{"_id":"5bda0292bdec2269c41f4c5a","slug":"121541014162-kanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दलहनी फसलें बोने से पहले भूमि का शोधन करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दलहनी फसलें बोने से पहले भूमि का शोधन करें
Updated Thu, 01 Nov 2018 01:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घाटमपुर (कानपुर)। बुधवार को तहसील क्षेत्र के ग्राम सरगांव में कृषि विभाग की ओर से फील्ड डे और किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को रबी की दलहनी फसलें बोने से पहले खेत की मिट्टी का शोधन करने के तरीके समझाए। जबकि, खेत पर जाकर खरीफ की फसल ज्वार का निरीक्षण भी किया।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के जनपद सलाहकार विनोद सचान ने बताया कि रबी की दलहनी फसलों चना, मटर और मसूर की बुआई करने से पहले खेत की मिट्टी का ट्राइकोडर्मा से शोधन करें। जबकि, बीजों का शोधन थीरम और कार्बेंडाजिम से करने की सलाह दी। उन्होंने खेत पर जाकर खरीफ की फसल ज्वार का निरीक्षण भी किया।
कृषि वैज्ञानिक बच्चन चौधरी ने खाने में संकर और देशी ज्वार का प्रयोग करने की सलाह दी। बताया कि शारीरिक स्वास्थ्य के लिए यह काफी लाभदायक है। कृषि वैज्ञानिक डा. यूएन पांडेय ने किसानों को खेती के साथ ही बागवानी और सब्जी उगाने के लिए भी प्रेरित किया। बताया कि किसान अनाज के साथ ही खेतों में मिर्च, टमाटर, गोभी, बैंगन, धनियां और मेथी की खेती कर अतिरिक्त आय कर सकते हैं।
विज्ञापन
कृषि संगोष्ठी में उप संभाग घाटमपुर के प्रभारी अरुण सिंह ने विभाग से कृषि यंत्रों और बीजो पर दी जाने वाली छूट से संबंधित जानकारियां उपलब्ध कराईं। इस मौके पर राजकीय बीज भंडार के प्रभारी संजीव कुमार, बीटीएम राकेश सिंह और प्रगतिशील किसानों संजय तिवारी और राजेश अवस्थी ने भी विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के जनपद सलाहकार विनोद सचान ने बताया कि रबी की दलहनी फसलों चना, मटर और मसूर की बुआई करने से पहले खेत की मिट्टी का ट्राइकोडर्मा से शोधन करें। जबकि, बीजों का शोधन थीरम और कार्बेंडाजिम से करने की सलाह दी। उन्होंने खेत पर जाकर खरीफ की फसल ज्वार का निरीक्षण भी किया।
विज्ञापन
कृषि वैज्ञानिक बच्चन चौधरी ने खाने में संकर और देशी ज्वार का प्रयोग करने की सलाह दी। बताया कि शारीरिक स्वास्थ्य के लिए यह काफी लाभदायक है। कृषि वैज्ञानिक डा. यूएन पांडेय ने किसानों को खेती के साथ ही बागवानी और सब्जी उगाने के लिए भी प्रेरित किया। बताया कि किसान अनाज के साथ ही खेतों में मिर्च, टमाटर, गोभी, बैंगन, धनियां और मेथी की खेती कर अतिरिक्त आय कर सकते हैं।
विज्ञापन
कृषि संगोष्ठी में उप संभाग घाटमपुर के प्रभारी अरुण सिंह ने विभाग से कृषि यंत्रों और बीजो पर दी जाने वाली छूट से संबंधित जानकारियां उपलब्ध कराईं। इस मौके पर राजकीय बीज भंडार के प्रभारी संजीव कुमार, बीटीएम राकेश सिंह और प्रगतिशील किसानों संजय तिवारी और राजेश अवस्थी ने भी विचार व्यक्त किए।