{"_id":"5a8b123e4f1c1b9f268bb011","slug":"171519063614-kanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाजार में साढ़े तीन लाख सोलर प्लांट, भुगतान 11.50 लाख किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाजार में साढ़े तीन लाख सोलर प्लांट, भुगतान 11.50 लाख किया
Updated Mon, 19 Feb 2018 11:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद (कमालगंज)। नगर पंचायत कमालगंज में दुकानों के आवंटन की जमानत राशि में सात लाख के घोटाले का प्रकरण अभी ठंडा भी नहीं पड़ा कि एक और घोटाला सामने आया है। मामला सोलर प्लांट की खरीद से जुड़ा है। हुआ यह है कि साढ़े तीन लाख कीमत वाले सोलर प्लांट का 11.50 लाख रुपये भुगतान कर दिया गया है। ऐसा नहीं कि मामला अधिकारियों के संज्ञान में नहीं है, फिर भी वे चुप्पी साधे हैं।
बिजली कटौती के दौरान पंचायत कार्यालय का विभागीय काम प्रभावित न हो इस मंशा के साथ नगर पंचायत में 2017 में सोलर प्लांट लगवाया गया था। तत्कालीन पालिका अध्यक्ष राजबेटी शंखवार का कार्यकाल समाप्त होने पर अध्यक्ष का चार्ज देख रहे अधिशासी अधिकारी के कार्यकाल में सोलर प्लांट लगाया गया था। इस दौरान पांच
किलोवाट का सोलर प्लांट नगर पंचायत में लगाया जाना था, लेकिन विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से कम क्षमता का यानी चार किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया गया। विभागीय सूत्रों के मुताबिक सोलर प्लाट की बाजार में कीमत करीब साढ़े तीन लाख रुपये है। अधिकारियों की मिलीभगत से सोलर प्लांट लगवाने में खेल किया गया।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक सुपर सीट (कार्यभार अवधि) के दौरान ईओ केएन रावत ने सोलर प्लांट लगाने वाली कार्यदायी संस्था को 11.50 लाख रुपयों का भुगतान कर दिया। यह भुगतान राज्य वित्त मद से किया गया था, जो नियमानुसार नहीं हो सकता है। राज्य वित्त की मद में जो धन आता है, उससे पहले कर्मचारियों का वेतन और पेंशन
दी जाती है। जो धन बचता है, उसका उपयोग विकास कार्य में किया जाता है। अन्य किसी मद के कार्य का भुगतान नहीं हो सकता है। इस तरह पंचायत से आठ लाख रुपये अधिक भुगतान कर गोलमाल किया गया है।
सोलर प्लांट लगवाने में हुए गोलमाल की जानकारी नहीं है। इसकी पत्रावली मंगा कर जांच की जाएगी। जो दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रीति माहेश्वरी, अध्यक्ष नगर पंचायत कमालगंज
सुपर सीट के समय खाता संचालन में दो लोगों के हस्ताक्षर से भुगतान होता है। ईओ अपने स्तर से किसी भी मद से किसी भी मद का भुगतान कर सकता है। कितने का सोलर प्लांट लगा है, इसकी जानकारी नहीं है। 11.50 लाख रुपये सोलर प्लांट का भुगतान हुआ है। इस दौरान ‘मुझे कमालगंज से अटैच किया गया था’। अरविंद शर्मा, कर अधीक्षक नगर पालिका कायमगंज
नगर पंचायत कार्यालय में लगे सोलर प्लांट का राज्य वित्त मद से 11.50 लाख रुपये भुगतान हुआ था। सोलर प्लांट कितने पॉवर का है, इसकी जानकारी नहीं है। केएन रावत, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत कमालगंज।
कमालगंज। नगर पंचायत की 10 दुकान आवंटन को 50 लोगों से 20 लाख रुपये जमा कराए गए थे। यह धन सरकारी खाते में आधा अधूरा जमा किया गया। करीब सात लाख रुपये का गबन हुआ था। यह मामला उच्च अधिकारियों के पास पहुंचने के बाद दवा दिया गया। अभी तक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रीति माहेश्वरी ने बताया कि अधिशासी अधिकारी को नोटिस देकर गबन में लिप्त कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस संबंध में ईओ से जानकारी मांगी जाएगी।
साढ़े तीन लाख के सोलर प्लांट का 11.50 लाख भुगतान
दुकानों के आवंटन के बाद नगर पंचायल कमालगंज में सोलर प्लांट खरीद में गोलमाल उजागर
इंद्रेश चौहान
विज्ञापन
बिजली कटौती के दौरान पंचायत कार्यालय का विभागीय काम प्रभावित न हो इस मंशा के साथ नगर पंचायत में 2017 में सोलर प्लांट लगवाया गया था। तत्कालीन पालिका अध्यक्ष राजबेटी शंखवार का कार्यकाल समाप्त होने पर अध्यक्ष का चार्ज देख रहे अधिशासी अधिकारी के कार्यकाल में सोलर प्लांट लगाया गया था। इस दौरान पांच
विज्ञापन
किलोवाट का सोलर प्लांट नगर पंचायत में लगाया जाना था, लेकिन विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से कम क्षमता का यानी चार किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया गया। विभागीय सूत्रों के मुताबिक सोलर प्लाट की बाजार में कीमत करीब साढ़े तीन लाख रुपये है। अधिकारियों की मिलीभगत से सोलर प्लांट लगवाने में खेल किया गया।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक सुपर सीट (कार्यभार अवधि) के दौरान ईओ केएन रावत ने सोलर प्लांट लगाने वाली कार्यदायी संस्था को 11.50 लाख रुपयों का भुगतान कर दिया। यह भुगतान राज्य वित्त मद से किया गया था, जो नियमानुसार नहीं हो सकता है। राज्य वित्त की मद में जो धन आता है, उससे पहले कर्मचारियों का वेतन और पेंशन
दी जाती है। जो धन बचता है, उसका उपयोग विकास कार्य में किया जाता है। अन्य किसी मद के कार्य का भुगतान नहीं हो सकता है। इस तरह पंचायत से आठ लाख रुपये अधिक भुगतान कर गोलमाल किया गया है।
सोलर प्लांट लगवाने में हुए गोलमाल की जानकारी नहीं है। इसकी पत्रावली मंगा कर जांच की जाएगी। जो दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रीति माहेश्वरी, अध्यक्ष नगर पंचायत कमालगंज
सुपर सीट के समय खाता संचालन में दो लोगों के हस्ताक्षर से भुगतान होता है। ईओ अपने स्तर से किसी भी मद से किसी भी मद का भुगतान कर सकता है। कितने का सोलर प्लांट लगा है, इसकी जानकारी नहीं है। 11.50 लाख रुपये सोलर प्लांट का भुगतान हुआ है। इस दौरान ‘मुझे कमालगंज से अटैच किया गया था’। अरविंद शर्मा, कर अधीक्षक नगर पालिका कायमगंज
नगर पंचायत कार्यालय में लगे सोलर प्लांट का राज्य वित्त मद से 11.50 लाख रुपये भुगतान हुआ था। सोलर प्लांट कितने पॉवर का है, इसकी जानकारी नहीं है। केएन रावत, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत कमालगंज।
कमालगंज। नगर पंचायत की 10 दुकान आवंटन को 50 लोगों से 20 लाख रुपये जमा कराए गए थे। यह धन सरकारी खाते में आधा अधूरा जमा किया गया। करीब सात लाख रुपये का गबन हुआ था। यह मामला उच्च अधिकारियों के पास पहुंचने के बाद दवा दिया गया। अभी तक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रीति माहेश्वरी ने बताया कि अधिशासी अधिकारी को नोटिस देकर गबन में लिप्त कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस संबंध में ईओ से जानकारी मांगी जाएगी।
साढ़े तीन लाख के सोलर प्लांट का 11.50 लाख भुगतान
दुकानों के आवंटन के बाद नगर पंचायल कमालगंज में सोलर प्लांट खरीद में गोलमाल उजागर
इंद्रेश चौहान