फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   20 years are thought kDa affair

20 साल से लगा रहे केडीए के चक्कर

Sat, 09 Jul 2016 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/ कानपुर Updated Sat, 09 Jul 2016 01:35 AM IST
विज्ञापन
20 years are thought kDa affair
केडीए के समाधान दिवस पर उमड़ी भीड़। - फोटो : amarujala
शुक्रवार को केडीए में लगे समस्या समाधान शिविर में परेशान आवंटियों की भीड़ उमड़ पड़ी। शिविर के पहले दिन 412 लोगों ने समस्याएं दर्ज कराईं। कोई प्लाट पर कब्जे के लिए तो कोई नामांतरण के लिए 20 साल से भटक रहा है। ये हाल तब है जब हर महीने प्राधिकरण दिवस लगता है और समस्याएं सुनी जाती हैं। 
विज्ञापन


शिविर के पहले दिन 45 समस्याओं का तत्काल निस्तारण किया गया। बाकी समस्याओं के निस्तारण के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है। शनिवार को भी शिविर जारी रहेगा। रजिस्ट्री, म्यूटेशन, कब्जा लेने, अवैध कब्जा होने, मानचित्र आदि से संबंधित शिकायतें ज्यादा थीं। केडीए वीसी जयश्री भोज, सचिव केपी सिंह, अपर सचिव पीके सिंह, उप सचिव मयंक यादव, संतोष यादव, सोमकमल सीताराम, मुख्य अभियंता वीके गोयल, सरवत अली, सीएटीपी स्वराज गांगुली समेत सभी अधिकारी समस्याओं के निस्तारण के लिए मौजूद रहे।
विज्ञापन


शिविर में आए अधिकतर आवंटी लिपिकों-जेई से परेशान दिखे। अफसरों के आदेश के बावजूद लिपिक-जेई फाइलें दबाए बैठे रहे। शिविर में आए लोग कई-कई वर्षों से काम कराने के लिए भटक रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पार्क में काटे प्लाटः काकादेव एम ब्लॉक स्थित एक पार्क में अवैध रूप से प्लाट काट दिए गए। शिकायतकर्ता रमाकांत अग्निहोत्री ने बताया कि भारतीय गृह निर्माण समिति का लेआउट केडीए ने पास किया था। समिति के पार्क में सात प्लाट काट दिए गए हैं। इनमें से तीन का तो नक्शा भी केडीए ने पास कर दिया है। आदेश के बावजूद प्लाट को ध्वस्त नहीं किया जा रहा। 
पता ही नहीं कहां है प्लाट
एक मार्च 2016 को हाईवे सिटी योजना में लॉटरी ड्रा के जरिए प्लाट आवंटित हुआ। इसके एवज में केडीए में लगातार किस्त जमा कर रहे हैं। अब तक केडीए की ओर से प्लाट की कोई जानकारी नहीं दी गई। - जीआर अंबवानी

20 साल से नहीं मिला कब्जा
बर्रा-2 में 1996 में केडीए ने कालोनी आवंटित की थी। केडीए ने जितना पैसा मांगा उतना जमा कर दिया। इसके बाद जब कब्जा लेने आए तो 58000 रुपये का जुर्माना लगा दिया। 20 साल से मकान पर कब्जे के लिए भटक रहा हूं।
- राज नारायण

इनको मिला समाधान
हाईवे सिटी विस्तार-2 में निर्धारित भूखंड से 40 फीसदी अतिरिक्त जमीन लेने वाले रत्नेश श्रीवास्तव की समस्या का समाधान शुक्रवार को हो गया। 
केडीए ने 60 वर्गमीटर के एलआईजी प्लाट में नापी गई अतिरिक्त 24 मीटर जमीन की धनराशि लेकर उन्हें इसका आवंटन कर दिया। 21 सितंबर 2015 से रजिस्ट्री के लिए भटक रहे थे।
स्वर्णजयंती विहार के ई-219 के आवंटी मनोज गुप्ता को भी शिविर से राहत मिली। साइट प्लान न बनने के कारण उनकी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही थी। वह 5 अगस्त 15 से इसके लिए केडीए के चक्कर काट रहे थे। शिविर में ही साइट प्लान बनवाकर उन्हें 15 जुलाई को रजिस्ट्री के लिए बुलाया गया।

किदवई नगर के एम ब्लॉक के भूखंड संख्या-16 के म्यूटेशन का फैसला भी शिविर में लिया गया। बकाया धनराशि 50 रुपये का भुगतान करने पर म्यूटेशन के आदेश जारी कर दिए गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed