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असालतगंज आश्रय स्थल में तीन और मवेशियों की मौत
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रसूलाबाद (कानपुर देहात)। जिले के गोवंश आश्रयस्थलों में अव्यवस्था बरकरार है। मंगलवार को असालतगंज गो-आश्रय स्थल में बीमारी से तीन और मवेशियों ने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद उन्हें दफना दिया गया। डाक्टर ने मौत का कारण बताने से इंकार कर दिया। वहीं, गोआश्रय स्थल पर टीन शेड तैयार न होने से मवेशी धूप से बेहाल हैं। यहां अभी चार और मवेशियों की हालत खराब है।
रसूलाबाद के असालतगंज गोआश्रय स्थल में 7 अप्रैल से मवेशियों के मरने का सिलसिला शुुरू हुआ था। दो दिनों में 11 बछड़े व बछिया की मौत हो गई। इसके बाद रविवार को दो और सोमवार को तीन गोवंश मर गए थे। मंगलवार को बीमार पड़े तीन और गोवंशों ने मंगलवार को दम तोड़ दिया। चार की हालत मरणासन्न हैं।
डॉ गीतम सिंह ने बताया कि तीन गोवंश का पोस्टमार्टम किया है उन्होंने मौत का कारण बताने से इंकार कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने संवेदनहीनता की हद कर दी। बीमार पड़े चार मवेशियों के लिए अलग से छाया की भी व्यवस्था नहीं की गई। आश्रय स्थल में टीन शेड का निर्माण शुरू करा दिया गया है। इससे बनने में दो दिन लग सकते हैं। एसडीएम जेपी पांडेय ने बताया कि वह मीटिंग हैं उन्हें गोवंश के मरने की जानकारी नहीं है।
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असालतगंज गो-आश्रय स्थल में फिर हुई तीन गोवंशों की मौत
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रसूलाबाद के असालतगंज गोआश्रय स्थल में 7 अप्रैल से मवेशियों के मरने का सिलसिला शुुरू हुआ था। दो दिनों में 11 बछड़े व बछिया की मौत हो गई। इसके बाद रविवार को दो और सोमवार को तीन गोवंश मर गए थे। मंगलवार को बीमार पड़े तीन और गोवंशों ने मंगलवार को दम तोड़ दिया। चार की हालत मरणासन्न हैं।
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डॉ गीतम सिंह ने बताया कि तीन गोवंश का पोस्टमार्टम किया है उन्होंने मौत का कारण बताने से इंकार कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने संवेदनहीनता की हद कर दी। बीमार पड़े चार मवेशियों के लिए अलग से छाया की भी व्यवस्था नहीं की गई। आश्रय स्थल में टीन शेड का निर्माण शुरू करा दिया गया है। इससे बनने में दो दिन लग सकते हैं। एसडीएम जेपी पांडेय ने बताया कि वह मीटिंग हैं उन्हें गोवंश के मरने की जानकारी नहीं है।
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असालतगंज गो-आश्रय स्थल में फिर हुई तीन गोवंशों की मौत