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चतुर्थ श्रेणी पदों की नियुक्ति में गड़बड़ी की जांच शुरू
Updated Tue, 06 Jun 2017 12:23 AM IST
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उन्नाव। जिले में एक और घालमेल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इस बार जांच के घेरे में जिला सहकारी बैंक है। हाल ही में 20 चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियुक्तियों में रुपये लेकर अपात्रों को चयनित करने और पात्रों का चयन न करने का आरोप लगा है।
शिकायत कर्ताओं ने चयन समिति पर 1.20 करोड़ की उगाही का आरोप लगाते सहकारिता मंत्री और सीबीआई से शिकायत की है। सहकारिता मंत्री ने दो तीन उच्चाधिकारियों को एक सप्ताह में जांच पूरी करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। घालमेल का मामला विभाग के मंत्री और सीबीआई तक पहुंचने से अफसरों में हड़कंप मच गया है।
जिला सहकारी बैंक लिमिटेड में चतुर्थ श्रेणी के 20 रिक्त पदों पर जनवरी माह में नियुक्तियां हुई थी। तमाम आवेदकों ने आवेदन किया था। चतुर्थ श्रेणी पदों पर हुई नियुक्तियों में चयन समिति पर लाखों की वसूली कर नियम विपरीत नियुक्ति के आरोप लगे हैं।
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नौकरी के लिए आवेदन करने वाले झब्बूलाल, मनोज कुमार, राजकिशोर, रमन सिंह, शैलेंद्र सिंह ने नियुक्तियों में 1.20 करोड़ रुपये उगाही का आरोप लगाया हैं। 12 मई को शिकायत कर्ताओं की ओर से सहकारिता मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को दिए गए शिकायती पत्र में बताया है कि नियमों को दरकिनार कर नियुक्तियों में जमकर धांधली की गई है।
सहकारिता मंत्री को इसके साक्ष्य भी दिए गए हैं। सहकारिता मंत्री ने मामले के तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। टीम ने जांच शुरू कर दी है। शासन स्तर की जांच के साथ ही सीबीआई से की गई शिकायत से चयन समिति में शामिल अफसरों के पसीने छूट रहे हैं। अपनी गर्दन बचाने को कागजी जवाबदेही तैयार करने में जुटे हैं।
इन्हें किया गया नामित: सहकारिता मंत्री के निर्देश पर जांच के लिए शासन से गठित टीम में अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक सहकारिता एके सिंह और सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता मुख्यालय लखनऊ आनंद मिश्रा जांच की जिम्मेदारी दी गई है। विभागीय मंत्री ने एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट तलब की है।
-शिकायत पर सहकारिता मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने गठित की कमेटी
-चयन समिति पर नियम विपरीत नियुक्ति करने की शिकायत
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शिकायत कर्ताओं ने चयन समिति पर 1.20 करोड़ की उगाही का आरोप लगाते सहकारिता मंत्री और सीबीआई से शिकायत की है। सहकारिता मंत्री ने दो तीन उच्चाधिकारियों को एक सप्ताह में जांच पूरी करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। घालमेल का मामला विभाग के मंत्री और सीबीआई तक पहुंचने से अफसरों में हड़कंप मच गया है।
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जिला सहकारी बैंक लिमिटेड में चतुर्थ श्रेणी के 20 रिक्त पदों पर जनवरी माह में नियुक्तियां हुई थी। तमाम आवेदकों ने आवेदन किया था। चतुर्थ श्रेणी पदों पर हुई नियुक्तियों में चयन समिति पर लाखों की वसूली कर नियम विपरीत नियुक्ति के आरोप लगे हैं।
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नौकरी के लिए आवेदन करने वाले झब्बूलाल, मनोज कुमार, राजकिशोर, रमन सिंह, शैलेंद्र सिंह ने नियुक्तियों में 1.20 करोड़ रुपये उगाही का आरोप लगाया हैं। 12 मई को शिकायत कर्ताओं की ओर से सहकारिता मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को दिए गए शिकायती पत्र में बताया है कि नियमों को दरकिनार कर नियुक्तियों में जमकर धांधली की गई है।
सहकारिता मंत्री को इसके साक्ष्य भी दिए गए हैं। सहकारिता मंत्री ने मामले के तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। टीम ने जांच शुरू कर दी है। शासन स्तर की जांच के साथ ही सीबीआई से की गई शिकायत से चयन समिति में शामिल अफसरों के पसीने छूट रहे हैं। अपनी गर्दन बचाने को कागजी जवाबदेही तैयार करने में जुटे हैं।
इन्हें किया गया नामित: सहकारिता मंत्री के निर्देश पर जांच के लिए शासन से गठित टीम में अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक सहकारिता एके सिंह और सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता मुख्यालय लखनऊ आनंद मिश्रा जांच की जिम्मेदारी दी गई है। विभागीय मंत्री ने एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट तलब की है।
-शिकायत पर सहकारिता मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने गठित की कमेटी
-चयन समिति पर नियम विपरीत नियुक्ति करने की शिकायत