{"_id":"5a5e35f84f1c1ba2268b4bdb","slug":"201516123640-kanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फौजी का शव पहुंचा तो हर आंख रोई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फौजी का शव पहुंचा तो हर आंख रोई
Updated Tue, 16 Jan 2018 11:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बिंदकी (फतेहपुर)। मलवां थाना क्षेत्र के रावतपुर सहेली गांव फौजी का शव पहुंचा तो हर आंख से आंसू निकला। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ शव का अंतिम संस्कार किया गया।
रावतपुर सहेली निवासी राम सजीवन साहू का बेटा प्रदीप साहू (22) तेलंगाना के सिकंदराबाद में तैनात थे। 12 जनवरी को करंट लगने से उनकी मौत हो गई थी। घटना की सूचना पर परिजनों में कोहराम मचा था। सोमवार की रात फौजी का पार्थिव शरीर लेकर सेना की टुकड़ी गांव पहुंची।
मंगलवार को एसडीएम हरिहरराम, अपर तहसीलदार डीपी सिंह, मलवां थानाध्यक्ष, सपा के पूर्व सांसद राकेश सचान, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल उर्फ दयालू गुप्ता, महेंद्र बहादुर सिंह उर्फ बच्चा, ओमी यादव, सत्य स्वरूप यादव, रामकिशोर प्रजापति, शिवभोले यादव, चरण सिंह आदि की मौजूदगी पर गार्ड आफ ऑनर के साथ जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। जवान की मौत को लेकर गांव में मातम छाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिंदकी (फतेहपुर)। मलवां थाना क्षेत्र के रावतपुर सहेली गांव फौजी का शव पहुंचा तो हर आंख से आंसू निकला। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ शव का अंतिम संस्कार किया गया।
रावतपुर सहेली निवासी राम सजीवन साहू का बेटा प्रदीप साहू (22) तेलंगाना के सिकंदराबाद में तैनात थे। 12 जनवरी को करंट लगने से उनकी मौत हो गई थी। घटना की सूचना पर परिजनों में कोहराम मचा था। सोमवार की रात फौजी का पार्थिव शरीर लेकर सेना की टुकड़ी गांव पहुंची।
विज्ञापन
मंगलवार को एसडीएम हरिहरराम, अपर तहसीलदार डीपी सिंह, मलवां थानाध्यक्ष, सपा के पूर्व सांसद राकेश सचान, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल उर्फ दयालू गुप्ता, महेंद्र बहादुर सिंह उर्फ बच्चा, ओमी यादव, सत्य स्वरूप यादव, रामकिशोर प्रजापति, शिवभोले यादव, चरण सिंह आदि की मौजूदगी पर गार्ड आफ ऑनर के साथ जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। जवान की मौत को लेकर गांव में मातम छाया है।
विज्ञापन