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तीन साल में भी रोशन नहीं हुए 1272 गांव
Updated Fri, 27 Oct 2017 11:46 PM IST
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फर्रुखाबाद। गांवों को रोशन करने की मंशा से शुरू की गई केंद्र सरकार की दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना औंधे मुंह गिरी है। आंकड़ों पर गौर करें तो तीन वर्षों में 1705 में विद्युतीकरण पूरा कर 31 मार्च तक आपूर्ति शुरू करनी है। जमीनी हकीकत यह है कि अभी तक महज 433 गांवों में ही विद्युतीकरण पूरी कर आपूर्ति शुरू करा दी गई। तय समय में बचे 1272 गांवों में विद्युतीकरण व आपूर्ति शुरू कराना कार्यदायी संस्था के लिए चुनौती है। हालांकि कार्य की धीमी प्रगति पर अधीक्षण अभियंता ने कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को चेतावनी पत्र भी जारी किया है।
ग्रामीण इलाकों में विद्युतीकरण का काम 2014 में शुरू हुआ था। एक हजार गांवों तक बिजली पहुंचाने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था ज्योति इनफैक्चर को दी गई। संस्था को विद्युतीकरण के साथ गरीबों को बीपीएल योजना के तहत मुफ्त कनेक्शन भी देने थे। कार्यदायी संस्था ने जून 2014 से जून 2016 तक लगभग
दो सौ गांवों मेें काम कराया। गुणवत्तापरक कार्य न होने के कारण इस संस्था से काम छीन लिया गया। इसके बाद इसी क्षेत्र की आरके इंड्रीज कंपनी ने 132.4 करोड़ रुपये का टेंडर भरा। 1705 गांवों में विद्युतीकरण कराने को टेंडर पास हुआ। संस्था ने जुलाई 2016 में काम शुरू किया। यह संस्था एक साल में 433
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गांवों में विद्युतीकरण कर आपूर्ति शुरू कर पाई। तय समय में कार्य पूरा न होेते देख अधीक्षण अभियंता एसके मिश्रा ने संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश वर्मा को चेतावनी नोटिस जारी कर तेजी लाने के निर्देश दिए। एक्सईएन ने पत्र के माध्यम से सभी गांवों में 31 मार्च तक विद्युतीकरण कराकर आपूर्ति शुरू करने का आदेश दिया है।
कुल गांवों में होना है विद्युतीकरण-1705
विद्युतीकरण के बाद बिजली से रोशन होने वाले गांव-433
गांवों में काम पूरा हो गया, अभी आपूर्ति शुरू नहीं हुई-103
गांवों में विद्युतीकरण का काम चल रहा है-87
1705 गांवों के लिए 132.4 करोड़ का बजट था। जब काम शुरू कराया तो 450 गांवों में काम कराने में करीब 60 करोड़ रुपये खर्च हो गया। इस तरह 132.4 करोड़ में 1200 गांवों में विद्युतीकरण काम पूरा होने की संभावना है। उच्च अधिकारियों के आदेश पर स्टीमेट का रिमाइंडर भेज दिया गया है। अभी तक पास नहीं हुआ है। सभी गांवों में जून 2018 तक पूरा कराना था, लेकिन शासन 31 मार्च तक पूरा चाहता है, कर्मचारियों की संख्या बढ़ा दी गई है। ताकि काम समय से पूरा हो सके। राजेश वर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर।
कार्यदायी संस्था को गांवों में विद्युतीकरण के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए है। अगर काम समय से पूरा नहीं हुआ तो संस्था के खिलाफ उच्च अधिकारियों को कार्रवाई के लिए लिख दिया जाएगा। प्रोजेक्ट मैनेजर को इस संबंध में पत्र भेज दिया गया है। एसके मिश्रा, अधीक्षण अभियंता विद्युत।
तीन साल में रोशन नहीं कर पाए 1272 गांव
दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से होना है 1705 गांवों का विद्युतीकरण
2014-15 में शुरू हुआ था काम, अधूरा काम छोड़कर भाग गई कार्यदायी संस्था
जून 2016 में नई कंपनी को दिया गया ठेका, 433 गांवों में पहुंच पाई है बिजली
अमर उजाला ब्यूरो
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ग्रामीण इलाकों में विद्युतीकरण का काम 2014 में शुरू हुआ था। एक हजार गांवों तक बिजली पहुंचाने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था ज्योति इनफैक्चर को दी गई। संस्था को विद्युतीकरण के साथ गरीबों को बीपीएल योजना के तहत मुफ्त कनेक्शन भी देने थे। कार्यदायी संस्था ने जून 2014 से जून 2016 तक लगभग
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दो सौ गांवों मेें काम कराया। गुणवत्तापरक कार्य न होने के कारण इस संस्था से काम छीन लिया गया। इसके बाद इसी क्षेत्र की आरके इंड्रीज कंपनी ने 132.4 करोड़ रुपये का टेंडर भरा। 1705 गांवों में विद्युतीकरण कराने को टेंडर पास हुआ। संस्था ने जुलाई 2016 में काम शुरू किया। यह संस्था एक साल में 433
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गांवों में विद्युतीकरण कर आपूर्ति शुरू कर पाई। तय समय में कार्य पूरा न होेते देख अधीक्षण अभियंता एसके मिश्रा ने संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश वर्मा को चेतावनी नोटिस जारी कर तेजी लाने के निर्देश दिए। एक्सईएन ने पत्र के माध्यम से सभी गांवों में 31 मार्च तक विद्युतीकरण कराकर आपूर्ति शुरू करने का आदेश दिया है।
कुल गांवों में होना है विद्युतीकरण-1705
विद्युतीकरण के बाद बिजली से रोशन होने वाले गांव-433
गांवों में काम पूरा हो गया, अभी आपूर्ति शुरू नहीं हुई-103
गांवों में विद्युतीकरण का काम चल रहा है-87
1705 गांवों के लिए 132.4 करोड़ का बजट था। जब काम शुरू कराया तो 450 गांवों में काम कराने में करीब 60 करोड़ रुपये खर्च हो गया। इस तरह 132.4 करोड़ में 1200 गांवों में विद्युतीकरण काम पूरा होने की संभावना है। उच्च अधिकारियों के आदेश पर स्टीमेट का रिमाइंडर भेज दिया गया है। अभी तक पास नहीं हुआ है। सभी गांवों में जून 2018 तक पूरा कराना था, लेकिन शासन 31 मार्च तक पूरा चाहता है, कर्मचारियों की संख्या बढ़ा दी गई है। ताकि काम समय से पूरा हो सके। राजेश वर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर।
कार्यदायी संस्था को गांवों में विद्युतीकरण के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए है। अगर काम समय से पूरा नहीं हुआ तो संस्था के खिलाफ उच्च अधिकारियों को कार्रवाई के लिए लिख दिया जाएगा। प्रोजेक्ट मैनेजर को इस संबंध में पत्र भेज दिया गया है। एसके मिश्रा, अधीक्षण अभियंता विद्युत।
तीन साल में रोशन नहीं कर पाए 1272 गांव
दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से होना है 1705 गांवों का विद्युतीकरण
2014-15 में शुरू हुआ था काम, अधूरा काम छोड़कर भाग गई कार्यदायी संस्था
जून 2016 में नई कंपनी को दिया गया ठेका, 433 गांवों में पहुंच पाई है बिजली
अमर उजाला ब्यूरो