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नौतपा में उबले लोग, पारा पहुंचा 45
Updated Sun, 27 May 2018 11:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। जिले का पारा लगातार बढ़ रहा है। नौतपा में लोग तप रहे हैं। रविवार को अधिकतम पारा 45 और न्यूनतम पारा 30 डिग्री रिकार्ड किया गया। पारा बढ़ने से सुबह होते ही सूरज की रोशनी में तपन शुरू हो गई। दोपहर को आग बरसने लगी। घर से निकले लोग धूप में तिलमिला उठे। वहीं, बिजली कटौती ने घर में बैठे लोगों का सुख चैन छीन लिया। सुबह से शाम तक कूलर, एसी शोपीस बने रहे। इनवर्टर से चलने वाले पंखे की हवा से लोगों के शरीर का पसीना तक नहीं सूखा।
अधिकतम, न्यूनतम पारा बढ़ने से रात, दिन की गर्मी बढ़ गई है। लोगों को रात में न नींद आती है और न दिन को चैन मिलता है। सुबह से तपिश शुरू हो जाती है। दोपहर को गरम हवाओं के साथ लू चली। लोग घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। दिनभर की तपिश से पक्के मकान में आग के जैसी आंच निकलने लगी। घर में मौजूद लोग गर्मी से तिलमिला उठे। सड़कों में सन्नाटा पसर गया। दुकानदार गर्मी से पसीना में तरबतर रहे। दफ्ती व हाथ पंखा हिलाते नजर आए।
दोपहर की भीषण गर्मी में यात्री रोडवेज बस व प्राइवेट सवारी गाड़ियों से सफर करने में कतराने लगे हैं। दोपहर को बस अड्डों में सन्नाटा पसरा रहता है। सुबह, शाम यात्रियों की कुछ भीड़ दिखाई देती है। पारा में लगातार उछाल आने से अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बुखार, डायरिया, दस्त और उल्टी के मरीज अधिक हैं। वहीं, भीषण गर्मी से ग्रामीण व मवेशियों की परेशानी बढ़ गई है। तपिश अधिक होने की वजह से जायद की फसलें सूखने लगी हैं। सिंचाई करने के बाद भी फसलों में रौनक नहीं आ रही है।
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फतेहपुर। जिले का पारा लगातार बढ़ रहा है। नौतपा में लोग तप रहे हैं। रविवार को अधिकतम पारा 45 और न्यूनतम पारा 30 डिग्री रिकार्ड किया गया। पारा बढ़ने से सुबह होते ही सूरज की रोशनी में तपन शुरू हो गई। दोपहर को आग बरसने लगी। घर से निकले लोग धूप में तिलमिला उठे। वहीं, बिजली कटौती ने घर में बैठे लोगों का सुख चैन छीन लिया। सुबह से शाम तक कूलर, एसी शोपीस बने रहे। इनवर्टर से चलने वाले पंखे की हवा से लोगों के शरीर का पसीना तक नहीं सूखा।
अधिकतम, न्यूनतम पारा बढ़ने से रात, दिन की गर्मी बढ़ गई है। लोगों को रात में न नींद आती है और न दिन को चैन मिलता है। सुबह से तपिश शुरू हो जाती है। दोपहर को गरम हवाओं के साथ लू चली। लोग घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। दिनभर की तपिश से पक्के मकान में आग के जैसी आंच निकलने लगी। घर में मौजूद लोग गर्मी से तिलमिला उठे। सड़कों में सन्नाटा पसर गया। दुकानदार गर्मी से पसीना में तरबतर रहे। दफ्ती व हाथ पंखा हिलाते नजर आए।
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दोपहर की भीषण गर्मी में यात्री रोडवेज बस व प्राइवेट सवारी गाड़ियों से सफर करने में कतराने लगे हैं। दोपहर को बस अड्डों में सन्नाटा पसरा रहता है। सुबह, शाम यात्रियों की कुछ भीड़ दिखाई देती है। पारा में लगातार उछाल आने से अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बुखार, डायरिया, दस्त और उल्टी के मरीज अधिक हैं। वहीं, भीषण गर्मी से ग्रामीण व मवेशियों की परेशानी बढ़ गई है। तपिश अधिक होने की वजह से जायद की फसलें सूखने लगी हैं। सिंचाई करने के बाद भी फसलों में रौनक नहीं आ रही है।
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