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सिंचाई व्यवस्था धड़ाम
Updated Tue, 30 Jan 2018 11:28 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। विजयीपुर विकास खंड क्षेत्र के यमुना तिरहार में सिंचाई व्यवस्था धड़ाम है। अधिकतर राजकीय नलकूप खराब हैं। इससे गेहूं के फसल की सिंचाई बाधित है।
यमुना तिरहार क्षेत्र के टिकुरा, रग्घूपुर, चिटनपुर, अवधूतपुर, मडैयन और गिरधरपुर गांव के राजकीय नलकूप खराब हैं। इससे तिरहार क्षेत्र की सैकड़ों बीघा फसलों की सिंचाई बाधित है। चंदापुर गांव के किसान सत्यप्रकाश ने बताया कि जेई, एसडीओ कभी नलकूपों का निरीक्षण करने नहीं आते हैं। दो-दो महीने से नलकूप खराब हैं।
किसान राजेंद्र सिंह ने बताया कि राजकीय नलकूप ही सिंचाई का एक साधन है। नलकूप खराब होने से फसलों की पैदावार प्रभावित होती है। गेहूं की फसलें सूखने लगी हैं। अधिशासी अभियंता कांशीराम आर्य ने बताया कि खराब नलकूपों की मरम्मत कराई जाती है, लेकिन जलस्तर नीचे जाने से मोटरों में लोड अधिक पड़ता है। इससे नलकूप ज्यादा खराब हो रहे हैं।
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फतेहपुर। विजयीपुर विकास खंड क्षेत्र के यमुना तिरहार में सिंचाई व्यवस्था धड़ाम है। अधिकतर राजकीय नलकूप खराब हैं। इससे गेहूं के फसल की सिंचाई बाधित है।
यमुना तिरहार क्षेत्र के टिकुरा, रग्घूपुर, चिटनपुर, अवधूतपुर, मडैयन और गिरधरपुर गांव के राजकीय नलकूप खराब हैं। इससे तिरहार क्षेत्र की सैकड़ों बीघा फसलों की सिंचाई बाधित है। चंदापुर गांव के किसान सत्यप्रकाश ने बताया कि जेई, एसडीओ कभी नलकूपों का निरीक्षण करने नहीं आते हैं। दो-दो महीने से नलकूप खराब हैं।
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किसान राजेंद्र सिंह ने बताया कि राजकीय नलकूप ही सिंचाई का एक साधन है। नलकूप खराब होने से फसलों की पैदावार प्रभावित होती है। गेहूं की फसलें सूखने लगी हैं। अधिशासी अभियंता कांशीराम आर्य ने बताया कि खराब नलकूपों की मरम्मत कराई जाती है, लेकिन जलस्तर नीचे जाने से मोटरों में लोड अधिक पड़ता है। इससे नलकूप ज्यादा खराब हो रहे हैं।
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