15 को आएगी। अगर विवि कोई सबूत नहीं देता है तो विधानसभा सत्र में मामला उठाया जाएगा।
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