फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   समधी के ढांढस बंधने पर पिता ने खाई एक रोटी

समधी के ढांढस बंधने पर पिता ने खाई एक रोटी

Tue, 19 Feb 2019 01:47 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 Feb 2019 01:47 AM IST
विज्ञापन
समधी के ढांढस बंधने पर पिता ने खाई एक रोटी

विज्ञापन

डेरापुर। शहीद श्यामबाबू के पिता राम प्रसाद ने बेटे की शहादत की खबर के बाद से खाना नहीं खाया था। सोमवार को श्यामबाबू के ससुर रामबालक, चाचा रामसजीवन और पप्पू ने उन्हें ढांढस बंधाने के साथ पोते की परवरिश का हवाला दिया। तब जाकर राम प्रसाद ने जैसे तैसे एक रोटी खाई। छोटे भाई कमलेश भी श्यामबाबू की याद में रह रह कर रोते रहते हैं। उन्होंने भी खाना नहीं खाया है। इससे शरीर में कमजोरी आ गई है। ससुर रमेश चंद्र कमलेश को ढांढस बधाते रहे।


रैगांव निवासी रज्जन सिंह यादव के भाई सिपाही लाल की कई साल पहले मौत हो गई थी। उनके बेटे मनोज कुमार को रज्जन ने ही पाला। मनोज की कई महीने पहले शादी तय होई थी। विवाह और तिलक की तारीखें तय होने के साथ निमंत्रण कार्ड भी बंट गए थे। इसी बीच गांव के चहेते लाल श्यामबाबू देश के लिए शहीद हो गए। गांव में शोक के चलते सोमवार को तिलकोत्सव की रस्म सादगी से पूरी की गई। लड़की पक्ष से कुछ लोग ही आए थे। रज्जन सिंह ने बताया कि शहीद श्यामबाबू मेरा चहेता था। उसकी कमी हमेशा खलेगी। उसने बरात में आने का वादा भी किया था।
विज्ञापन




कश्मीर से सीआरपीएफ की 115 बटालियन यूनिट के हर्षवर्धन सिंह सोमवार को रैगवां श्यामबाबू के घर पहुंचे और शहीद का अधार कार्ड आदि दस्तावेज मांगे। सीआरपीएफ की ओर से मिलने वाले धन के लिए श्यामबाबू की पत्नी रूबी, बेटी आरुषि, बेटे लकी, मां कैलाशी देवी, पिता रामप्रसाद, कमलेश के पहचानपत्र, फोटो, बैंक खाता नंबर, प्रधान के हस्ताक्षर युक्त प्रमाणपत्र आदि जमा किए। बताया कि सभी दस्तावेजों से उत्तराधिकारी की पुष्टि की जाएगी। जीवन बीमा धनराशि व अन्य क्लेम संबंधी प्रपत्र को पूरा करने के लिए भी यह दस्तावेज अनिवार्य हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन




नुनारी गांव के प्रधान एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य हर्षवर्धन सिंह, गांधी इंटर कालेज के प्रबंधक उदयन सिंह, श्यामबाबू के प्राथमिक शिक्षक रहे सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक राधेश्याम, सेवानिवृत्त शिक्षक मैन सिंह, प्रधान लवकुश घर पहुंच कर परिजनों को सांत्वना दी। हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि जमींदारी के समय शहीद श्यामबाबू के पूर्वज ननथू जहली गांव में रहते थे। उन्हें उनके बाबा ने रैंगवा में लाकर बसाया था। प्रधान रहते हुए 15 बिस्वा भूमि का पट्टा शहीद के पिता के नाम किया था। कहा कि भूमिहीन परिवार के लिए पुत्रवधू प्रधान वंदना सिंह से भूमि आवंटन शहीद की पत्नी के नाम कराने की बात कहेंगे।



समधी के ढांढस बंधने पर पिता ने खाई एक रोटी
फोटो संख्या-18 एकेबीपी-12 शहीद के परिजनों को सांत्वना देते पूर्व जिला पंचायत सदस्य
फोटो संख्या-18 एकेबीपी-13 शहीद के घर में प्रपत्र लेने आया सीआरपीएफ जवान
फोटो संख्या-18 एकेबीपी-14 शहीद का शोकाकुल परिवार
फोटो संख्या-18 एकेबीपी-15 सेना में भर्ती होने के लिए उत्साही युवा
फोटो संख्या-18 एकेबीपी-6 रैगवां में आंतकी हमले के विरोध प्रर्दशन करते लोग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed