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टैंकरों व डंपरों की गति में ब्रेक लगाएगा स्पीड गर्वनर
Updated Wed, 09 Aug 2017 12:20 AM IST
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उन्नाव। सरकार की समीक्षा में सड़क हादसों में बढ़ोतरी का कारण वाहनों की अनियंत्रित स्पीड सामने आई है। हादसों की रोकथाम के लिए परिवहन विभाग ने स्पीड नियंत्रित करने का फैसला लिया है। अब स्कूली वाहनों की तर्ज पर भारी वाहनों में भी स्पीड गर्वनर डिवाइस लगाई जाएगी। परिवहन आयुक्त ने एआरटीओ को स्पीड गर्वनर लगवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बिना डिवाइस के वाहनों को फिटनेस प्रमाण पत्र भी नहीं मिलेगा।
प्रदेश के साथ ही जिले की सड़कें हर दिन हादसों की गवाह बन रही हैं। वाहनों की तेज रफ्तार से आए दिन हादसे हो रहे हैं। इसे देखते हुए हाल ही के महीनों में परिवहन विभाग ने सर्वे कराया। सर्वे में हादसों का मुख्य कारण भारी वाहनों की तेज रफ्तार निकलकर सामने आई है।
इसके अलावा खस्ताहाल सड़कें व यातायात नियमों का उल्लंघन भी हादसों का कारण बनता है। सर्वे रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने स्कूली वाहनों की तर्ज पर टैंकर व डंपर के अलावा अन्य भारी वाहनों में स्पीड गर्वनर डिवाइस लगाने का फैसला लिया है।
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परिवहन आयुक्त पी. गुरुप्रसाद ने आरटीओ व एआरटीओ को अभियान चलाकर भारी वाहनों में स्पीड गर्वनर लगवाने के निर्देश जारी किए हैं। फिटनेस प्रमाण पत्र तभी जारी होगा जब वाहन स्पीड गर्वनर डिवाइस से लैस होगा। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर एआरटीओ प्रशासन व प्रवर्तन ने काम भी शुरू कर दिया है।
क्या है स्पीड गर्वनर
स्पीड गवर्नर डिवाइस वाहन के एक्सीलेटर में लगाई जाती है। इसके बाद वाहन तय से अधिक की रफ्तार नहीं भर सकता। रजिस्टर्ड कंपनी स्पीड गर्वनर लगाकर प्रमाण पत्र जारी करती है। इसे वाहन मालिक को परिवहन विभाग कार्यालय में जमा करना होता है। इसके बाद वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने के पहले स्पीड गर्वनर वाहन में लगा है कि नहीं इसकी जांच होती। स्पीड गर्वनर होने पर फिटनेस प्रमाण पत्र जारी होगा।
स्कूली वाहनों की गति 40 किमी प्रति घंटा
सड़क हादसों में अंकुश लगाने के लिए टैंकर व डंपर समेत अन्य भारी वाहनों में स्पीड गर्वनर डिवाइस लगाई जाएगी। अभी तक यह डिवाइस स्कूली वाहनों में खास तौर पर प्रयोग की जा रही थी। स्कूली वाहनों की स्पीड 40 किमी प्रति घंटा तय की गई है। भारी वाहनों की स्पीड 60 किमी प्रतिघंटा तय की जाएगी। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर चेकिंग अभियान की रूपरेखा तैयार की जा रही है। सड़कों पर अभियान चलाकर भारी वाहनों में स्पीड गर्वनर डिवाइस लगाई जाएगी। -एके पांडेय प्रभारी एआरटीओ प्रशासन
- सड़क हादसों की रोकथाम के लिए परिवहन विभाग ने उठाया यह कदम
- स्कूली वाहनों की तर्ज पर भारी वाहनों में लगेगी डिवाइस
अमर उजाला ब्यूरो
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प्रदेश के साथ ही जिले की सड़कें हर दिन हादसों की गवाह बन रही हैं। वाहनों की तेज रफ्तार से आए दिन हादसे हो रहे हैं। इसे देखते हुए हाल ही के महीनों में परिवहन विभाग ने सर्वे कराया। सर्वे में हादसों का मुख्य कारण भारी वाहनों की तेज रफ्तार निकलकर सामने आई है।
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इसके अलावा खस्ताहाल सड़कें व यातायात नियमों का उल्लंघन भी हादसों का कारण बनता है। सर्वे रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने स्कूली वाहनों की तर्ज पर टैंकर व डंपर के अलावा अन्य भारी वाहनों में स्पीड गर्वनर डिवाइस लगाने का फैसला लिया है।
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परिवहन आयुक्त पी. गुरुप्रसाद ने आरटीओ व एआरटीओ को अभियान चलाकर भारी वाहनों में स्पीड गर्वनर लगवाने के निर्देश जारी किए हैं। फिटनेस प्रमाण पत्र तभी जारी होगा जब वाहन स्पीड गर्वनर डिवाइस से लैस होगा। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर एआरटीओ प्रशासन व प्रवर्तन ने काम भी शुरू कर दिया है।
क्या है स्पीड गर्वनर
स्पीड गवर्नर डिवाइस वाहन के एक्सीलेटर में लगाई जाती है। इसके बाद वाहन तय से अधिक की रफ्तार नहीं भर सकता। रजिस्टर्ड कंपनी स्पीड गर्वनर लगाकर प्रमाण पत्र जारी करती है। इसे वाहन मालिक को परिवहन विभाग कार्यालय में जमा करना होता है। इसके बाद वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने के पहले स्पीड गर्वनर वाहन में लगा है कि नहीं इसकी जांच होती। स्पीड गर्वनर होने पर फिटनेस प्रमाण पत्र जारी होगा।
स्कूली वाहनों की गति 40 किमी प्रति घंटा
सड़क हादसों में अंकुश लगाने के लिए टैंकर व डंपर समेत अन्य भारी वाहनों में स्पीड गर्वनर डिवाइस लगाई जाएगी। अभी तक यह डिवाइस स्कूली वाहनों में खास तौर पर प्रयोग की जा रही थी। स्कूली वाहनों की स्पीड 40 किमी प्रति घंटा तय की गई है। भारी वाहनों की स्पीड 60 किमी प्रतिघंटा तय की जाएगी। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर चेकिंग अभियान की रूपरेखा तैयार की जा रही है। सड़कों पर अभियान चलाकर भारी वाहनों में स्पीड गर्वनर डिवाइस लगाई जाएगी। -एके पांडेय प्रभारी एआरटीओ प्रशासन
- सड़क हादसों की रोकथाम के लिए परिवहन विभाग ने उठाया यह कदम
- स्कूली वाहनों की तर्ज पर भारी वाहनों में लगेगी डिवाइस
अमर उजाला ब्यूरो