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विवाहिता की हत्या में पति समेत चार को कैद
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:33 AM IST
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फतेहपुर। शादी के बाद दहेज की मांग पूरी ना होने पर पत्नी को जान से मार डालने का आरोप सिद्ध होने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र निगम की अदालत ने आरोपी पति को जेल भेज दिया। अदालत ने पति के साथ सास-ससुर और देवर को भी कारावास की सजा सुनाई है। मामला न्यायालय में छह साल से विचाराधीन था। अदालत ने इन पर अर्थदंड भी लगाया है।
मामला खागा सर्किल के किशनपुर थाने का है। धाता थानाक्षेत्र के सरवनपुर बिंदौस गांव के राजाराम ने अपनी पुत्री शिव देवी की शादी किशनपुर के अमनी गांव निवासी घूरे लाल से आठ मार्च 2008 को की थी। शादी के बाद से घूरे लाल अपनी पत्नी शिव देवी से मायके वालों से मोटरसाइकिल दिलाने की मांग कर रहा था। शादी के छह साल बीत जाने के बाद बच्चे ना होने से भी घूरे अपनी पत्नी से नाराज था। वह आए दिन पत्नी के साथ मारपीट करता था। 18 जून 2014 की सुबह सात बजे घूरे ने शिव देवी को पीट-पीट कर मार डाला और उसे फांसी पर लटका दिया। इस पूरे मामले में शिव देवी की मां सोनी की तहरीर पर पति घूरे लाल, सास सुतनिया देवी, ससुर मक्खन लाल और देवर बीरेंद्र के विरुद्ध एफआईआर करवाई थी। इस मसले में सोमवार को एडीजे कोर्ट नंबर सात शैलेंद्र निगम की अदालत ने सहायक शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्ता की दलीलों को सुनते हुए एवं साक्ष्यों के आधार पर पति और सास-ससुर को दस-दस वर्ष के कारावास, देवर बीरेंद्र को दो वर्ष के सश्रम कारावास और सभी को तीन-तीन हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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मामला खागा सर्किल के किशनपुर थाने का है। धाता थानाक्षेत्र के सरवनपुर बिंदौस गांव के राजाराम ने अपनी पुत्री शिव देवी की शादी किशनपुर के अमनी गांव निवासी घूरे लाल से आठ मार्च 2008 को की थी। शादी के बाद से घूरे लाल अपनी पत्नी शिव देवी से मायके वालों से मोटरसाइकिल दिलाने की मांग कर रहा था। शादी के छह साल बीत जाने के बाद बच्चे ना होने से भी घूरे अपनी पत्नी से नाराज था। वह आए दिन पत्नी के साथ मारपीट करता था। 18 जून 2014 की सुबह सात बजे घूरे ने शिव देवी को पीट-पीट कर मार डाला और उसे फांसी पर लटका दिया। इस पूरे मामले में शिव देवी की मां सोनी की तहरीर पर पति घूरे लाल, सास सुतनिया देवी, ससुर मक्खन लाल और देवर बीरेंद्र के विरुद्ध एफआईआर करवाई थी। इस मसले में सोमवार को एडीजे कोर्ट नंबर सात शैलेंद्र निगम की अदालत ने सहायक शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्ता की दलीलों को सुनते हुए एवं साक्ष्यों के आधार पर पति और सास-ससुर को दस-दस वर्ष के कारावास, देवर बीरेंद्र को दो वर्ष के सश्रम कारावास और सभी को तीन-तीन हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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