पिता सरकारी नौकर, बेटा मांगे मुफ्त का घर: आसरा आवास योजना में आए 14 हजार आवेदन, जांच में 9999 मिले अपात्र
Kanpur News: जिले में आसरा आवास योजना के तहत 14 हजार आवेदन आएथे। जांच में 9999 आवेदक अपात्र मिले हैं। वहीं, सात हजार आवेदक ऐसे रहे, जिनके पते फर्जी थे। सभी आवेदनों को निरस्त किया गया है।
- 1104 लोगों को मिलेगा योजना का लाभ।
- 4000 पात्र आवेदकों में लॉटरी से होगा चयन।
विस्तार
कानपुर में आसरा आवास योजना के तहत मुफ्त आवास पाने के लिए ऐसे लोगों ने भी आवेदन कर दिया, जिनके पिता सरकारी नौकर हैं या जिनके पास खुद के आवास हैं। योजना के तहत आए 14 हजार आवेदन पत्रों की जांच कराई गई, तो 9999 आवेदक अपात्र पाए गए। इनमें से सात हजार आवेदक ऐसे पाए गए जो, सत्यापन के दौरान दिए गए पतों पर मिले ही नहीं।
इन सभी आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले और छह हजार से कम मासिक आय वाले 1104 लोगों को केंद्र सरकार की आसरा आवास योजना के तहत आवास दिया जाना है। आवास रामादेवी के सजारी में तैयार किए जा रहे हैं। फरवरी में लॉटरी निकाली जाएगी।
डूडा विभाग में पिछले छह माह में 14 हजार से अधिक आवेदन आए थे। प्रशासन ने दिसंबर में लेखपालों से सभी आवेदन पत्रों की जांच कराई तो पता चला कि 80 फीसदी आवेदन पत्रों में दिए गए पते पर संबंधित व्यक्ति रहता ही नहीं है। कुछ ऐसे मिले जिनकी आय 50 हजार से अधिक थी। 11 लोग ऐसे मिले जिनके पास पक्का मकान था। सिर्फ 4000 आवेदन सही पाए गए।
केस: एक
हरिजन कॉलोनी, सर्वोदयनगर निवासी शुभम कुमार के पुत्र राजू ने आसरा आवास के लिए आवेदन किया था। आवेदन की जांच में पता चला कि पिता शुभम सरकारी नौकरी करते हैं।
केस: दो
काकादेव निवासी शुभम कुमार पुत्र हरीमोहन के घर पर टीम जांच करने पहुंची तो पता चला कि पिता नगर निगम में नौकरी करते हैं। पक्का मकान पहले से बना है।
केस: तीन
एलनगंज निवासी खुशबू कश्यप पति बाबू राम कश्यप ने आवास के लिए आवेदन किया था। टीम जब जांच करने पहुंची तो पता चला कि यहां पर इस नाम की कोई महिला रहती ही नहीं है।
केस: चार
श्यामनगर निवासी रीतू पत्नी प्रशांत कुमार ने आसरा आवास योजना के तहत आवेदन किया था। टीम ने जांच में पाया कि उनका खुद का पक्का मकान है। पति प्राइवेट नौकरी करते हैं।
14 हजार आवेदन पत्रों की जांच लेखपालों से कराई गई थी। करीब 10 हजार आवेदक अपात्र पाए गए हैं। उन लोगों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। करीब 4000 आवेदनों की लाॅटरी निकालकर चयनितों को आवास दिया जाएगा। -तेज प्रताप सिंह, परियोजना अधिकारी, डूडा