दिसंबर में 2800 करोड़ का चमड़ा निर्यात गिरा, चीन से आयात बेहद कम होने से नहीं आ रहे कंटेनर
अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी बंद हैं, जहां की चल रहीं, उनका भाड़ा बहुत महंगा हो गया है। 100 रुपये किलो पड़ने वाला भाड़ा अब 400 तक पहुंच गया है। केवल दिसंबर की बात करें तो 2019 के मुकाबले 2020 में 2800 करोड़ का निर्यात गिरा है। कोरोना से पहले चीन से बड़े पैमाने पर समुद्री रास्ते से सामान आयात होता था।
इसके चलते कंटेनरों की उपलब्धता आसानी से हो जाती थी। सामान्य दिनों में शहर से हर महीने चार हजार कंटेनर जाते थे। इतने ही वापस आते थे। अब चीन से आयात निर्यात लगभग बंद जैसा है। अन्य देशों से 2500 कंटेनर आ रहे हैं। इस वजह से चमड़ा उत्पादों का भरपूर निर्यात नहीं हो पा रहा है।
कंटेनरों की कमी के चलते माल डिस्पैच कराने में बड़ी समस्या आ रही है। शिपिंग कंपनियां भी मनमाने दाम लगा रही हैं। कंटेनर उपलब्ध हों तो निर्यात बढ़ सकता है। इस संबंध में फियो की ओर से भी सरकार को पत्र भेजा गया है।
जफर फिरोज, आयात-निर्यात विशेषज्ञ
यूरोप व अन्य देशों में कोरोना के कारण आर्डर पहले से बहुत कम हो गए हैं। जो आर्डर भी हैं, उन्हें भेजने के लिए कंटेनर नहीं हैं। उत्पाद की लागत भी बढ़ रही है। कारोबारियों पर दोहरी कमार पड़ रही है।
जावेद इकबाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद